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महाराष्ट्र: मुंबई के लालबागचा राजा की पहली झलक आई सामने, गणेशोत्सव से पहले कैसा दिखा बप्पा का भव्य रूप?
Fri, 11 Sep 2026 10:03 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Fri, 11 Sep 2026 10:03 PM IST
सार
मुंबई के सबसे प्रसिद्ध और प्रतिष्ठित गणपति 'लालबागचा राजा' की पहली मनमोहक झलक गणेश चतुर्थी से ठीक पहले शुक्रवार शाम को भक्तों के सामने आ गई है। सिंहासन पर विराजमान बप्पा का शांत, दयालु और करुणामय रूप हर किसी को आकर्षित कर रहा है। लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र इस मंडल का इतिहास क्या है? 14 सितंबर से शुरू हो रहे गणेशोत्सव में पर्यावरण और आस्था का कौन सा संगम दिखेगा? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
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मुंबई के राजा
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
मुंबई के सबसे प्रसिद्ध और ऐतिहासिक गणेश उत्सव का इंतजार कर रहे करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए बेहद पावन घड़ी आ गई है। गणेश चतुर्थी के महापर्व से ठीक पहले शुक्रवार शाम को मुंबई के प्रतिष्ठित 'लालबागचा राजा' की पहली भव्य झलक का अनावरण कर दिया गया है। लालबागचा राजा केवल एक मूर्ति भर नहीं है, बल्कि यह मुंबई की सामूहिक आस्था, अनुपम कलात्मक महारत और जीवंत सांस्कृतिक भावना का सबसे बड़ा प्रतीक है। हर साल लाखों-करोड़ों श्रद्धालु बप्पा के दर्शन पाने के लिए लालबाग के पंडाल में उमड़ते हैं। पहली झलक का यह अनावरण मुंबई में गणेशोत्सव के आधिकारिक उत्साह और बप्पा के स्वागत की शुरुआत का प्रतीक बन चुका है।
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सिंहासन पर विराजमान बप्पा का पहला रूप कैसा है?
शुक्रवार शाम को जैसे ही लालबागचा राजा के मुख से पर्दा हटा, वहां मौजूद भक्त भाव-विभोर हो गए। इस बार भी भगवान गणेश की राजसी और विशाल प्रतिमा को एक भव्य सिंहासन पर विराजमान दिखाया गया है। यह दिव्य प्रतिमा अपने भक्तों को शांत, परम दयालु और अत्यंत प्रेमपूर्ण स्वरूप में आशीर्वाद देती नजर आ रही है। बेजोड़ शिल्पकला से गढ़ी गई यह मूर्ति हर साल की तरह इस बार भी पूरे उत्सव का सबसे प्रमुख आकर्षण बनी हुई है। साल 2026 में गणेश चतुर्थी का पावन पर्व 14 सितंबर से शुरू होने जा रहा है। हर वर्ष मुंबई के गणेशोत्सव से पहले लालबागचा राजा की पहली झलक देखना पूरे देश के श्रद्धालुओं के लिए सबसे प्रतीक्षित पलों में से एक होता है।
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क्या है लालबागचा राजा मंडल का गौरवशाली इतिहास?
लालबागचा राजा गणपति की इस विश्वविख्यात मूर्ति का संबंध 'लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल' से है, जो पुतलाबाई चॉल में स्थित है। इस पावन पूजा स्थल की स्थापना साल 1934 में की गई थी। स्थापना के बाद से ही यह मंडल मुंबई के गणेश चतुर्थी समारोहों का एक अभिन्न और अटूट हिस्सा बन चुका है। लालबागचा राजा की इस ऐतिहासिक गणपति प्रतिमा की सेवा और देखरेख का कार्य कांबली परिवार द्वारा पिछली आठ दशकों से भी अधिक समय से निरंतर किया जा रहा है। कांबली परिवार की यह पीढ़ी-दर-पीढ़ी सेवा इस प्रसिद्ध मंडल से जुड़ी एक बहुत पुरानी और प्रतिष्ठित परंपरा बन चुकी है।
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