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महाराष्ट्र: नागपुर में नशे के अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़, ट्रक से 500 किलो गांजा जब्त; तीन गिरफ्तार
Sun, 04 Oct 2026 10:57 PM IST
पवन पांडेय
पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई
Published by: पवन पांडेय
Updated Sun, 04 Oct 2026 10:57 PM IST
सार
एनसीबी ने नागपुर में ट्रक से 500 किलो गांजा जब्त कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गांजा ओडिशा के संबलपुर से लाया गया था और नागपुर के रास्ते महाराष्ट्र के जालना व मध्य प्रदेश के इंदौर में सप्लाई होना था। पूछताछ में अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ।
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महाराष्ट्र में एनसीबी की कार्रवाई
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने महाराष्ट्र में नशे की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नागपुर में एक ट्रक से 500 किलो गांजा बरामद किया है। कार्रवाई रविवार तड़के की गई। इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, पूछताछ में कई राज्यों में फैले नशा तस्करी के नेटवर्क का खुलासा हुआ है। एनसीबी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पश्चिम बंगाल निवासी आरपी गोलदार और ए. सरकार तथा नागपुर के कथित मुख्य रिसीवर एसएएस यूसुफ उर्फ राजाभाई के रूप में हुई है। दोनों पश्चिम बंगाल निवासी आरोपी गांजा लेकर जा रहे ट्रक में मौजूद थे।
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ओडिशा से महाराष्ट्र लाया गया था गांजा
एनसीबी को सूचना मिली थी कि एक अंतरराज्यीय गिरोह ओडिशा से महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश तक गांजे की तस्करी कर रहा है। इसके आधार पर टीम ने रविवार तड़के नागपुर में जाल बिछाया और पश्चिम बंगाल नंबर वाले एक वाणिज्यिक ट्रक को रोका। ट्रक की तलाशी लेने पर स्टील पाइपों के नीचे छिपाकर रखा गया 500 किलो गांजा बरामद हुआ। अधिकारियों के मुताबिक, गांजा ओडिशा के संबलपुर में ट्रक में लादा गया था।
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नागपुर के बाद कई शहरों में होनी थी सप्लाई
जांच में सामने आया कि गांजे की खेप नागपुर में यूसुफ को दी जानी थी। इसके बाद इसे महाराष्ट्र के जालना और मध्य प्रदेश के इंदौर तक पहुंचाने की योजना थी। एनसीबी के मुताबिक, यूसुफ पिछले करीब चार साल से नशे की तस्करी के नेटवर्क में सक्रिय था। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत पहले से कई मामले दर्ज हैं।
हाईवे से बचने के लिए बदलते थे रास्ते
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस और जांच एजेंसियों से बचने के लिए आरोपी नियमित हाईवे नेटवर्क का इस्तेमाल नहीं करते थे। वे लगातार अपने रास्ते बदलते रहते थे। एनसीबी का कहना है कि ताजा कार्रवाई पूर्वी महाराष्ट्र में अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है।
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पहले भी बड़ी मात्रा में गांजा पकड़ा
एनसीबी के मुताबिक, नागपुर और आसपास के इलाकों में इससे पहले भी गांजे की बड़ी खेप पकड़ी गई है। 11 अप्रैल को नागपुर में 209.8 किलो, 22 मई को गोंदिया में 702 किलो और 30 जून को भंडारा में 245 किलो गांजा जब्त किया गया था। ताजा कार्रवाई के बाद एजेंसी अब पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
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ओडिशा से महाराष्ट्र लाया गया था गांजा
एनसीबी को सूचना मिली थी कि एक अंतरराज्यीय गिरोह ओडिशा से महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश तक गांजे की तस्करी कर रहा है। इसके आधार पर टीम ने रविवार तड़के नागपुर में जाल बिछाया और पश्चिम बंगाल नंबर वाले एक वाणिज्यिक ट्रक को रोका। ट्रक की तलाशी लेने पर स्टील पाइपों के नीचे छिपाकर रखा गया 500 किलो गांजा बरामद हुआ। अधिकारियों के मुताबिक, गांजा ओडिशा के संबलपुर में ट्रक में लादा गया था।
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नागपुर के बाद कई शहरों में होनी थी सप्लाई
जांच में सामने आया कि गांजे की खेप नागपुर में यूसुफ को दी जानी थी। इसके बाद इसे महाराष्ट्र के जालना और मध्य प्रदेश के इंदौर तक पहुंचाने की योजना थी। एनसीबी के मुताबिक, यूसुफ पिछले करीब चार साल से नशे की तस्करी के नेटवर्क में सक्रिय था। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत पहले से कई मामले दर्ज हैं।
हाईवे से बचने के लिए बदलते थे रास्ते
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस और जांच एजेंसियों से बचने के लिए आरोपी नियमित हाईवे नेटवर्क का इस्तेमाल नहीं करते थे। वे लगातार अपने रास्ते बदलते रहते थे। एनसीबी का कहना है कि ताजा कार्रवाई पूर्वी महाराष्ट्र में अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है।
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पहले भी बड़ी मात्रा में गांजा पकड़ा
एनसीबी के मुताबिक, नागपुर और आसपास के इलाकों में इससे पहले भी गांजे की बड़ी खेप पकड़ी गई है। 11 अप्रैल को नागपुर में 209.8 किलो, 22 मई को गोंदिया में 702 किलो और 30 जून को भंडारा में 245 किलो गांजा जब्त किया गया था। ताजा कार्रवाई के बाद एजेंसी अब पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।