मोदी के मुस्लिम देशों के दौरे से आतंकी संगठन बौखलाए
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुस्लिम देशों के दौरे से आतंकी संगठन बौखला गए हैं। दरअसल ईरान से समझौता पाकिस्तान को रास नहीं आ रहा है। पीएम के अफगानिस्तान दौरे के क्रम में अनंतनाग में लगातार दो हमले कर आतंकी संगठनों ने अपना इरादा जता दिया है। हमले की जिम्मेदारी लेने वाले आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन को पाकिस्तानी सेना का संरक्षण प्राप्त है।
आतंकियों ने हमले के लिए मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती का गृह जिला चुना, जहां 22 जून को विधानसभा उपचुनाव होने वाला है। उधर अलगाववादियों ने चुनाव बहिष्कार का एलान कर चुनाव आयोग के लिए नई चुनौती पैदा कर दी है। आतंकी हमले की घटनाओं में आई तेजी को गृह मंत्रालय ने गंभीरता से लिया है। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने हमले के तुरंत बाद बीएसएफ के डीजी को जम्मू-कश्मीर भेजकर सख्त संदेश दिए हैं।
सेना और सुरक्षा बलों को आतंकी ठिकानों की तलाश तेज करने के निर्देश दिए गए
सेना और सुरक्षा बलों को आतंकी ठिकानों की तलाश तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। गृह मंत्री ने दो दिन पहले ही महबूबा मुफ्ती के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा की थी। दरअसल सेना और सुरक्षा बलों ने आतंकियों के ठिकाने ध्वस्त करने का अभियान जब से तेज किया है, तब से सुरक्षा बलों पर हमले बढ़े हैं।
सूत्रों ने बताया कि 2013 के बाद से आतंकी हमले बढ़े हैं। सूत्रों के अनुसार जम्मू-कश्मीर में 250 से अधिक आतंकी सक्रिय हैं। चार साल में 213 आतंकी घुसपैठ कर घाटी में घुस आए हैं। इसके अलावा स्थानीय युवकों की भी आतंकी संगठनों ने भर्ती की है।
पुलवामा में इन्हें बाकायदा प्रशिक्षण भी दिया गया था। साढ़े तीन साल में सुरक्षा बलों के 150 से अधिक जवानों ने शहादत दी है। इन हमलों में 61 नागरिकों को भी जानें गंवानी पड़ी हैं। 2013 में आतंकी हमलों की 170 घटनाएं हुईं थीं, जो 2015 में बढ़कर 208 हो गई। इस साल अब तक 65 आतंकी हमले हो चुके हैं।