West Bengal: मुर्शिदाबाद के धुलियान में हिंसा पीड़ितों से मिलीं महिला आयोग की सदस्य, फूट-फूटकर रोईं पीड़िताएं
महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने पीड़ितों से मुलाकात के बाद कहा कि 'इन महिलाओं को जो पीड़ा झेलनी पड़ रही है, उसे देखकर मैं स्तब्ध हूं। हिंसा के दौरान उन्हें जो कुछ सहना पड़ा, वह कल्पना से परे है।' रहाटकर ने पीड़ितों से कहा कि अब उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है और केंद्र सरकार उनके साथ है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
'पीड़ितों को झेलना पड़ा, वह कल्पना से परे'
महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने पीड़ितों से मुलाकात के बाद कहा कि 'इन महिलाओं को जो पीड़ा झेलनी पड़ रही है, उसे देखकर मैं स्तब्ध हूं। हिंसा के दौरान उन्हें जो कुछ सहना पड़ा, वह कल्पना से परे है।' रहाटकर ने पीड़ितों से कहा कि अब उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है और केंद्र सरकार उनके साथ है। महिला आयोग की टीम को आपबीती सुनाते हुए पीड़ित महिलाओं अपने आंसू नहीं रोक पाईं और आयोग की सदस्यों से गले मिलकर रोतीं नजर आईं।
ये भी पढ़ें- Bengal Violence: मुर्शिदाबाद दौरे पर पहुंचे राज्यपाल, पीड़ितों से मुलाकात के बाद केंद्र को भेजेंगे रिपोर्ट
#WATCH | West Bengal | After meeting the victims of Murshidabad violence, NCW chairperson Vijaya Rahatkar says, "I met the victims, especially women and children. They have been subjected to atrocities and injustice. I am here to tell them that we all are with them and they are… pic.twitter.com/DGMsbjcmHB
— ANI (@ANI) April 19, 2025
गृह मंत्री को रिपोर्ट देगा महिला आयोग
पीड़िताओं ने हाथों में प्लेकार्ड पकड़े हुए थे, जिनमें मांग की गई थी कि 'हम बीएसएफ कैंप की मांग करते हैं, हम सुरक्षा चाहते हैं।' आयोग की सदस्य अर्चना मजूमदार ने मीडिया से बातचीत में बताया कि आयोग गृह मंत्री को अपनी रिपोर्ट देगा और बीएसएफ का स्थायी कैंप बनाने की पीड़िताओं की मांग को उनके सामने रखेगा। आयोग की टीम के साथ भाजपा विधायक श्रीरूपा मित्रा चौधरी भी मुर्शिदाबाद पहुंचीं। उन्होंने कहा कि मैंने पहले कभी यहां इस स्तर पर हिंसा नहीं देखी है। वक्फ कानून के विरोध में बीती 11-12 अप्रैल को मुर्शिदाबाद के कई इलाकों में हिंसा हुई। इस हिंसा में तीन लोगों की मौत हुई। हिंसा के चलते काफी लोग विस्थापित हुए हैं। शुक्रवार को आयोग की सदस्यों ने मालदा में हिंसा प्रभावित विस्थापितों से मुलाकात की थी।
ये भी पढ़ें- ग्राउंड रिपोर्ट: मुर्शिदाबाद में दोनों समुदाय चाहते हैं शांति; अब बस मन में एक ही सवाल-किसने लगाई आग?
मुर्शिदाबाद हिंसा भयानक और अस्वीकार्य है- महिला आयोग
राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य अर्चना मजूमदार ने शनिवार को मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा को भयानक और अस्वीकार्य बताया और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार से इस घटना की जिम्मेदारी लेने का आग्रह किया। मीडियाकर्मियों से बात करते हुए मजूमदार ने कहा, 'किसी महिला ने अपने पति को खो दिया, किसी ने अपने बेटे को। लोगों को उनके घरों से घसीट कर मार डाला गया। यह भयानक है। मुझे नहीं पता कि पश्चिम बंगाल में ऐसी घटनाएं पहले कभी हुई हैं या नहीं। हमने यह सब पहली बार देखा है। यह अस्वीकार्य है। सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.