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Nanded: CM शिंदे ने कहा- डॉक्टर-दवाओं की कमी नहीं, चिकित्सा शिक्षा मंत्री बोले- जांच के लिए किया कमेटी का गठन
Wed, 04 Oct 2023 03:36 AM IST
जलज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: जलज मिश्रा
Updated Wed, 04 Oct 2023 03:36 AM IST
सार
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मगंलवार को साप्ताहिक बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि अस्पताल में पर्याप्त दवाएं है। अस्पताल कर्मचारियों की कमी से भी नहीं जूझ रहा है।
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Eknath Shinde
- फोटो : Social Media
विस्तार
महाराष्ट्र के सरकारी अस्पताल में हुई 31 मौतों के कारण बवाल मचा हुआ है। विपक्ष महाराष्ट्र सरकार पर लगातार हमला कर रही है। आलोचनाओं के बीच मुख्यमंत्री का कहना है कि उनकी सरकार अस्पताल में हो रही मौतों को लेकर गंभीर है। जांच की जा रही है, जिसके बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, सीएम ने दवाओं और डॉक्टरों की कमी को नकार दिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नांदेड़ के डॉ. शंकरराव चव्हाण सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 30 सितंबर से अब तक 35 मौतें हो गईं हैं।
मामले को लेकर सरकार गंभीर
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मगंलवार को साप्ताहिक बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि अस्पताल में पर्याप्त दवाएं है। अस्पताल कर्मचारियों की कमी से भी नहीं जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि मृतकों में अधिकतर हृदय रोग से पीड़ित बुजुर्ग, कम वजन वाले शिशु या दुर्घटना पीड़ित लोग शामिल हैं। मौतें दुर्भाग्यपूर्ण हैं। हम मामले में गंभीर है। जांच के आदेश दिए गए हैं और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
अगले 15 दिनों में ही दिखने लगेंगे सुधार
महाराष्ट्र के चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ मामले में कहा कि दवाओं की कमी नहीं है। अस्पताल के पास अभी चार से पांच करोड़ रुपये हैं। हम गंभीर है। हमारे लिए बच्चों, बुजुर्गों सभी की जिंदगी महत्वपूर्ण है। किस लापरवाही के कारण लोगों की मौतें हो रही हैं, इसकी जांच की जाएगी। अस्पताल में जो कमियां हैं, उन्हें दूर करेंगे। अगले 15 दिनों में ही आपको अंतर दिखने लगेगा। सफाई के लिए हम आउटसोर्सिंग पर विचार कर रहे हैं। अगर अस्पताल में डॉक्टरों की कमी होगी तो निजी डॉक्टरों को काम पर रखा जाएगा। हर पहलुओं की जांच की जाएगी। जांच के लिए डॉक्टरों की एक कमेटी का गठन किया गया है। आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा। अस्पतालों में बिस्तर बढ़ाए जा रहे हैं।
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इन मुद्दों पर भी रखा पक्ष
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, सीएम शिंदे से सवाल किया गया कि क्या बिहार की तरह महाराष्ट्र में भी जातिगत सर्वेक्षण किया जाएगा। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि अगर जरूरत महसूस होती है तो प्रदेश में भी जातिगत जनगणना जरूर करेंगे। बैठक में उपमुख्यमंत्री अजित पवार शामिल नहीं हुए थे, इस पर उन्होंने कहा कि आप लोग किसी निष्कर्ष पर मत पहुंचिए।
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मामले को लेकर सरकार गंभीर
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मगंलवार को साप्ताहिक बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि अस्पताल में पर्याप्त दवाएं है। अस्पताल कर्मचारियों की कमी से भी नहीं जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि मृतकों में अधिकतर हृदय रोग से पीड़ित बुजुर्ग, कम वजन वाले शिशु या दुर्घटना पीड़ित लोग शामिल हैं। मौतें दुर्भाग्यपूर्ण हैं। हम मामले में गंभीर है। जांच के आदेश दिए गए हैं और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
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अगले 15 दिनों में ही दिखने लगेंगे सुधार
महाराष्ट्र के चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ मामले में कहा कि दवाओं की कमी नहीं है। अस्पताल के पास अभी चार से पांच करोड़ रुपये हैं। हम गंभीर है। हमारे लिए बच्चों, बुजुर्गों सभी की जिंदगी महत्वपूर्ण है। किस लापरवाही के कारण लोगों की मौतें हो रही हैं, इसकी जांच की जाएगी। अस्पताल में जो कमियां हैं, उन्हें दूर करेंगे। अगले 15 दिनों में ही आपको अंतर दिखने लगेगा। सफाई के लिए हम आउटसोर्सिंग पर विचार कर रहे हैं। अगर अस्पताल में डॉक्टरों की कमी होगी तो निजी डॉक्टरों को काम पर रखा जाएगा। हर पहलुओं की जांच की जाएगी। जांच के लिए डॉक्टरों की एक कमेटी का गठन किया गया है। आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा। अस्पतालों में बिस्तर बढ़ाए जा रहे हैं।
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इन मुद्दों पर भी रखा पक्ष
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, सीएम शिंदे से सवाल किया गया कि क्या बिहार की तरह महाराष्ट्र में भी जातिगत सर्वेक्षण किया जाएगा। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि अगर जरूरत महसूस होती है तो प्रदेश में भी जातिगत जनगणना जरूर करेंगे। बैठक में उपमुख्यमंत्री अजित पवार शामिल नहीं हुए थे, इस पर उन्होंने कहा कि आप लोग किसी निष्कर्ष पर मत पहुंचिए।