गोरखपुर जेल में बंद हैं मुन्ना बजरंगी के शूटर, नए लड़कों को बनाता था शूटर
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बागपत जेल में मारे गए माफिया डॉन प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी की धमक गोरखपुर में भी थी। उसके दो शूटरों संदीप यादव और अंश को एसटीएफ ने 26 मई 2018 को खोराबार के सिक्टौर के पास से मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। दोनों गोरखपुर मंडलीय कारागार में बंद हैं।
गोरखपुर एसटीएफ ने फैजाबाद से भी मुन्ना बजरंगी के दो शूटरों को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। इन आरोपियों ने जिला पंचायत सदस्य रामचंदर की हत्या की सुपारी ली थी। कुख्यात शूटर रमेश सिंह उर्फ काका को भी आजमगढ़ से गोरखपुर मंडलीय कारागार में शिफ्ट किया गया है। मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद गोरखपुर मंडलीय कारागार की सुरक्षा बढ़ा दी गई। गैंग के दो शूटर संदीप यादव और अंश को भी सुरक्षित बैरक में रखा गया है।
एसटीएफ के मुताबिक राजे सुल्तानपुर अंबेडकरनगर का अमन सिंह मुन्ना बजरंगी का खास शूटर है। अमन का नाम झारखंड धनबाद में डिप्टी मेयर नीरज सिंह की हत्या में आया था। इसी आरोप में वह धनबाद जेल में बंद है। डिप्टी मेयर की हत्या भी मुन्ना बजरंगी ने कराई थी। अमन के जरिये ही मुन्ना बजरंगी ने पूर्वांचल के कई जिलों में धाक बढ़ाई थी। आजमगढ़ के संदीप और अंश भी अमन के जरिये ही मुन्ना बजरंगी के संपर्क में आए।
किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के उद्देश्य से गोरखपुर आए थे लेकिन एसटीएफ के हत्थे चढ़ गए। इन शूटरों पर 30-30 हजार रुपये का इनाम घोषित है। कई गंभीर मामलों में फरार चल रहे थे। शूटरों के पास से दो तमंचा, एक पिस्टल और 10 कारतूस बरामद किया गया था।
एसटीएफ के मुताबिक गोरखपुर के उरुवा विकास खंड के टडवा गांव निवासी धनेश यादव भी मुन्ना बजरंगी के लिए काम करता है। धनेश ने अपने साथी और फैजाबाद निवासी अभिनव सिंह के साथ फैजाबाद के जिला पंचायत सदस्य रामचंदर की हत्या की सुपारी ली थी। दोनों की गिरफ्तारी के बाद मामले में मुन्ना बजरंगी को नामजद किया गया था। यह मामला अभी चल रहा है।
60 से ज्यादा हत्या, लूट का आरोपी भी मंडलीय कारागार में बंद
मुन्ना बजरंगी का खास शूटर रमेश सिंह उर्फ काका भी गोरखपुर मंडलीय कारागार में बंद है। उसपर 60 से ज्यादा हत्या और लूट के मुकदमे हैं। रमेश ने वाराणसी के जेलर दीप सागर सिंह और डिप्टी जेलर अनिल त्यागी की हत्या की थी।
कहा जाता है कि जेलर ने रमेश के कपड़े उतरवाए थे और पीटा था। इसका बदला रमेश ने हत्या करके लिया था। वह मऊ का रहने वाला है लेकिन लंबे समय से आजमगढ़ जिला जेल में बंद था। 20 नवंबर 2017 से गोरखपुर मंडलीय कारागार लाया गया था। अब नेहरू बैरक में रखा गया है। मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद रमेश की बैरक की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।
नए लड़कों को बनाता था शूटर
मुन्ना बजरंगी भले ही जौनपुर का रहने वाला था लेकिन उसका दखल गोरखपुर और आजमगढ़ सहित पूर्वांचल के कई जिलों में था। वह नए लड़कों को शूटर बनाता था। इसी की एक कड़ी गोरखपुर का धनेश यादव भी है। वह मुन्ना के खास शूटर और अंबेडकरनगर निवासी अमन के संपर्क में आया था।
सूत्रों का कहना है कि अमन के साथ ही धनेश झांसी जेल गया था, जहां उसकी मुन्ना बजरंगी से मुलाकात हुई थी। फैजाबाद के अभिनव सिंह, आजमगढ़ के संदीप और अंश को भी मुन्ना बजरंगी का खास शूटर बताया गया है। इन सबकी उम्र 25 से 30 वर्ष के बीच बताई गई है।