मैंने 25 फरवरी को बांद्रा पुलिस को बताया था कि सुशांत खतरे में है: पिता
सुशांत सिंह राजपूत के आत्महत्या मामले की जांच को लेकर बिहार और मुंबई पुलिस के बीच विवाद जारी है। मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस पूरे मामले में बिहार पुलिस को जांच नहीं करने देने का कोई सवाल ही नहीं है। उन्होंने कहा कि इस पर कानूनी सलाह ली जा रही है और अभी तक किसी को भी क्लीन चिट नहीं दी गई है। जानिए अबतक का अपडेट--
समझा जाता है कि सीए करीब एक वर्ष से अभिनेता के वित्तीय लेखाजोखा का हिसाब देखते थे और जांच को आगे बढ़ाने के लिए ईडी उनके वित्तीय लेन-देन को समझना चाहता है। राजपूत (34) मुंबई के बांद्रा स्थित अपने अपार्टमेंट में 14 जून लटकते पाए गए थे। #WATCH: #SushantSinghRajput's father in a self-made video says, "On Feb 25, I informed Bandra Police that he's in danger. He died on June 14 & I asked them to act against people named in my Feb 25 complaint. No action taken even 40 days after his death. So I filed FIR in Patna." pic.twitter.com/tnn9XN1XlB मुंबई पुलिस के प्रमुख परमबीर सिंह ने सोमवार को कहा कि अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के आवास पर 13 जून को कोई पार्टी नहीं हुई थी। इसके अगले दिन ही वह यहां के बांद्रा स्थित अपार्टमेंट में मृत पाए गए थे। सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि मुंबई पुलिस की जांच में किसी भी नेता का नाम सामने नहीं आया है।
सिद्धार्थ पिठानी सहित तीन के बयान दर्ज
बिहार पुलिस ने आज मुंबई में सुशांत के क्रिएटिव मैनेजर सिद्धार्थ पिठानी, मैनेजर दीपेश सावंत और दोस्त सिद्धार्थ गुप्ता के बयान दर्ज किए। पिठानी का बयान फोन पर लिया गया। बिहार पुलिस ने अबतक कुल 11 लोगों के बयान दर्ज किए हैं।
ईडी ने सुशांत सिंह राजपूत के सीए से पूछताछ की
प्रवर्तन निदेशालय ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) से सोमवार को धनशोधन मामले में पूछताछ की। राजपूत के पिता ने बिहार पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई थी जिसके आधार पर ईडी ने जांच शुरू की है। अधिकारियों ने बताया कि संदीप श्रीधर से मुंबई में केंद्रीय एजेंसी ने पूछताछ की है और धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत उनके बयान दर्ज किए हैं।
सुशांत सिंह राजपूत के पिता ने वीडियो जारी कर कहा- 25 फरवरी को मैंने बांद्रा पुलिस से कहा था कि वह (सुशांत) खतरे में है। उसकी 14 जून को मौत हो गई। मैंने पुलिस से कहा कि जिन लोगों के नाम मैंने दिए थे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। लेकिन सुशांत की मौत के 40 दिन बाद भी इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसीलिए मैंने पटना में एफआईआर दर्ज कराई।
केंद्र और गृह मंत्रालय दें दखल
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा- बिहार सरकार, बिहार पुलिस का अपमान होने दे रही है। केंद्र और गृह मंत्रालय के पास शक्तियां हैं, उन्हें दखल देना चाहिए। डबल इंजन वाली सरकार को केंद्र से सीबीआई जांच की मांग करनी चाहिए। इसका राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। हम सुशांत राजपूत के परिवार के साथ हैं।
सुशांत की मौत से पहले उनके घर पर पार्टी नहीं हुई थी : मुंबई पुलिस आयुक्त
साथ ही सिंह ने कहा कि बिहार की पुलिस टीम के साथ सहयोग नहीं करने का सवाल ही नहीं है। बिहार पुलिस की एक टीम सुशांत सिंह राजपूत मामले में जांच के लिए महानगर आई हुई है। पुलिस आयुक्त ने कहा कि इस मामले में मुंबई पुलिस कानूनी मशविरा कर रही है।
क्वारंटीन करने का अधिकार हमारे पास नहीं
बिहार पुलिस के अधिकारी को क्वारंटीन करने के सवाल पर परमबीर सिंह ने कहा कि ये अधिकार हमारे पास नहीं है, किसी को क्वारंटीन करने का अधिकार बीएमसी रखती है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस कमिश्नर ने बताया कि 16 जून को सुशांत के परिवार वालों ने कहा था कि उन्हें किसी पर शक नहीं है।
कमिश्नर से मिली जानकारी के मुताबिक रिया ने सुशांत के घर को आठ जून को छोड़ा था, रिया के भी परेशान होने की खबर सामने आ रही है। उसकी हालत भी ठीक नहीं थी, इसलिए रिया घर छोड़ कर चली गईं। इसके बाद सुशांत की बहन आईं और वो 13 जून को चली गईं क्योंकि उनकी बेटी की परीक्षाएं थीं।
मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने बताया कि बिहार पुलिस की एफआईआर कहती है कि सुशांत के अकाउंट से 15 करोड़ रुपये गबन हो गए। जांच के दौरान हमने पाया कि सुशांत के खाते में 18 करोड़ रुपये थे, जिसमें से 4.5 करोड़ रुपये अभी भी खाते में हैं। अभी तक रिया चक्रवर्ती को सीधे तौर पर पैसा ट्रांसफर करने का कोई मामला नहीं दिखा है।
कमिश्नर ने बताया कि रिया के दो बार बयान दर्ज किए गए, जिसमें पहली बार उन्होंने बताया कि उन दोनों के रिश्तों में कुछ खट्टास थी। उन्होंने मिलने की कहानी को लेकर, सुशांत की मानसिक बीमारी और कुछ घटनाओं को लेकर जानकारी दी। कमिश्नर का कहना है कि रिया चक्रवर्ती और सुशांत सिंह राजपूत के परिवार में कुछ अनबन थी।
कमिश्नर ने बताया कि उनकी बहन को दोबारा तलब किया गया था, लेकिन वो किसी तरह के बयान देने की स्थिति में नहीं थी और तब भी परिवार वालों ने किसी पर शक की संभावना नहीं जताई थी। इसके अलावा सुशांत के पास से एक डायरी मिली जिसमें वो महीने का खर्च का हिसाब रखते थे।
सुशांत ने अपने सीए से महीने के खर्च को कम करने के लिए भी कहा था, इसके अलावा सुशांत की गूगल हिस्ट्री में बायपोलर, खुद का नाम और बिना दर्द के मौत जैसे शब्दों को सर्च किया गया था। कमिश्नर ने बताया कि इस मामले में मनोवैज्ञानिक से बात की गई है, अब तक 56 लोगों के बयान लिए जा चुके हैं।
सुशांत के फ्लैट को सील कर दिया गया है, उन्होंने दिशा से एक बार ही मुलाकात की थी और उनकी मौत में अपना नाम आने पर वो काफी परेशान थे। बता दें कि हाल ही में सुशांत के पिता ने रिया चक्रवर्ती के खिलाफ धोखाधड़ी और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है।