राष्ट्रवाद, हिंदुत्व, मोदी होंगे भाजपा के चुनाव प्रचार की धुरी, उम्मीदवारों को करना होगा इंतजार
- विधानसभा चुनाव में राष्ट्रवाद, हिंदुत्व, मोदी होंगे भाजपा के चुनाव प्रचार की धुरी
- महाराष्ट्र-हरियाणा में स्थानीय मुद्दों से पार्टी करेगी किनारा
- उम्मीदवारों को करना होगा 28 सितंबर तक इंतजार
विस्तार
हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा स्थानीय मुद्दों से किनारा करेगी। पार्टी के चुनाव प्रचार की धुरी राष्ट्रवाद, हिंदुत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी होंगे। अनुच्छेद 370 को खत्म करने के फैसले पर चुनावी राज्यों में राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत कर पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इस आशय का साफ संदेश दे दिया है। स्थानीय नेतृत्व की जगह पीएम मोदी को मुख्य चेहरा बनाने के लिए पार्टी ने इस आशय की चुनावी रणनीति तैयार की है।
दरअसल जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म करने, तीन तलाक को दंडनीय अपराध बनाने और असम में एनआरसी लागू करने जैसे मुद्दों को पार्टी विधानसभा चुनाव में बेहद अहम मान रही है। रणनीतिकारों का कहना है कि चुनावी राज्यों में इन फैसलों का व्यापक और सकारात्मक असर है। इन्हें मुद्दा बनाने पर पीएम मोदी स्वत: ही चुनावी राज्यों में पार्टी का मुख्य चेहरा बन जाएंगे। यही कारण है कि पार्टी ने इन फैसलों पर चुनावी राज्यों में जिला स्तर पर कार्यक्रम करने का फैसला किया है। पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि इस रणनीति के कारण चुनावी राज्यों में राज्य सरकार के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर को कुंद किया जा सकेगा।
धुआंधार प्रचार करेंगे पीएम मोदी
पीएम मोदी हमेशा की तरह उपचुनाव में प्रचार करने से दूर रहेंगे, लेकिन हरियाणा और महाराष्ट्र में धुआंधार प्रचार करेंगे। हरियाणा में पीएम चार रैलियां करेंगे। जरूरत पडने पर इसकी संख्या छह तक पहुंचाई जा सकती है। इसी प्रकार महाराष्ट्र में पीएम करीब एक दर्जन रैलियां करेंगे। इस राज्य में भी जरूरत पडने पर रैलियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। अपनी रैलियों में पीएम खासतौर से अनुच्छेद 370 की चर्चा करेंगे।
उम्मीदवारों को करना होगा 28 तक इंतजार
विधानसभा चुनाव और उपचुनाव में स्थिति साफ होने के लिए उम्मीदवारों को 28 सितंबर तक इंतजार करना होगा। पीएम इसी दिन अमेरिका से स्वदेश वापसी करेंगे। माना जा रहा है कि पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक 29 को होगी। इसमें उपचुनाव से जुड़ी सभी सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर दिए जाएंगे। जबकि हरियाणा और महाराष्ट्र के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी जाएगी। गौरतलब है कि उपचुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तारीख 30 सितंबर तो विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन की आखिरी तारीख चार अक्टूबर है।