87 फीसदी ग्रामीण घरों में मोबाइल, लेकिन अभी भी कर्ज में 52 फीसदी परिवार: नाबार्ड
ग्रामीण इलाकों में रह रहे लोगों की आर्थिक स्थिति अब सुधरने लगी है। 87 फीसदी ग्रामीण घरों में अब मोबाइल आ चुका है और उनकी बचत का अधिकतर हिस्सा बैंकों में जमा होने लगा है। लेकिन चिंता की बात है कि कृषि से जुड़े 52.5 फीसदी परिवार अभी कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं। नाबार्ड के हालिया सर्वेक्षण में ये बातें सामने आई हैं।
सर्वेक्षण के मुताबिक, ग्रामीण परिवारों की औसत आय अब कृषि से ज्यादा दैनिक मजदूरी से होने लगी है। कृषि पर आश्रित एक ग्रामीण परिवार की औसत वार्षिक आय 1,07,172 रुपये है, जबकि गैर-कृषि गतिविधियों से जुड़े ग्रामीण परिवारों की औसत वार्षिक आय 87,228 रुपये है। रिपोर्ट के मुताबिक, मासिक आमदनी का 19 प्रतिशत हिस्सा कृषि से आता है, जबकि औसत आमदनी में दैनिक मजदूरी का हिस्सा 40 फीसदी से अधिक है।
इस सर्वेक्षण में देश के 29 राज्यों के 40,327 कृषि और कृषित्तर ग्रामीण परिवारों के 1.88 लाख व्यक्तियों को शामिल किया गया था। यह सर्वेक्षण 2016-17 में किया गया था। सर्वेक्षण से पता चला है कि वर्ष 2012-13 के लिए 70वें चक्र के एनएसएसओ के स्थिति आंकलन सर्वेक्षण के अनुमानों की तुलना में वर्ष 2015-16 को समाप्त तीन वर्ष की अवधि के दौरान कृषि परिवारों की आय के स्तर में 40 फीसदी की वृद्धि हुई है और 90 फीसदी ग्रामीण परिवारों के बैंक खाते खुल गए हैं।
88 फीसदी परिवारों के पास बचत खाता
सर्वेक्षण के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बैंकिंग क्षेत्र से जोड़ने के लिए सरकार द्वारा चलाए गए अभियान का काफी लाभ हुआ है। अब ग्रामीण क्षेत्र के 88.1 फीसदी परिवारों के पास बचत खाते हैं, जबकि कृषि क्षेत्र के जुड़े 55 फीसदी परिवारों के पास कम से कम एक बैंक खाता है। प्रति परिवार बचत की बात करें तो वो औसतन 17,488 रुपये बचत करते हैं।
वहीं, कृषि से जुड़े करीब 26 फीसदी परिवार और गैर-कृषि क्षेत्र के 25 फीसदी परिवार के पास बीमा है। इसके अलावा करीब 20 फीसदी किसान परिवार पेंशन योजना से जुड़े हुए हैं, जबकि गैर-कृषि क्षेत्र के करीब 18 फीसदी परिवारों के पास पेंशन योजना है।
87 फीसदी परिवारों के पास मोबाइल
रिपोर्ट में बताया गया है कि ग्रामीण इलाकों के 87 फीसदी परिवारों के पास मोबाइल और 58 फीसदी परिवारों के पास आज टीवी है। वहीं, 34 फीसदी परिवारों के पास मोटरसाइकिल और 3 फीसदी परिवारों के पास कार है। इसके अलावा 2 फीसदी परिवार लैपटॉप और एसी से लैस हैं।
औसत आय के मामले में पंजाब नंबर वन
ग्रामीण परिवारों के औसत आय के मामले में पंजाब नंबर एक पर है। यहां के ग्रामीण परिवारों की औसत आय 16,020 रुपये है। वहीं इस मामले में केरल (15,130) दूसरे नंबर पर और हरियाणा (12,072) तीसरे नंबर पर है, जबकि आखिरी तीन पायदानों पर उत्तर प्रदेश (6,257), झारखंड (5,854) और आंध्र प्रदेश (5,842) हैं।
47 फीसदी परिवारों पर कर्ज का बोझ
नाबार्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, पूरे देश में करीब 47 फीसदी परिवार कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं। इनमें कृषि से जुड़े 52.5 फीसदी परिवार और गैर-कृषि क्षेत्र के 42.8 फीसदी परिवार हैं।