पवार के बाद सुप्रिया ने कहा- ये प्रधानमंत्री का बड़प्पन है कि मेरे लिए मंत्री पद का सुझाव दिया
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एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें साथ मिलकर काम करने का प्रस्ताव दिया था लेकिन उन्होंने (पवार) इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। पवार ने सोमवार को एक मराठी टीवी चैनल को दिए गए साक्षात्कार में यह दावा किया था। शरद पवार के बाद सुप्रिया सुले ने भी इसकी पुष्टि की है।
सुप्रिया सुले ने शरद पवार के उस दावे की पुष्टि कि जिसमें कहा गया था कि अगर भाजपा-राकांपा गठबंधन होता है तो पीएम मोदी ने सुले को कैबिनेट मंत्री का पदे देने की पेशकश की थी। इसके साथ ही सुप्रिया ने कहा कि ये प्रधानमंत्री का बड़प्पन है कि उन्होंने ऐसा सुझाव दिया। मैं उनकी आभारी हूं कि उन्होंने मेरे बारे में ऐसा कहा, लेकिन वो हो नहीं पाया।
सुप्रिया सुले के इस बयान के बाद यह साफ हो गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुप्रिया सुले को कैबिनेट मंत्री का ऑफर दिया था। इसके लिए भाजपा को महाराष्ट्र में एनसीपी समर्थन देती। अजित पवार के सवाल पर सुप्रिया सुले ने कहा कि वह कभी भाजपा में शामिल नहीं हुए थे। यह हमारी पार्टी और परिवार का आंतरिक मामला है। वह हमेशा मेरे बड़े भाई और पार्टी के वरिष्ठ नेता बने रहेंगे।
Nationalist Congress Party leader Supriya Sule on Ajit Pawar: He had not joined BJP. This is internal matter of our party and family. He will always remain my elder brother and senior leader of the party. https://t.co/VXX3MzV7IX pic.twitter.com/jdamrW8L8x
— ANI (@ANI) December 3, 2019
पवार ने सोमवार को कहा था पीएम मोदी ने मुझे साथ मिलकर काम करने का प्रस्ताव दिया था। मैंने उनसे कहा कि हमारे आपस में संबंध बहुत अच्छे हैं और हमेशा रहेंगे लेकिन मेरे लिए साथ मिलकर काम करना बिल्कुल संभव नहीं है। पवार ने राष्ट्रपति बनाने के प्रस्ताव पर कहा कि यह खबर बेबुनियाद है ,लेकिन मोदी नेतृत्व वाली कैबिनेट में सुप्रिया सुले को मंत्री बनाने का एक प्रस्ताव जरूर मिला था।
बता दें कि महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर चल रहे घटनाक्रम के बीच पवार ने पिछले महीने पीएम मोदी से मुलाकात की थी और मोदी कई मौकेों पर पवार की प्रशंसा कर चुके हैं। पिछले दिनों मोदी ने कहा था कि संसदीय नियमों का पालन कैसे किया जाता है, इस बारे में सभी दलों को एनसीपी से सीखना चाहिए।
अजित की बगावत को कुचल दूंगा
शरद पवार ने कहा, 'जब मुझे पता चला कि अजित पवार, भाजपा का समर्थन कर रहे हैं तो सबसे पहले मैंने उद्धव ठाकरे से सम्पर्क किया था। मैंने ठाकरे को भरोसा दिया कि जो भी हुआ सही नहीं हुआ और अजित की बगावत को मैं कुचल दूंगा। जब एनसीपी विधायकों को पता चला कि अजित के इस कदम के पीछे मेरा हाथ नहीं है तो जो भी 5-10 विधायक उनके साथ थे, वे दबाव में आ गए।'