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Book Release: मुरली मनोहर जोशी बोले- ‘हम’ और ‘वे’ के कारण दुनिया में संघर्ष, भारतीय दर्शन ही शांति का मार्ग

Fri, 27 Oct 2023 03:06 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Fri, 27 Oct 2023 03:06 AM IST
सार

मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि लोगों ने किसी तरह उन वर्षों को तो पूरा कर लिया लेकिन ऐसा लगता है कि हम अगले 50 वर्षों को पार नहीं कर पाएंगे। जलवायु की स्थिति गंभीर है। बंदूकें, रॉकेट, बमबारी, नरसंहार, धमकियां और दूसरे विश्व युद्ध की चेतावनियां है।

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Murli Manohar Joshi says Conflict in world is due to us and them Indian philosophy is path to peace
मुरली मनोहर जोशी - फोटो : ANI

विस्तार

इस्राइल हमास युद्ध के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि दुनिया गंभीर संकट में फंसी हुई है। उन्होंने शांति और समृद्धि के लिए लोगों से भारतीय दर्शन का शरण लेने का आह्वान किया है। दुनिया खतरनाक समय से गुजर रही है। उन्होंने इस्राइल हमास युद्ध पर भी चिंता जाहिर की। दुनिया में मौजूदा स्थिति को देखकर ऐसा लगता है कि मनुष्य 50 साल से अधिक समय तक धरती पर जीवित नहीं रह पाएंगे।

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भाजपा नेता जोशी गुरुवार को आरएसएस पदाधिकारी और विचारक मनमोहन वैद्य की पुस्तक वी एंड द वर्ल्ड अराउंड के विमोचन कार्यक्रम में पहुंचे थे। यहां उन्होंने कहा कि 1979 में तत्कालीन संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा था कि अगर नेताओं ने हथियार नहीं छोड़ा, एक-दूसरे पर हमले बंद नहीं हुए और प्रकृति को नष्ट करना बंद नहीं किया तो मनुष्यों के पास अब सिर्फ कुछ ही साल है। उन्होंने कहा था कि दुनिया गंभीर स्थिति में है।

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संयुक्त राष्ट्र अब बेकार हो गया
जोशी ने आगे कहा कि लोगों ने किसी तरह उन वर्षों को तो पूरा कर लिया लेकिन ऐसा लगता है कि हम अगले 50 वर्षों को पार नहीं कर पाएंगे। जलवायु की स्थिति गंभीर है। बंदूकें, रॉकेट, बमबारी, नरसंहार, धमकियां और दूसरे विश्व युद्ध की चेतावनियां है। अब तो कहा जा रहा है कि संयुक्त राष्ट्र बेकार हो गया है। इसके प्रमुख को इस्तीफा देना चाहिए। दुनिया अब बंट रही है।

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वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिति खराब हो गई है। हमारे चारों ओर अशांत अर्थव्यवस्था है। कट्टरपंथी और हिंसक दुनिया है। दुनिया में आज कहीं भी शांति नहीं है। दुनिया संतुलित है। यह सब सिर्फ हम और वे के विचार से शुरू हुआ है। लेकिन हमारे भारतीय दर्शन का वास्तविक उद्देशय मोक्ष है। विश्व की समस्या का निदान भारतीय आध्यात्मिक विचार में निहित है।

भारतीय विचारों को समझना जरूरी है
इसके बाद, मनमोहन वैद्य ने कहा कि आरएसएस को बाहर से समझना मुश्किल है लेकिन इसका हिस्सा बनने के बाद इसे समझना आसान है। संघ को समझने के लिए भारत, विशेषकर भारतीय विचारों को समझना जरूरी है। इसके अलावा, अवधेशानंद गिरि ने कहा कि भारत का अस्तित्व इसलिए है क्योंकि यह सनातन है। इसके विचार, ज्ञान और परंपराएं सदियों पुरानी हैं।

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