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NATGRID: नेटग्रिड ने बढ़ाएगा पुलिस की ताकत, अपराधियों के लिए घातक साबित होगा डाटाबेस

Sun, 06 Jul 2025 07:24 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 06 Jul 2025 07:24 PM IST
सार

NATGRID: नेटग्रिड ने सभी राज्य पुलिस बलों से आग्रह किया है कि वे अपराध नियंत्रण के लिए उसके रियल-टाइम डेटा का सक्रिय उपयोग करें। यह प्रणाली आतंकवाद, संगठित अपराध, नकली मुद्रा और मादक पदार्थों जैसी गतिविधियों पर नजर रखने में एजेंसियों की मदद करती है। 26/11 हमलों के बाद बनी यह प्रणाली अब तेजी से आगे बढ़ रही है और राज्यों में इसके उपयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

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NATGRID asks states to use its database to control criminal activities
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : आईस्टॉक

विस्तार

नेटग्रिड ने सभी राज्य पुलिस बलों से आग्रह किया है कि वे इसके साथ अपनी सहभागिता बढ़ाएं और अपराध नियंत्रण व अपराधों की जांच के लिए इसके डाटाबेस का सक्रिय रूप से उपयोग करें। नेटग्रिड खुफिया सेवाओं और जांच एजेंसियों के लिए रियल-टाइम जानकारी साझा करता है। 

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राष्ट्रीय खुफिया ग्रिड (नेटग्रिड) सीधे गृह मंत्रालय के नियंत्रण में है। यह 11 केंद्रीय एजेंसियों और सभी राज्य पुलिस बलों के साथ आतंकवादी गतिविधियों, संगठित अपराधियों, वित्तीय लेनदेन, आव्रजन, नकली मुद्रा और मादक पदार्थों की जानकारी सहित अन्य रियल-टाइम इनपुट साझा करता है। 
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नेटग्रिड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीयूष गोयल ने सभी राज्यों के पुलिस प्रमुखों को लिखे पत्र में कहा कि वे अपने-अपने बलों में नेटग्रिड के उपयोग को बढ़ाएं, सक्रिय उपयोगकर्ताओं की संख्या बढ़ाएं और उन्हें नेटग्रिड समाधा का प्रभावी उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करें। 
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पत्र में विशेष रूप से जिला पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को नेटग्रिड डाटाबेस के व्यापक उपयोग के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया है, ताकि वे अपने अपराध नियंत्रण और कानून प्रवर्तन पहलों में इसका अधिकतम लाभ उठा सकें। गोयल ने पत्र में कहा, कृपया इसे अपनी बैठकों में समय-समय पर समीक्षा करें। नेटग्रिड लगातार समाधान में नई सुविधाएं जोड़ रहा है और नियमित प्रशिक्षण व प्रतिक्रिया सत्र आयोजित कर रहा है। 

उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर नेटग्रिड पुलिस अधिकारियों के लिए समर्थित प्रशिक्षण सत्र आयोजित कर सकता है। पत्र में बताया गया है कि सहयोग के प्रयासों से कई नए उपयोगकर्ता (यूजर) सक्रिय हो गए हैं और नेटग्रिड समाधान के उपयोग में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है। गोयल ने पत्र में कहा, मैं आंध्र प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र और असम के निरंतर उपयोग की सराहना करता हूं, जो जनवरी से जून 2025 तक के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्य हैं।  

इन राज्यों के अलावा, उन्होंने तमिलनाडु के प्रयासों की भी प्रशंसा की, जिसने जून में सक्रिय उपयोगकर्ताओं की संख्या को चार गुना बढ़ाया, जिससे प्रणाली के उपयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के बाद नेटग्रिड की अवधारणा बनी, जो आईबी, आरएंडएडब्ल्यू, सीबीआई, सीबीडीटी, डीआरआई और प्रवर्तन निदेशालय जैसी एजेंसियों की जानकारी उपलब्ध कराता है। इसमें रेलवे, बैंक, एयरलाइंस, क्रेडिट कार्ड कंपनियां और आव्रजन जैसी 20 से अधिक श्रेणियों का डाटाबेस शामिल है।


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आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, अमित शाह के 2019 में गृह मंत्री बनने के बाद नेटग्रिड पर कार्य तेज हुआ। देश के इतिहास की सबसे बड़ी आतंकवादी घटना 2008 के मुंबई हमलों ने यह स्पष्ट कर दिया था कि सुरक्षा एजेंसियों के पास रियल-टाइम में जरूरी जानकारी खोजने की कोई व्यवस्था नहीं थी। इसकी कमी को अमेरिकी आतंकवादी संदिग्ध डेविड हेडली के 2006 से 2009 के बीच देश में घूमने के दौरान उसकी गतिविधियों का पता लगाने में एक बड़ी बाधा माना गया।

अधिकारियों ने बताया कि हेडली ने पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा को अपने लक्ष्यों की महत्वपूर्ण जानकारी और वीडियो उपलब्ध कराए थे, जिन्होंने 26/11 मुंबई हमलों को अंजाम दिया, जिसमें 166 लोगों की मौत हुई। सुरक्षा पर कैबिनेट समिति (सीसीएस) ने आठ अप्रैल 2010 को 3400 करोड़ रुपये की इस परियोजना को मंजूरी दी थी, लेकिन 2012 के बाद इसका काम धीमा पड़ गया था। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सुरक्षा परियोजना के महत्व को समझा और इसके पुनरुद्धार के निर्देश दिए। 

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