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मुंबई से अपराध की दुनिया में मुन्ना बजरंगी ने रखा था कदम, एक रात में लूटे थे 14 पेट्रोलपंप
सुरेंद्र मिश्र, नागपुर
Updated Mon, 09 Jul 2018 03:13 PM IST
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मुन्ना बजरंगी
- फोटो : SELF
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पूर्वांचल के कुख्यात अपराधी मुन्ना बजरंगी ने देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से अपराध की दुनिया में कदम रखा था। उसने कथित तौर पर एक रात में मुंबई के 14 पेट्रोल पंप लूटकर पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया था। हालांकि आखिर में उसकी गिरफ्तारी भी मुंबई से ही हुई थी।
मूल रूप से यूपी के जौनपुर जिले के कसेरू गांव का रहने वाला प्रेम प्रकाश उर्फ मुन्ना बजरंगी अस्सी के दशक में मुंबई आया था। प्रेम प्रकाश के घर की आर्थिक हालत काफी खराब थी। शुरुआत में उसने गांव में गलीचा बुनने का काम किया। इसी दौरान कथित तौर पर उधार मटन लेने के विवाद में उसने महज 17 साल की उम्र में गांव में एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। बाद में वह भदोही से ट्रेन पकड़ कर मुंबई पहुंच गया था।
शुरुआती दिनों में सांताक्रूज पूर्व के वाकोला इलाके की एक निर्माणाधीन इमारत में वह जमीन पर बोरा बिछा कर सोता था। वर्ष 1983 में उसने पहली बड़ी वारदात को अंजाम दिया था। उसने एक ही रात में मुलुंड से कुर्ला के बीच स्थित 14 पेट्रोल पंपों को लूट लिया था। घटना के पांच दिन बाद मुन्ना बजरंगी के गिरोह की बांद्रा के पास पुलिस से मुठभेड़ हो गई।
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मुठभेड़ में उसका एक साथी रियाज खान पुलिस की गोली से घायल हो गया जिसे पकड़ लिया गया जबकि मुन्ना बजरंगी तीन अन्य साथियों के साथ फरार हो गया था। घटना के एक हफ्ते बाद खेरवाडी में पुलिस नाकाबंदी के दौरान मुन्ना अपने साथियों रमेश छेदी सिंह, महिपाल सिंह और ज्ञानी सिंह के साथ पकड़ा गया। छह माह जेल में भी रहा। जमानत पर छूटने के बाद वह यूपी वापस लौट गया।
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मूल रूप से यूपी के जौनपुर जिले के कसेरू गांव का रहने वाला प्रेम प्रकाश उर्फ मुन्ना बजरंगी अस्सी के दशक में मुंबई आया था। प्रेम प्रकाश के घर की आर्थिक हालत काफी खराब थी। शुरुआत में उसने गांव में गलीचा बुनने का काम किया। इसी दौरान कथित तौर पर उधार मटन लेने के विवाद में उसने महज 17 साल की उम्र में गांव में एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। बाद में वह भदोही से ट्रेन पकड़ कर मुंबई पहुंच गया था।
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शुरुआती दिनों में सांताक्रूज पूर्व के वाकोला इलाके की एक निर्माणाधीन इमारत में वह जमीन पर बोरा बिछा कर सोता था। वर्ष 1983 में उसने पहली बड़ी वारदात को अंजाम दिया था। उसने एक ही रात में मुलुंड से कुर्ला के बीच स्थित 14 पेट्रोल पंपों को लूट लिया था। घटना के पांच दिन बाद मुन्ना बजरंगी के गिरोह की बांद्रा के पास पुलिस से मुठभेड़ हो गई।
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मुठभेड़ में उसका एक साथी रियाज खान पुलिस की गोली से घायल हो गया जिसे पकड़ लिया गया जबकि मुन्ना बजरंगी तीन अन्य साथियों के साथ फरार हो गया था। घटना के एक हफ्ते बाद खेरवाडी में पुलिस नाकाबंदी के दौरान मुन्ना अपने साथियों रमेश छेदी सिंह, महिपाल सिंह और ज्ञानी सिंह के साथ पकड़ा गया। छह माह जेल में भी रहा। जमानत पर छूटने के बाद वह यूपी वापस लौट गया।
अपराध की दुनिया में हासिल किया अलग मुकाम
मुन्ना बजरंगी
- फोटो : अमर उजाला
वह जौनपुर स्थित चितौड़ी के बाहुबली विनोद सिंह के संपर्क में आया। उसने कथित तौर पर विनोद सिंह के इशारे पर जौनपुर जेल के सामने दिनदहाडे़ ब्लाक प्रमुख रामचंद्र सिंह की हत्या कर दी। इस घटना के बाद अपराध की दुनिया में उसने एक अलग मुकाम हासिल कर लिया। 29 अक्तूबर 2009 को दिल्ली पुलिस ने उसे मलाड इलाके से गिरफ्तार किया था।
मुख्तार अंसारी के गिरोह में भी हुआ था शामिल
बाद में वह कथित तौर पर मुख्तार अंसारी के गिरोह का हिस्सा बन गया था। उसके खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश, रंगदारी वसूली के दर्जनों मामले दर्ज हुए। इसी दौरान उसने गृह क्षेत्र के जमालापुर बाजार में कथित तौर पर एके - 47 से ब्लाक प्रमुख कैलाश दुबे और छात्र नेता राजकुमार सिंह सहित तीन लोगों की हत्या कर दी। भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के बाद वह मुंबई आ गया था।
बनना चाहता था विधायक
करोड़ों की दौलत कमाने के बाद वह विधायक बनना चाहता था। पिछले विधानसभा चुनाव में उसने बसपा और भाजपा से टिकट हासिल करने की भरसक कोशिश भी की थी। पिछले विधानसभा चुनाव में उसकी पत्नी सीमा सिंह ने जौनपुर जिले की मड़ियाहू विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था लेकिन उसे हार का सामना करना पड़ा था।
मुख्तार अंसारी के गिरोह में भी हुआ था शामिल
बाद में वह कथित तौर पर मुख्तार अंसारी के गिरोह का हिस्सा बन गया था। उसके खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश, रंगदारी वसूली के दर्जनों मामले दर्ज हुए। इसी दौरान उसने गृह क्षेत्र के जमालापुर बाजार में कथित तौर पर एके - 47 से ब्लाक प्रमुख कैलाश दुबे और छात्र नेता राजकुमार सिंह सहित तीन लोगों की हत्या कर दी। भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के बाद वह मुंबई आ गया था।
बनना चाहता था विधायक
करोड़ों की दौलत कमाने के बाद वह विधायक बनना चाहता था। पिछले विधानसभा चुनाव में उसने बसपा और भाजपा से टिकट हासिल करने की भरसक कोशिश भी की थी। पिछले विधानसभा चुनाव में उसकी पत्नी सीमा सिंह ने जौनपुर जिले की मड़ियाहू विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था लेकिन उसे हार का सामना करना पड़ा था।