दिल्ली में शरद पवार ने की सोनिया गांधी से मुलाकात, अभी नहीं खोले पत्ते
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर भाजपा और शिवसेना के बीच टकराव जारी है। नए सियासी घटनाक्रम में एनसीपी प्रमुख शरद पवार कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने उनके आवास 10 जनपथ पहुंचे। लेकिन पवार ने सधे अंदाज में बात करते हुए कहा कि हमारे पास संख्याबल नहीं है, सरकार गठन पर किसी तरह की बात नहीं हुई, मैं फिर सोनिया जी से मुलाकात करूंगा।
Delhi: NCP Chief Sharad Pawar arrives at Congress interim president Sonia Gandhi's residence pic.twitter.com/IcAaYryvTk
— ANI (@ANI) November 4, 2019विज्ञापन
इस मुलाकात के बाद शरद पवार ने कहा कि हम चाहते हैं कि जनता ने जिन्हें चुना है वह सरकार बनाएं। सरकार बनाने के सवाल पर पवार ने कहा कि हमारे पास नंबर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा को लेकर शिवसेना सख्त है। साथ ही कहा कि सोनिया गांधी से मेरी फिर मुलाकात होगी।
शरद पवार ने कहा, मैंने सोनिया गांधी को महाराष्ट्र की राजनीतिक स्थिति के बारे में जानकारी दी। हमने सरकार के गठन के बारे में ठीक से चर्चा नहीं की है। शरद पवार ने आगे कहा कि लोगों ने हमें विपक्ष में बैठने का जनादेश दिया है। न तो हमने शिवसेना से बात की है और न ही उन्होंने हमसे बात की है।
NCP Chief Sharad Pawar in Delhi: People have given us a mandate to sit in opposition. Neither have we spoken to Shiv Sena nor have they spoken to us. https://t.co/4XzNpTP0Dz
— ANI (@ANI) November 4, 2019
सियासी गलियारों में कयास हैं कि शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस का साथ लेकर प्रदेश में सरकार बनाने की कोशिशों में है। शिवसेना नेता संजय राउत इस संबंध में शरद पवार से मुलाकात भी कर चुके हैं।
एनसीपी के बदले सुर
बता दें कि अभी तक शरद पवार की पार्टी एनसीपी विपक्ष में बैठने की बात कर रही थी लेकिन अब पार्टी के सुर बदलने लगे हैं। शरद पवार से शिवसेना नेता संजय राउत मुलाकात कर चुके हैं। वहीं, कांग्रेस में भी शिवसेना को लेकर नरमी का रुख देखा जा रहा है।
वहीं, एनसीपी नेता अजीत पवार ने भी शिवसेना से गठबंधन की तरफ इशारा किया था। अजीत पवार ने स्वीकार किया था कि शिवसेना से बातचीत के लिए उन्हें फोन आया था। एनसीपी नेता नवाब मलिक ने भी कहा था कि महाराष्ट्र में सीएम शिवसेना का हो सकता है, लेकिन इसके लिए शिवसेना को भूमिका साफ करनी होगी।