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NCLAT : ओला के खिलाफ प्रतिद्वंदी कंपनियों की याचिका को एनसीएलएटी ने खारिज किया
Mon, 10 Jan 2022 08:49 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Mon, 10 Jan 2022 08:49 PM IST
सार
अपीलीय न्यायाधिकरण ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) द्वारा पारित आदेश को बरकरार रखा है, जिसने जुलाई 2017 में ओला के खिलाफ प्रमुख पद के दुरुपयोग के आरोपों को खारिज कर दिया था।
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ओला रकैब
विस्तार
नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) ने ओला के खिलाफ राइड शेयरिंग कंपनियों मेरु और फास्ट ट्रैक कॉल कैब द्वारा दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया है। बेंगलुरू बाजार में आक्रामक मूल्य निर्धारण के तरीके और प्रतिस्पर्धा-विरोधी सिस्टम चलाने का आरोप लगाया गया है। इन्होंने एएनआई टेक्नोलॉजीज के खिलाफ अपील दायर की जो ओला ब्रांड नाम के तहत ऐप-आधारित टैक्सी सेवा चलाती है। याचिका में यह आरोप लगाया गया था कि ओला ने हालात का फायदा उठाया और बेंगलुरु के बाजार में ड्राइवरों के साथ प्रतिस्पर्धा-विरोधी समझौते किए।
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अपीलीय न्यायाधिकरण ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) द्वारा पारित आदेश को बरकरार रखा है, जिसने जुलाई 2017 में ओला के खिलाफ प्रमुख पद के दुरुपयोग के आरोपों को खारिज कर दिया था। एनसीएलएटी के फैसले के बाद इसकी जांच शाखा के महानिदेशक (डीजी) द्वारा विस्तृत जांच की गई। दोनों संस्थाओं की याचिकाओं में सीसीआई के आदेश को चुनौती दी गई थी।
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याचिकाओं को खारिज करते हुए एनसीएलएटी ने यह भी कहा कि ओला बेंगलुरू के बाजार में दबदबे वाली स्थिति में नहीं है। इसके अलावा, चूंकि ओला प्रमुख स्थिति में नहीं है, आक्रामक मूल्य निर्धारण के जरिए प्रमुख स्थिति के दुरुपयोग का सवाल भी पैदा नहीं होता। कुल मिलाकर हमें नहीं लगता कि आयोग के 19.07.2017 के आदेशों में किसी हस्तक्षेप की आवश्यकता है।
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