फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Muslims Panchayat in Gorakhnath Temple

छवि कट्टर हिंदू की, मगर यहां मुस्लिमों के मसीहा हैं आदित्यनाथ

Mon, 20 Mar 2017 10:12 AM IST
टीपी शाही/अमर उजाला, गोरखपुर।
टीपी शाही/अमर उजाला, गोरखपुर। Updated Mon, 20 Mar 2017 10:12 AM IST
विज्ञापन
Muslims Panchayat in Gorakhnath Temple

प्रदेश के नव नियुक्त मुख्यमंत्री आदित्यनाथ की छवि भले ही कट्टर हिंदू की हो, पर अनेक अवसरों पर वह मुस्लिमों के मसीहा के रूप में नजर आए हैं। बहुत से ऐसे अल्पसंख्यक समुदाय के लोग हैं जिनकी समस्याओं का निराकरण मंदिर में ही होता है। कई बार मुस्लिम समुदाय के लोगों ने योगी जिंदाबाद के नारे लगाए हैं।

विज्ञापन


पुराना गोरखनाथ निवासी जुनैद अहमद अंसारी बताते हैं कि 2014 में मोहल्ले की बड़ी जामा मस्जिद के पास कुछ लोगों ने रास्ता अवरुद्ध कर दिया था। उस मुहल्ले में अंसारी बिरादरी की संख्या सबसे अधिक है। जब अंसारी लोगों ने विरोध-प्रदर्शन शुरू किया तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। उस समय सपा की सरकार थी और सत्ता पक्ष के लोग अंसारियों की मुखालफत कर रहे थे। जिस व्यक्ति ने रास्ता अवरुद्ध किया था वह न्याय विभाग से जुड़े व्यक्ति का रिश्तेदार था।
विज्ञापन


प्रशासन भी उसके दबाव में था। हम लोग महंत से मिले। उन्होंने प्रशासन के लोगों से कहा कि अन्याय बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने खुद जाकर रास्ता देखा और उनकी उपस्थिति में वहां पर लगे ईंटों को उखाड़ कर फेंक दिया गया। वहां योगी जिंदाबाद के नारे लगने लगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

'हम लोगों के मसीहा हैं योगी आदित्यनाथ'

Muslims Panchayat in Gorakhnath Temple
Yogi Adityanath
महानगर के मिर्जापुर मुहल्ला निवासी एक महिला अपनी बेटी और नाती के साथ गोरखनाथ मंदिर पहुंची थी। मंदिर का प्रबंधन देखने वाले द्वारिका तिवारी से अपने नाती के सेंट्रल स्कूल में ट्रांसफर का पत्र लिखवा रही थी। इस दौरान आदित्यनाथ का जिक्र आया तो उसने बताया कि हम लोगों के मसीहा हैं। बगल में खड़ी बेटी की तरफ इशारा करते हुए कहा कि इसकी शादी बहराइच में हुई है। इसका पति सऊदी अरब में रहता था। इसको बगैर बताए दूसरी शादी कर लिया। जब इसने विरोध किया तो तलाक देने की धमकी देने लगा।

कई मौलाना से फरियाद की पर किसी ने नहीं सुनी। फिर बेटी को लेकर आई और महंत से पीड़ा बताई। उन्होंने ने तुरंत एसपी बहराइच को फोन लगाया। तत्कालीन आईजी से कहा कि बेटी की एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। दामाद जब जेल गया तो उसके परिवार वाले समझौते के लिए दौड़ लगाने लगे।

इसी तरह से रसूलपुर मुहल्ले में एक मदरसे की जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया। मदरसे के मौलवी थक कर मंदिर पहुंचे। सांसद के समक्ष पूरी बात रखी। उन्होंने तुरंत एसएसपी को फोन मिलाया कहा कि एक घंटे के अंदर मदरसे की जमीन खाली नहीं हुई तो तुम जानोगे तुम्हारा काम जानेगा। आनन फानन में रास्ता खाली हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed