Bengal Violence: राज्यपाल बोस पीड़ितों से मुलाकात के बाद बोले- शांति चाहते हैं लोग, केंद्र को भेजेंगे रिपोर्ट
8 से 12 अप्रैल तक मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद के कई इलाकों में वक्फ कानून के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़क गई थी। इस हिंसा में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई है। हिंसा के मामले में 274 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एक दिन पहले मालदा के पीड़ितों से मुलाकात के बाद राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने आज मुर्शिदाबाद में पीड़ितों से मिलकर हालात की समीक्षा की। वे केंद्र सरकार को रिपोर्ट भी भेंजेंगे।
विस्तार
राज्यपाल ने पीड़ितों को फोन नंबर भी दिया
11 अप्रैल को भड़की हिंसा के पीड़ितों से मुलाकात के बाद राज्यपाल ने कहा कि पीड़ित "सुरक्षा की भावना" चाहते हैं। वह पीड़ितों की मांगों पर केंद्र और राज्य दोनों सरकारों के साथ चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि पीड़ितों की मांगों और सुझावों पर विचार किया जाएगा। पीड़ित मुझसे सीधे बात करने के लिए स्वतंत्र महसूस करें, इसलिए उन्हें फोन नंबर भी दिया गया है। हम उनके संपर्क में रहेंगे और निश्चित रूप से बहुत प्रभावी कदम उठाएंगे। बोस ने कहा कि वे और अधिक स्थानों का दौरा कर हिंसा में प्रभावित लोगों से मिलेंगे।
धुलियान के कुछ ग्रामीणों में आक्रोश#WATCH | West Bengal Governor CV Ananda Bose arrives in Dhuliyan to meet the victims of Murshidabad violence. pic.twitter.com/EiF5p4CvdN
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) April 19, 2025
खबरों के मुताबिक धुलियान के वार्ड 16 में एक गांव में पहुंचे राज्यपाल गांव के कुछ लोगों से नहीं मिल सके। इस पर गांव वाले भड़क गए। ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। विरोध के बीच राज्यपाल ने गांव वालों की बात सुनी। इसी इलाके में विरोध-प्रदर्शन के दौरान रोड ब्लॉक किए जाने की भी खबर है।
जिलाधिकारी ने बताया- केंद्रीय सुरक्षाबलों की मौजूदगी से शांतिपूर्ण हैं हालात#WATCH | West Bengal Governor CV Ananda Bose, National Commission for Women (NCW) team to visit violence-affected Murshidabad today
— ANI (@ANI) April 19, 2025
(Visuals from Dhuliyan, Murshidabad) pic.twitter.com/un8AMTxKa7
गवर्नर के दौरे के बीच मुर्शिदाबाद में मौजूद जिलाधिकारी (डीएम) राजर्षि मित्रा ने कहा कि हिंसा प्रभावित इलाके में पुलिस और केंद्रीय बल तैनात हैं। फिलहाल, स्थिति शांतिपूर्ण है।
#WATCH | West Bengal: Rajarshi Mitra, DM Murshidabad says, "...Police and central forces are here.. The situation is peaceful." pic.twitter.com/e6e5k0np3Z
— ANI (@ANI) April 19, 2025
महिला आयोग की टीम भी आज मुर्शिदाबाद पहुंची
इस बीच, राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने भी शनिवार को मुर्शिदाबाद का दौरा शुरू किया। शुक्रवार को कोलकाता में मीडिया से बात करते हुए रहाटकर ने कहा कि 'हमें सूचना मिली है कि प्रभावित इलाकों और राहत शिविरों में महिलाओं के साथ सही व्यवहार नहीं किया जा रहा है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने एक जांच समिति गठित की है। हम पीड़ितों से बात करेंगे और विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने से पहले स्थिति का आकलन करेंगे।' इसके बाद रविवार को आयोग की टीम, कोलकाता में राज्यपाल, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से भी मुलाकात करेगी।
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मुर्शिदाबाद दौरे पर राज्यपाल
राज्यपाल के दौरे से पहले एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, शनिवार को राज्यपाल बोस मुर्शिदाबाद जिले के शमशेरगंज के दंगा प्रभावित इलाकों में पीड़ितों से मुलाकात करेंगे। वे प्रभावित लोगों से बातचीत करेंगे। उन्होंने बताया कि बोस इसके बाद जिले के धुलियान, सुती और जंगीपुर में हिंसा प्रभावित अन्य इलाकों का दौरा करेंगे। 8 से 12 अप्रैल तक इन मुस्लिम बहुल इलाकों में वक्फ कानून के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़क गई थी। इस हिंसा में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई है। हिंसा के मामले में 274 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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हिंसा की जांच के लिए एसआईटी का गठन
गौरतलब है कि मुर्शिदाबाद जिले के कई इलाकों में वक्फ कानून के विरोध में बीती 11-12 अप्रैल को हिंसा भड़क गई थी। ये हिंसा सुती, धुलियान और जंगीपुर इलाकों में हुई। इस हिंसा में तीन लोगों की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए। धुलियान के मंदिरपाड़ा इलाके में कथित तौर पर कई महिलाओं का उत्पीड़न किया गया। हिंसा के चलते मुर्शिदाबाद में बड़े पैमाने पर विस्थापन हुआ। हिंसा की जांच के लिए नौ सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है। इस एसआईटी की अध्यक्षता डीआईजी मुर्शिदाबाद रेंज करेंगे। गठित की गई एसआईटी में एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (खुफिया शाखा), दो उपाधीक्षक - एक काउंटर इंसर्जेंसी फोर्स (सीआईएफ) से और दूसरा आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) से - पांच निरीक्षक (सीआईडी से चार और ट्रैफिक पुलिस से एक सहित), और सुंदरबन पुलिस जिले के तहत साइबर अपराध पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी शामिल हैं।
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