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Gujarat: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बोले- तकनीक और लोगों के हित को बनाएं सहकारी क्षेत्र की कार्य संस्कृति
Sun, 06 Jul 2025 05:10 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आणंद (गुजरात)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आणंद (गुजरात)
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 06 Jul 2025 05:10 PM IST
सार
Gujarat: केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने सहकारिता क्षेत्र में पारदर्शिता, तकनीक और जनहित को कार्य संस्कृति का हिस्सा बनाने की अपील ती औक कहा कि बिना तकनीक सहकारिता की समृद्धि संभव नहीं है। उन्होंने सहकारिता के विकास के लिए पांच ‘पी’ — पीपुल्स, पीएसी, प्लेटफॉर्म, पॉलिसी और प्रोसपेरिटी — को आवश्यक बताया।
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अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को सहकारिता क्षेत्र के नेताओं से अपील की कि वह पारदर्शिता, तकनीक का उपयोग और सदस्यों के हित को अपनी कार्य संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाएं, ताकि सफलता हासिल की जा सके। शाह आणंद में अमूल डेयरी परिसर में सहकारिता मंत्रालय के चौथे स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे।
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उन्होंने कहा, पारदर्शिता, तकनीक और सदस्यों (किसानों और सहकारी संस्थाओं) को प्राथमिकता देना आवश्यक है। तकनीक के बिना सहकारिता की समृद्धि संभव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा, अपने कार्य के केंद्र में लोगों के हितों को रखना भी बहुत जरूरी है। शाह ने सहकारिता से इन तीन सिद्धांतों को अपनी कार्य संस्कृति में आत्मसात करने और जम्मू-कश्मीर से कामाख्या (असम का एक मंदिर) और देश के हर गांव तक फैलाने का आह्वान किया।
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उन्होंने कहा कि इस समारोह के दौरान शुरू की गई दस पहलों से एक मजबूत ब्रांड का निर्माण होगा, जैसा कि अमूल है। इनमें गुजरात में एक नमक सहकारी संस्था की स्थापना भी शामिल है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारी क्षेत्र में दो लाख प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पीएसी) का पंजीकरण, देश के पहले राष्ट्रीय सहकारी विश्वविद्यालय 'त्रिभुवन' की स्थापना और डेयरी क्षेत्र में तीन नए राष्ट्रीय सहकारी संस्थानों का गठन किया गया है।
शाह ने क्षेत्र को आगे बढ़ने के लिए पांच ‘पी’ — ‘पीपुल्स’ (लोग), ‘पीएसी’ (प्राथमिक सहकारी समितियां), ‘प्लेटफॉर्म’ (डिजिटल जैसे मंच), ‘पॉलिसी’ (नीति) और ‘प्रोसपेरिटी’ (समृद्धि) — को अपनाने की सलाह दी।
मंत्री ने कहा कि चार साल पहले प्रधानमंत्री मोदी ने 'सहकारिता से समृद्धि' के मंत्र के साथ सहकारिता मंत्रालय की नींव रखी थी, जिससे इस प्रणाली को नया जीवन मिला। उन्होंने बताया कि इन चार वर्षों में केंद्र सरकार ने इन पांच 'पी' के आधार पर 60 से अधिक पहलें शुरू की हैं।
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शाह ने बताया कि पहले ‘पी’(पीपुल्स) का अर्थ है कि इन पहलों का प्राथमिक लाभ देश की जनता को मिलेगा। दूसरे ‘पी’(पीएसी) का मतलब है कि पीएसी के माध्यम से हम प्राथमिक सहकारी मंडलों को मजबूत कर रहे हैं। तीसरे ‘पी’ (प्लेटफॉर्म) का मतलब है कि इन प्लेटफॉर्म के अंतर्गत हमने विभिन्न सहकारी गतिविधियों की शुरुआत की है। चौथे पी (पॉलिसी) का मतलब नीति है और पांचवें पी का मतलब है कि न केवल किसी एक व्यक्ति बल्कि पूरे समाज की समृद्धि, गरीबों, श्रमिकों और किसानों की समृद्धि है।
शाह ने बताया कि अमूल का सालाना टर्नओवर अगले साल एक लाख करोड़ तक पहुंच जाएगा, जो अभी 80,000 करोड़ रुपये है। शाह ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि भी अर्पित की। उन्होंने कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग कभी नहीं बन पाता, अगर मुखर्जी का बलिदान न होता।