ओडिशा हादसे पर NCP ने पूछा: क्या रेल मंत्री ने पढ़ी CAG रिपोर्ट; कहा- इसे लागू न करना इस्तीफे के लिए पर्याप्त
राकांपा प्रवक्ता ने यह भी पूछा कि क्या रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैग की रिपोर्ट पढ़ी है। अगर उन्होंने ऐसा किया है तो इसे गंभीरता से क्यों नहीं लिया गया और कैग के सुझावों को तुरंत लागू क्यों नहीं किया गया? ऐसा प्रतीत होता है कि मंत्रालय और मंत्री ने इस निष्पक्ष चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया।
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ओडिशा में शुक्रवार को हुए ट्रेन हादसे के बाद विपक्ष सरकार पर हमलावर है। टीएमसी, कांग्रेस,सपा और अन्य विपक्षी पार्टियों के बाद अब एनसीपी ने भी केंद्र सरकार और रेलमंत्री अश्वीनी वैष्णव पर सीधा हमला बोला है। एनसीपी ने इस दौरान सीएजी की 2022 की रिपोर्ट में सुझाए गए उपायों को लागू न करने का आरोप भी लगाया। एनसीपी के प्रवक्ता क्लाइड क्रास्टो ने पूछा कि ट्रेन हादसों को रोकने के लिए नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की 2022 की रिपोर्ट में सुझाए गए उपायों को केंद्र द्वारा लागू क्यों नहीं किया गया था। साथ ही यह भी पूछा कि ओडिशा ट्रेन हादसे के मद्देनजर कैग की 2022 की रिपोर्ट का पालन नहीं करना क्या रेल मंत्री के इस्तीफा देने का पर्याप्त कारण नहीं है?
एनसीपी ने लगाए गंभीर आरोप
साथ ही पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि कई कमियों के चलते रेल हादसे होने का इंतजार किया जा रहा था। कैग ने अपनी रिपोर्ट में इन कमियों का खुलासा भी किया था, बावजूद इसके रेल मंत्रालय और मंत्री इस चेतावनी को गंभीरता से लेने में विफल रहे।
रेल दुर्घटनाएं होने का इंतजार किया जा रहा था- एनसीपी
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रवक्ता क्लाइड क्रास्टो ने एक बयान में कहा कि 'भारतीय रेलवे में ट्रेनों का पटरी से उतरना' पर 2022 की रिपोर्ट में कई कमियों पर प्रकाश डाला गया है। इसमें पटरी से उतरने के लिए जिम्मेदार 24 कारकों का खुलासा किया गया है। एनसीपी के प्रवक्ता ने कहा कि उस रिपोर्ट में कई गंभीर प्रकृति सवाल हैं जो इस तथ्य की ओर इशारा करते हैं कि रेल दुर्घटनाएं होने का इंतजार किया जा रहा था।
उन्होंने कहा कि सीएजी ऑडिट का मुख्य फोकस यह सुनिश्चित करना था कि रेल मंत्रालय द्वारा पटरी से उतरने और टक्करों को रोकने के उपायों को स्पष्ट रूप से निर्धारित और कार्यान्वित किया गया था या नहीं। अब जबकि यह हादसा हो गया है तो साफ है कि ऑडिट रिपोर्ट का पालन नहीं किया गया था।
क्या रेल मंत्री ने पढ़ी है कैग की रिपोर्ट?
इस दौरान राकांपा प्रवक्ता ने यह भी पूछा कि क्या रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैग की रिपोर्ट पढ़ी है। अगर उन्होंने ऐसा किया है तो इसे गंभीरता से क्यों नहीं लिया गया और कैग के सुझावों को तुरंत लागू क्यों नहीं किया गया? कैग की ऑडिट रिपोर्ट में संभावित आपदाओं के बारे में रेल मंत्रालय को सतर्क किया गया था। ऐसा प्रतीत होता है कि मंत्रालय और मंत्री ने इस निष्पक्ष चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया।
बता दें कि ओडिशा के बालासोर जिले में बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस और शालीमार-चेन्नई सेंट्रल कोरोमंडल एक्सप्रेस ट्रेनें और एक मालगाड़ी दुर्घटना का शिकार हो गई थीं। ये घटना शुक्रवार शाम 7 बजे बालासोर के बहनागा बाजार स्टेशन के पास हुई। इस दुर्घटना में कम से कम 275 लोगों की मौत हो गई और 1,175 से अधिक घायल हो गए। ये घटना भारत में लगभग तीन दशकों में सबसे बड़ी रेल दुर्घटना है। इस हादसे के बाद रेल मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने टक्कर रोधी कवच प्रणाली पर बहस शुरू कर दी है।