Jagdish Tytler: सिख दंगे के आरोपी कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर पर हत्या का मुकदमा, तय कर दिये आरोप
सिख दंगों के आरोपी कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर पर हत्या का मुकदमा चलेगा। दिल्ली की एक अदालत ने उनके खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। सीबीआई ने आरोप लगाया कि टाइटलर ने 1984 में दंगा भड़काया और हिंसा में शामिल रहे। इस मामले का कांग्रेस के आगामी चुनावों पर असर पड़ सकता है।
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सिख दंगों के आरोपी कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर पर हत्या का मुकदमा चलेगा। केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में टाइटलर पर हत्या का मुकदमा चलाने की अपील की थी। आज शुक्रवार को दिल्ली की एक अदालत ने सीबीआई की दलील को स्वीकार करते हुए टाइटलर पर आरोप तय कर दिये। तय आरोपों के अनुसार, कांग्रेस नेता पर दंगा भड़काने और हत्या में शामिल होने का मुकदमा चलेगा। बीएनएस में इन अपराधों में फांसी से लेकर आजीवन कारावास तक की अधिकतम सजा संभव है। टाइटलर पर आरोप तय होने से दिल्ली की राजनीति में नया तूफान आ सकता है और विपक्षी दल उसे इस पर घेरने की कोशिश कर सकते हैं।
सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में आरोप लगाया है कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर एक नवंबर 1984 की सुबह पुलबंगश पर अपनी कार से पहुंचे थे। सीबीआई के अनुसार, उन्होंने वहां उपस्थित भीड़ को हिंसा के लिए उकसाया था। इस हिंसा में वहां के स्थानीय तीन निवासियों की मौत हो गई थी। एजेंसी ने अपनी बात की पुष्टि के लिए कई लोगों के बयानों के अलावा कुछ गवाह भी पेश किए थे, जिसे अदालत ने केस चलाने योग्य पाया। यही कारण है कि इससे कांग्रेस नेता की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
चुनावों पर भी असर
हरियाणा में विधानसभा चुनावों की घोषणा कर दी गई है। आने वाले समय में फरवरी तक दिल्ली के विधानसभा चुनाव भी होने हैं। कांग्रेस यहां पर अकेले दम पर चुनाव में उतर सकती है। हरियाणा में भी सिख समुदाय की काफी आबादी रहती है। दिल्ली में भी वे एक प्रभावशाली समुदाय के तौर पर देखे जाते हैं। लेकिन चुनावों के दौरान विपक्षी दल सिख दंगों को लेकर उसे घेर सकते हैं।
हालांकि, अभी से यह कहना बहुत मुश्किल है कि जगदीश टाइटलर पर आरोप तय होने के बाद कांग्रेस को इसका कितना नुकसान हो सकता है। इसका बड़ा कारण है कि 1984 के बाद कांग्रेस सिखों की सबसे ज्यादा आबादी वाले राज्य पंजाब में ही कई बार सरकार बना चुकी है। इसके अलावा वह दिल्ली सहित कई राज्यों में सरकार में रही है जहां कि सिखों की आबादी महत्त्वपूर्ण होती है।
कांग्रेस ने अल्पसंख्यक सिख समुदाय के मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाकर भी इस समुदाय को अपने साथ जोड़ने की कोशिश की थी। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सिख दंगों के लिए सिख समुदाय से माफी भी मांगी थी। इससे भी उसे सिख समुदाय को साधने में मदद मिली थी। अब बदले माहौल में जगदीश टाइटलर के मामले का उसे कितना नुकसान उठाना पड़ता है, यह देखने वाली बात होगी।
देर हुई, अंधेर नहीं- भाजपा
भाजपा नेता सरदार आरपी सिंह ने अमर उजाला से कहा कि यह पूरी दिल्ली की जनता जानती थी कि जगदीश टाइटलर सिख दंगे के आरोपी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जगदीश टाइटलर सहित कांग्रेस के कुछ नेताओं की अगुवाई में 1984 में दंगा हुआ था, जिनमें हजारों निर्दोष सिखों की जान चली गई थी। लेकिन अब अदालत ने भी प्राथमिक तौर पर यह स्वीकार कर लिया है कि टाइटलर सिख दंगों में शामिल थे। उन्होंने कहा कि उनकी अपील है कि आरोपियों के केस की जल्द से जल्द सुनवाई पूरी हो और उन्हें कड़ा दंड मिले।