पीएम मोदी ने कहा- 1947 की चूक का प्रायश्चित है करतारपुर कॉरिडोर
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में सिखों के गुरु गोबिंद सिंह की जयंती पर स्मारक सिक्का जारी किया है। इस मौके पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी मौजूद है। सिक्का जारी करने के बाद पीएम एक सभा को भी संबोधित करेंगे। बता दें कि सिखों के दसवें गुरु- गुरु गोबिंद सिंह अपनी शिक्षाओं और आदर्शों के माध्यम से लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहे हैं। सिक्का जारी करने के बाद अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि भारत के पास जो संस्कृति और ज्ञान की विरासत है उसको दुनिया के चप्पे-चप्पे तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है। गुरु गोबिंद सिंह जी का काव्य भारतीय संस्कृति के ताने-बाने और हमारे जीवन की सरल अभिव्यक्ति है। जैसे उनका व्यक्तित्व बहुआयामी था वैसे ही उनका काव्य भी अनेक और विविध विषयों को अपने अंदर समाहित किये हुए है।
उन्होंने कहा, 'केंद्र सरकार के अथक प्रयासों से करतारपुर कॉरिडोर बनाने जा रहा है, अब गुरु नानक के मार्ग पर चलने वाला हर भारतीय दूरबीन के बजाए अपनी आंखों से गुरुद्वारा दरबार साहिब के दर्शन कर पाएगा। अगस्त 1947 में जो चूक हो गई थी ये उसका प्रायश्चित है। हमारे गुरू का सबसे महत्वपूर्ण स्थल सिर्फ कुछ ही किलोमीटर दूर था लेकिन उसे भी अपने साथ नहीं लिया गया। ये कॉरिडोर उस नुकसान को कम करने का प्रमाणिक प्रमाण है।'
पीआईबी द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि पीएम मोदी 5 जनवरी, 2017 को पटना में श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज की 350 वीं जयंती के समारोह में शामिल हुए थे। उन्होंने इस अवसर पर एक स्मारक डाक टिकट भी जारी किया था। उस समय अपने संबोधन में पीएम ने उल्लेख किया था कि गुरु गोविंद सिंह ने किस प्रकार से खालसा पंथ और भारत के विभिन्न क्षेत्रों से पांच पंचप्यारों के माध्यम से देश को एकजुट करने का एक अनूठा प्रयास किया था। उन्होंने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी ने ज्ञान को अपने शिक्षण का आधार बनाया।
पीएम ने 30 दिसंबर, 2018 को प्रसारित अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में गुरु गोबिंद सिंह की समाज के कमजोर वर्गों के लिए किये गये अथक प्रयासों का स्मरण करते हुए कहा था कि गुरु गोविंद सिंह जी का मानना था कि मानव पीड़ा को दूर करना ही सबसे बड़ी सेवा है। पीएम ने गुरु गोबिंद सिंह जी की वीरता, त्याग और समर्पण भाव की भी सराहना की थी। लुधियाना में 18 अक्टूबर 2016 को राष्ट्रीय एमएसएमई पुरस्कार समारोह में, प्रधानमंत्री ने गुरु गोबिंद सिंह जी के संदेश को स्मरण किया कि लोगों को संपूर्ण मानव जाति को एक मानना चाहिए- कोई भी व्यक्ति श्रेष्ठ या हीन एवं छूत या अछूत नहीं है, उनके यह विचार आज भी प्रासंगिक है।
15 अगस्त, 2016 को अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में पीएम मोदी ने एक बार फिर देश के लिए बलिदान की गाथा का उल्लेख किया, जो सिख गुरुओं की परंपरा रही है। इससे पहले पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर उनके सम्मान में सौ रुपये का एक स्मारक सिक्का जारी किया था। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा था, 'अटलजी का जीवन आने वाली पीढ़ियों को सार्वजनिक जीवन के लिए, व्यक्तिगत जीवन के लिए, राष्ट्र जीवन के लिए समर्पण भाव के लिए हमेशा हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।'
Delhi: Prime Minister Narendra Modi releases commemorative coin to mark birth anniversary of Guru Gobind Singh. Former Prime Minister Manmohan Singh also present. pic.twitter.com/CRTntukN9f
— ANI (@ANI) January 13, 2019