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कैरी बैग के लिए अतिरिक्त पैसे लेने की जानकारी न देना गलत: उपभोक्ता आयोग
Sat, 26 Dec 2020 04:39 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 26 Dec 2020 04:39 AM IST
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राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग का अहम फैसला...........
- फोटो : facebook
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जानकारी दिए बिना किसी दुकान या रिटेल आउटलेट के भुगतान काउंटर पर ग्राहकों को कैरी बैग के नाम पर अतिरिक्त रकम वसूलने को राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने अनुचित व्यापार व्यवहार (अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस) करार दिया है।
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आयोग ने अपने फैसले में कहा है कि ग्राहकों को खरीदारी से पहले यह जानने का हक है कि उससे कैरी बैग के नाम पर अतिरिक्त रकम ली जाएगी। ग्राहकों को गुप्त निर्देश व कैरी बैग की कीमत के बारे में खरीदारी से पूर्व जानने का अधिकार है। आयोग ने ये बातें मशहूर रिटेल आउटलेट बिग बाजार द्वारा दायर एक अपील को खारिज करते हुए कही है।
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दरअसल, बिग बाजार द्वारा भुगतान काउंटर पर कैरी बैग के मद में ग्राहकों से 18 रुपये लेने के चलन को एक शख्स ने उपभोक्ता अदालत में चुनौती दी थी।
शिकायतकर्ता का कहना था कि बिना पूर्व नोटिस या जानकारी दिए ग्राहकों से कैरी बैग के लिए अतिरिक्त रकम वसूलना गलत है। पहले जिला उपभोक्ता अदालत और बाद में राज्य उपभोक्ता अदालत ने भी बिग बाजार द्वारा कैरी बैग के लिए अतिरिक्त रकम लेने को अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस करार दिया था।
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उपभोक्ता फोरम ने बिग बाजार को न केवल शिकायतकर्ता को कैरी बैग के लिए गए पैसे वापस करने के लिए कहा था, बल्कि जुर्माना भी लगाया था। राज्य उपभोक्ता आयोग के आदेश को बिग बाजार ने राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग ने चुनौती दी थी।
बिना नोटिस के ही ग्राहकों से कैरी बैग वसूल रहा था बिग बाजार
आयोग ने पाया कि पूर्व में बिग बाजार मुफ्त में ग्राहकों को पॉलीथीन का कैरी बैग मुहैया कराता था। बाद में वह कपडे़ का कैरी बैग देने लगा और इसके लिए ग्राहकों से अतिरिक्त रकम वसूली जाने लगी। इसके लिए आउटलेट में कोई नोटिस नहीं थी।
ग्राहकों को इसकी पूर्व जानकारी नहीं दी जाती है, बल्कि उसे भुगतान काउंटर पर जाने के बाद कैरी बैग के लिए अतिरिक्त रकम लेने की जानकारी मिलती थी। आयोग ने पाया कि ऐसा करना ग्राहकों पर जबरन अतिरिक्त शुल्क थोपना है। आयोग ने इसे मनमाना बताया है।