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NCRB: अपराधों में छह फीसदी की आई कमी, एससी-एसटी मामलों में भी गिरावट; महिलाओं के खिलाफ अपराध भी घटे
Thu, 07 May 2026 03:51 AM IST
Devesh Tripathi
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Devesh Tripathi
Updated Thu, 07 May 2026 03:51 AM IST
सार
वर्ष 2024 में हत्या के 27,049 मामले दर्ज हुए, जो 2023 की तुलना में 2.4 प्रतिशत कम हैं। इन मामलों में विवाद सबसे बड़ा कारण रहा। महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भी 1.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। 2024 में 4.41 लाख मामले सामने आए, जबकि 2023 में यह संख्या 4.48 लाख थी।
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एनसीआरबी के आंकड़े
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
देश में आपराधिक मामलों में कमी आई है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 2024 के दौरान 58.85 लाख अपराध दर्ज किए गए, जो 2023 के 62.41 लाख मामलों की तुलना में लगभग 6 प्रतिशत कम हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, अपराध दर (प्रति लाख आबादी पर दर्ज मामलों की संख्या) भी घटकर 2023 के 448.3 से 2024 में 418.9 हो गई है। भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं के तहत दर्ज हर्ट (चोट) से जुड़े मामलों में 30.58 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी आई है। साल 2023 में जहां 6.36 लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए थे, वहीं 2024 में यह घटकर 4.41 लाख रह गए। रिपोर्ट में बताया गया कि यह कमी भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) लागू होने के बाद कानूनी बदलावों के कारण भी हो सकती है।
अपराध में विवाद सबसे बड़ा कारण
वर्ष 2024 में हत्या के 27,049 मामले दर्ज हुए, जो 2023 की तुलना में 2.4 प्रतिशत कम हैं। इन मामलों में विवाद सबसे बड़ा कारण रहा। महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भी 1.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। 2024 में 4.41 लाख मामले सामने आए, जबकि 2023 में यह संख्या 4.48 लाख थी। पति या रिश्तेदारों की क्रूरता ऐसे मामलों का प्रमुख कारण रहा।
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एससी/एसटी के खिलाफ अपराध घटे
अनुसूचित जातियों (एससी) के खिलाफ अपराध 3.6 प्रतिशत घटकर 55,698 रह गए, जबकि अनुसूचित जनजातियों (एसटी) के खिलाफ मामलों में 23.1 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई और ये 9,966 रह गए। साल 2024 में अपराध के विभिन्न वर्गों में गिरावट दर्ज की गई।
3.59 लाख किलो विस्फोटक जब्त
रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में देशभर में 3.59 लाख किलो से अधिक विस्फोटक जब्त किए गए। इसमें से 3,56,781.007 किलोग्राम यानी 99 प्रतिशत से भी अधिक अन्य लोगों, जैसे अपराधियों और तस्करों से जब्त किया गया। जबकि केवल 2,304 किलोग्राम उग्रवादियों और आतंकियों से जब्त हुए। अन्य विस्फोटक (जैसे आरडीएक्स व गनपाउडर) की सबसे बड़ी हिस्सेदारी रही, जो 3,48,108 किलो थी। इसमें 3,45,833 किलोग्राम गैर-आतंकी तत्वों से और 2,274 किलोग्राम उग्रवादियों से जब्त हुए।
अन्य वीडियो
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रिपोर्ट के मुताबिक, अपराध दर (प्रति लाख आबादी पर दर्ज मामलों की संख्या) भी घटकर 2023 के 448.3 से 2024 में 418.9 हो गई है। भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं के तहत दर्ज हर्ट (चोट) से जुड़े मामलों में 30.58 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी आई है। साल 2023 में जहां 6.36 लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए थे, वहीं 2024 में यह घटकर 4.41 लाख रह गए। रिपोर्ट में बताया गया कि यह कमी भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) लागू होने के बाद कानूनी बदलावों के कारण भी हो सकती है।
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अपराध में विवाद सबसे बड़ा कारण
वर्ष 2024 में हत्या के 27,049 मामले दर्ज हुए, जो 2023 की तुलना में 2.4 प्रतिशत कम हैं। इन मामलों में विवाद सबसे बड़ा कारण रहा। महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भी 1.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। 2024 में 4.41 लाख मामले सामने आए, जबकि 2023 में यह संख्या 4.48 लाख थी। पति या रिश्तेदारों की क्रूरता ऐसे मामलों का प्रमुख कारण रहा।
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एससी/एसटी के खिलाफ अपराध घटे
अनुसूचित जातियों (एससी) के खिलाफ अपराध 3.6 प्रतिशत घटकर 55,698 रह गए, जबकि अनुसूचित जनजातियों (एसटी) के खिलाफ मामलों में 23.1 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई और ये 9,966 रह गए। साल 2024 में अपराध के विभिन्न वर्गों में गिरावट दर्ज की गई।
3.59 लाख किलो विस्फोटक जब्त
रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में देशभर में 3.59 लाख किलो से अधिक विस्फोटक जब्त किए गए। इसमें से 3,56,781.007 किलोग्राम यानी 99 प्रतिशत से भी अधिक अन्य लोगों, जैसे अपराधियों और तस्करों से जब्त किया गया। जबकि केवल 2,304 किलोग्राम उग्रवादियों और आतंकियों से जब्त हुए। अन्य विस्फोटक (जैसे आरडीएक्स व गनपाउडर) की सबसे बड़ी हिस्सेदारी रही, जो 3,48,108 किलो थी। इसमें 3,45,833 किलोग्राम गैर-आतंकी तत्वों से और 2,274 किलोग्राम उग्रवादियों से जब्त हुए।
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