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West Bengal: NCW सदस्य ने बंगाल में पीड़ित भाजपा महिला नेता के घर पहुंचीं, परिजनों से मुलाकात करके जाना हाल
Mon, 01 Jul 2024 12:56 AM IST
विशांत श्रीवास्तव
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, कोलकाता
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, कोलकाता
Published by: विशांत श्रीवास्तव
Updated Mon, 01 Jul 2024 12:56 AM IST
सार
पश्चिम बंगाल में एनसीडब्ल्यू सदस्य डेलिना खोंगडुप ने महिला भाजपा नेता के घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की। कूच बिहार जिले में भाजपा महिला नेता को कथित तौर पिटाई करने के बाद निर्वस्त्र किया गया था।
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महिला आयोग
- फोटो : ani
विस्तार
पश्चिम बंगाल के कूच बिहार जिले में भाजपा महिला नेता को कथित तौर पर निर्वस्त्र करने और प्रताड़ित किए जाने के मामले में एनसीडब्ल्यू सदस्य डेलिना खोंगडुप रविवार को महिला नेता के घर पहुंची। खोंगडुप ने कहा, "मैंने पीड़िता की मां से मुलाकात की है और उनके आवास पर सुरक्षा की मांग की है।"
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राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य ने बताया कि वह माथाभांगा पुलिस स्टेशन के अधिकारियों से मिलीं और एक जुलाई को मामले में एसपी से भी बात करेंगी।
भाजपा नेता ने की CBI जांच की मांग
शनिवार को जिले के माथाभांगा इलाके में पार्टी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाली भाजपा की राज्य महासचिव अग्निमित्रा पॉल ने दावा किया था कि स्थानीय इकाई की अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष को 25 जून को टीएमसी के बदमाशों ने पीटा था और महिला नेता के कपड़े फाड़ दिए थे।
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अग्निमित्रा पॉल ने आरोप लगाया था कि पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। साथ ही उन्होंने मामले में सीबीआई जांच की मांग की थी।
नेता विपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने महिला आयोग से की थी शिकायत
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया था कि पश्चिम बंगाल के कूच बिहार जिले में तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों ने उनकी पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा की एक महिला नेता के साथ मारपीट की थी। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि उन्होंने घटना के बारे में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी), राष्ट्रीय महिला आयोग और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग को पत्र लिखकर 25 जून को हुई घटना की जानकारी दी और उनसे इसकी जांच कराने का अनुरोध किया है।
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अधिकारी ने दावा किया था कि भाजपा नेता को टीएमसी कार्यकर्ताओं द्वारा बाल पकड़कर करीब एक किलोमीटर तक खींचा गया और इस दौरान महिला नेता के कपड़े फाड़ दिए गए। पुलिस का कहना है कि पीड़िता के जीजा ने घटना के समय पीड़िता की तस्वीर ली। पुलिस का आरोप है कि झूठी अफवाहों को फैलाने के लिए ऐसा किया गया था। पुलिस का कहना है कि पीड़िता के जीजा को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके फोन को भी जब्त कर लिया गया है।
टीएमसी ने आरोपों को किया खारिज
हालांकि तृणमूल कांग्रेस के एक नेता ने आरोपों को निराधार बताकर खारिज कर दिया और दावा किया कि घटना संपत्ति के एक विवाद से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि टीएमसी का इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है। यह पूरा मामला संपत्ति विवाद से जुड़ा है। आरोपी निराधार और राजनीति से प्रेरित हैं। पुलिस घटना की जांच कर रही है।