फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   NCP disqualification pleas: Ajit faction submits 40 responses to Speaker, Sharad group nine

Maharashtra: 'चाबुक चलाने से पहले पर्दे के पीछे बहुत सी चीजें...', सुनील तटकरे का सुप्रिया सुले पर पलटवार

Fri, 24 Nov 2023 08:16 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 24 Nov 2023 08:16 PM IST
सार

Maharashtra: सुप्रिया सुले ने कहा था, "मुझे समझ नहीं आता कि अजित गुट के नेताओं ने हमारे सांसद श्रीनिवास पाटिल, मोहम्मद फैजल, फौजिया खान और वंदना चव्हाण को अयोग्य घोषित करने की मांग क्यों की। हमारे यह सांसद तो बेहतर काम कर रहे हैं।"  

विज्ञापन
NCP disqualification pleas: Ajit faction submits 40 responses to Speaker, Sharad group nine
अजित पवार गुट के नेता सुनील तटकरे। - फोटो : एएनआई

विस्तार

महाराष्ट्र में इन दिनों राकांपा के दो खेमों के बीच में सियासत गरम है। लोकसभा सदस्य सुप्रिया सुले ने निशाना साधते हुए कहा था कि उन्हें समझ नहीं आता कि अजित पवार गुट के नेताओं ने उनके सांसदों को अयोग्य घोषित करने की मांग क्यों की। उन्होंने दावा किया था कि हमारे सांसद बेहतर काम कर रहे हैं। वहीं, एक दिन बाद शुक्रवार को अजित पवार धड़े के नेता सुनील तटकरे ने सुले पर पलटवार किया है। 

विज्ञापन

सुनील तटकरे ने क्या कहा
तटकरे ने कहा, "मैंने कल सुप्रिया सुले का बयान देखा। लोकसभा में नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हुई। वास्तव में, मैं आज हर चीज का खुलासा नहीं करूंगा। लेकिन चाबुक चलाने से पहले पर्दे के पीछे बहुत सी चीजें हुईं। मैं भी उन्हें जानता हूं। शायद हममें से किसी ने जयंत पाटिल से संपर्क नहीं किया। अगर जयंत पाटिल विश्लेषण करें तो ठीक होगा, नहीं तो मैं भी बोलूंगा।"

विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने कहा, "अजित पवार तीस साल तक बारामती में रहे। उन्होंने बारामती का निर्माण किया। कोई व्यक्ति जिसका राजनीतिक जीवन 'दादा, दादा, दादा' कहते हुए बीता, उनके खिलाफ याचिका दायर करते समय ऐसा लगा कि राजनीतिक विचार अलग हैं। मैं श्रीनिवास पाटिल का सम्मान करता हूं, लेकिन सियासी लड़ाई में उम्र कोई मुद्दा नहीं है।"

विज्ञापन

सुप्रिया सुले ने कही थी यह बात
राकांपा (शरद पवार गुट) नेता सुप्रिया सुले ने कहा था, "मुझे समझ नहीं आता कि अजित गुट के नेताओं ने हमारे सांसद श्रीनिवास पाटिल, मोहम्मद फैजल, फौजिया खान और वंदना चव्हाण को अयोग्य घोषित करने की मांग क्यों की। हमारे यह सांसद तो बेहतर काम कर रहे हैं।" पाटिल (सतारा), फैजल (लक्षदीप) से सांसद हैं। वहीं, खान और चव्हाण राज्यसभा से सांसद हैं। अजित गुट के नेताओं ने सांसदों को अयोग्य ठहराने के लिए याचिका दायर की थी। याचिका में पार्टी संस्थापक शरद पवार (राज्यसभा), सुप्रिया सुले (बारामती), और अमोल कोल्हे (शिरूर) का नाम शामिल नहीं है।  

सुले ने अपने सांसदों का लिया था पक्ष
सुले ने कहा था, "पाटिल 83 साल के हैं। सतारा से सांसद हैं। वे अपने काम में बेहद कुशल हैं। सतारा ही नहीं पूरा प्रदेश जानता है कि वह कितना अच्छा काम करते हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग, तो कुछ नया ही है, जो मैं देख रही हूं। मुझे समझ ही नहीं आ रहा कि आखिर उन्होंने ऐसा किया क्या, जो उनपर कार्रवाई की मांग हो रही है। मुझे भी नहीं पता कि उन्हें पीड़ित क्यों बनाया गया।" सुले ने आगे कहा कि फैजल लक्षदीप के सांसद हैं। युवाओं का प्रतिनिधि हैं। वे कुछ नया करना चाहते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग समझ नहीं आ रहा।

अजित पवार खेमे के वकील ने किया यह दावा
वहीं, अजित पवार खेमे के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा, "वे यह देखे बिना बोल रहे हैं कि चालीस से ज्यादा विधायक उनके साथ नहीं हैं। उनके पास बहुमत नहीं है और वे पुराने बयान दे रहे हैं कि पवार जी (शरद पवार) 20 साल से वहां (पार्टी अध्यक्ष के रूप में) हैं और वह स्थायी रूप से रहेंगे। उनकी एकमात्र रुचि मामले को लटकाने में है क्योंकि वे जानते हैं कि वे जीतने वाले नहीं हैं।" अगली सुनवाई बुधवार (29 नवंबर) को होगी।

दोनों खेमों ने विधानसभा स्पीकर को सौंपे जवाब
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के शरद पवार और अजित पवार गुटों ने एक-दूसरे के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिकाओं के संबंध में आज महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नारवेकर को अपना जवाब सौंपा। अजित पवार और आठ विधायकों के एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल होने के बाद राकांपा दो जुलाई को टूट गई थी। तब से, दोनों गुटों ने पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर दावा किया है और दूसरे पक्ष के प्रति निष्ठा रखने वालों को अयोग्य घोषित करने की मांग करते हुए अध्यक्ष को याचिका दी है।

सूत्रों ने बताया कि अजित पवार गुट ने 40 प्रतिक्रियाएं सौंपी हैं जबकि पार्टी संस्थापक शरद पवार के नेतृत्व वाले धड़े ने नौ जवाब दिए हैं। उन्होंने कहा, ''राकांपा विधायकों द्वारा दायर अयोग्यता याचिकाओं से संबंधित सुनवाई अगले सप्ताह होने की उम्मीद है। संबंधित अधिकारियों को दोनों पक्षों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों और जवाबों का अध्ययन करना होगा।"

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed