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मुंबई के विद्यार्थियों ने खोजा पान के दाग मिटाने का तरीका
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Updated Tue, 13 Nov 2018 03:34 AM IST
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पान
- फोटो : अमर उजाला
पान खाकर थूकने से पड़े दाग कतई अच्छे नहीं हो सकते। पान खाकर कहीं भी थूकना न केवल स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है बल्कि बेहद भद्दा भी लगता है। परन्तु, अब पान का दाग मिटाना आसान होगा। मुंबई की छात्राओं ने स्वच्छ भारत अभियान से प्रेरित होकर जैविक संश्लेषण के आधार पर पर्यावरण पूरक उपाय खोज निकाला है। इससे पान खाकर थूकने से पड़ा दाग आसानी से साफ हो सकेगा।
पान खाकर थूकने से पड़े दाग आसानी से साफ करने का फॉर्मूला मुंबई के माटुंगा स्थित राम नारायण रुइया कॉलेज के छात्राओं ने खोज निकाला है। सोमवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कॉलेज के युवा शोधकर्ता छात्राओं की टीम से मुलाकात की। इस टीम ने अमेरिका के बोस्टन स्थित मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) की तरफ से आयोजित शोध प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किया है।
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पान खाकर थूकने से पड़े दाग आसानी से साफ करने का फॉर्मूला मुंबई के माटुंगा स्थित राम नारायण रुइया कॉलेज के छात्राओं ने खोज निकाला है। सोमवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कॉलेज के युवा शोधकर्ता छात्राओं की टीम से मुलाकात की। इस टीम ने अमेरिका के बोस्टन स्थित मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) की तरफ से आयोजित शोध प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किया है।
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शोध परियोजना में शामिल छात्रा ऐश्वर्या राजूरकर, अंजली वैद्य, कोमल परब, निष्ठा पांगे, मैथिली सावंत, मिताली पाटील, सानिका अंब्रे और श्रुतिका सावंत शामिल है। आठ छात्राओं की टीम का डॉ. अनुश्री लोकुर, डॉ. मयूरी रेगे, सचिन राजगोपालन और मुग्धा कुलकर्णी ने मार्गदर्शन किया है।
डॉ मयूरी ने बताया कि पान के दाग के लाल रंग को सुरक्षित रंगहीन उत्पादन में परिवर्तित करने के लिए माइक्रोब्स और एंजाइम्स के घटक का इस्तेमाल शोध परियोजना में किया गया। पान विक्रेता, स्थानीय प्रबंधक, सरकारी अधिकारी और सफाई कर्मचारियों से संवाद साधकर मिले सुझावों के आधार पर दाग मिटाने का फार्मूला तैयार किया गया है।
डॉ मयूरी ने बताया कि पान के दाग के लाल रंग को सुरक्षित रंगहीन उत्पादन में परिवर्तित करने के लिए माइक्रोब्स और एंजाइम्स के घटक का इस्तेमाल शोध परियोजना में किया गया। पान विक्रेता, स्थानीय प्रबंधक, सरकारी अधिकारी और सफाई कर्मचारियों से संवाद साधकर मिले सुझावों के आधार पर दाग मिटाने का फार्मूला तैयार किया गया है।
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दाग मिटाने में खर्च होते हैं करोड़ों रुपए
देश में ऐतिहासिक स्थल, स्मारक और सार्वजनिक इमारतों के आस-पास पान खाकर थूकना आम बात है। इससे जहां स्वास्थ्य का खतरा पैदा होता है वहीं उक्त स्थल भी बदसूरत हो जाता हैं। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में मध्य और पश्चिम रेलवे को अपने उपनगरीय रेलवे स्टेशनों की इमारतों और लोकल ट्रेनों के डिब्बों में पान के दाग को साफ करने के लिए हर महीने करोड़ों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। साफ सफाई में भारी मात्रा में पानी भी खर्च होता है लेकिन, दाग पूरी तरह से नहीं निकल पाता।