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NGT: यूपी में पक्षी विहार की जमीन पर निर्माण रोका, गंगा में शव प्रवाहित करने के मामले में मुख्य सचिवों की पेशी
Sun, 05 Mar 2023 06:23 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Sun, 05 Mar 2023 06:23 AM IST
सार
जस्टिस अरुण कुमार त्यागी और जस्टिस अफरोज अहमद की पीठ ने संयुक्त समिति की रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद सुनाए फैसले में कहा कि प्रशासनिक भवन, शैक्षणिक भवन, वाणिज्यिक भवन और 100 बिस्तरों वाले एससी/एसटी छात्रावास का निर्माण प्रतिबंधित क्षेत्र में किया जा रहा है।
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एनजीटी
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने यूपी के बलिया में पक्षी विहार की भूमि पर हो रहे निर्माण पर रोक लगा दी है। एनजीटी ने जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को निर्देश दिया कि सुरहा ताल की सीमा से एक किमी. के भीतर वाली जमीन के किसी भी हिस्से पर कोई निर्माण न करें।
जस्टिस अरुण कुमार त्यागी और जस्टिस अफरोज अहमद की पीठ ने संयुक्त समिति की रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद सुनाए फैसले में कहा कि प्रशासनिक भवन, शैक्षणिक भवन, वाणिज्यिक भवन और 100 बिस्तरों वाले एससी/एसटी छात्रावास का निर्माण प्रतिबंधित क्षेत्र में किया जा रहा है। पीठ ने बलिया के डीएम और वन अधिकारियों को निर्देश दिया कि ईको सेंसेटिव जोन का सीमांकन कराकर अतिक्रमण हटाएं। साथ ही, बर्ड सेंचुरी की जमीन पर उपयुक्त साइन बोर्ड लगाने का निर्देश भी दिया।
गंगा में शव प्रवाहित करने के मामले में यूपी और बिहार के मुख्य सचिवों की होगी व्यक्तिगत पेशी
एनजीटी ने कोरोना महामारी के दौरान गंगा में बहते शवों के मामले में सभी पक्षों को 10 अप्रैल को होने वाली अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से पेश होने कहा है। केंद्रीय सचिव वन एवं पर्यावरण, सचिव जल शक्ति, महानिदेशक क्लीन गंगा, उत्तर प्रदेश और बिहार के मुख्य सचिवों को एनजीटी ने नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने के लिए एक माह का समय दिया है। जस्टिस अरुण कुमार त्यागी और एक विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद की पीठ ने यह निर्देश संजय शर्मा की ओर से दाखिल याचिका पर दिया है।
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किसानों के हित में अहम कदम
सरकार ने नैनो तरल डीएपी (डाई अमोनिया फॉस्फेट) उर्वरक को बाजार में उतारने की मंजूरी दे दी है। केंद्रीय रसायन व उर्वरक मंत्री मनसुख मांडविया ने बताया, नैनो डीएपी उर्वरक क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम है। इससे किसानों को फायदा होगा। इसे उर्वरक सहकारी संघ (इफको) ने बनाया है। नैनो डीएपी की आधा लीटर की बोतल 600 रुपये में मिलेगी। यह डीएपी की एक बोरी उर्वरक के बराबर असरदार होगी, जिसकी कीमत 1,350 रुपये है। इफको ने परंपरागत यूरिया के विकल्प के तौर पर जून, 2021 में नैनो यूरिया भी बाजार में उतारा था। नैनो यूरिया के उत्पादन के लिए यूपी व गुजरात में संयंत्र लगाए गए हैं।
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जस्टिस अरुण कुमार त्यागी और जस्टिस अफरोज अहमद की पीठ ने संयुक्त समिति की रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद सुनाए फैसले में कहा कि प्रशासनिक भवन, शैक्षणिक भवन, वाणिज्यिक भवन और 100 बिस्तरों वाले एससी/एसटी छात्रावास का निर्माण प्रतिबंधित क्षेत्र में किया जा रहा है। पीठ ने बलिया के डीएम और वन अधिकारियों को निर्देश दिया कि ईको सेंसेटिव जोन का सीमांकन कराकर अतिक्रमण हटाएं। साथ ही, बर्ड सेंचुरी की जमीन पर उपयुक्त साइन बोर्ड लगाने का निर्देश भी दिया।
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गंगा में शव प्रवाहित करने के मामले में यूपी और बिहार के मुख्य सचिवों की होगी व्यक्तिगत पेशी
एनजीटी ने कोरोना महामारी के दौरान गंगा में बहते शवों के मामले में सभी पक्षों को 10 अप्रैल को होने वाली अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से पेश होने कहा है। केंद्रीय सचिव वन एवं पर्यावरण, सचिव जल शक्ति, महानिदेशक क्लीन गंगा, उत्तर प्रदेश और बिहार के मुख्य सचिवों को एनजीटी ने नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने के लिए एक माह का समय दिया है। जस्टिस अरुण कुमार त्यागी और एक विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद की पीठ ने यह निर्देश संजय शर्मा की ओर से दाखिल याचिका पर दिया है।
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किसानों के हित में अहम कदम
सरकार ने नैनो तरल डीएपी (डाई अमोनिया फॉस्फेट) उर्वरक को बाजार में उतारने की मंजूरी दे दी है। केंद्रीय रसायन व उर्वरक मंत्री मनसुख मांडविया ने बताया, नैनो डीएपी उर्वरक क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम है। इससे किसानों को फायदा होगा। इसे उर्वरक सहकारी संघ (इफको) ने बनाया है। नैनो डीएपी की आधा लीटर की बोतल 600 रुपये में मिलेगी। यह डीएपी की एक बोरी उर्वरक के बराबर असरदार होगी, जिसकी कीमत 1,350 रुपये है। इफको ने परंपरागत यूरिया के विकल्प के तौर पर जून, 2021 में नैनो यूरिया भी बाजार में उतारा था। नैनो यूरिया के उत्पादन के लिए यूपी व गुजरात में संयंत्र लगाए गए हैं।