फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Maharashtra ›   Mumbai: His grandson Prakash Ambedkar is against making the memorial of Dr. Ambedkar

मुंबईः डॉ. आंबेडकर का स्मारक बनाने के खिलाफ हैं उनके पोते प्रकाश आंबेडकर

Fri, 18 Sep 2020 08:33 PM IST
Harendra Chaudhary सुरेंद्र मिश्र, अमर उजाला, मुंबई
सुरेंद्र मिश्र, अमर उजाला, मुंबई Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 18 Sep 2020 08:33 PM IST
सार

इंदू मिल में स्मारक की जगह इंटरनेश्नल स्टडी सेंटर बनाने की मांग

विज्ञापन
Mumbai: His grandson Prakash Ambedkar is against making the memorial of Dr. Ambedkar
प्रकाश आंबेडकर (फाइल फोटो) - फोटो : AmarUjala

विस्तार

मुंबई के इंदु मिल परिसर में भारतरत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक निर्माण में अब एक नया पेच आ गया है। डॉ. आंबेडकर के पोते वंचित विकास आघाड़ी के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने स्मारक बनाने की योजना पर ही सवाल उठाया है। वह नहीं चाहते कि वहां स्मारक बने। प्रकाश आंबेडकर की इच्छा है कि स्मारक की जगह अंतरराष्ट्रीय स्तर का रिसर्च सेंटर बनाया जाना चाहिए।
विज्ञापन

डॉ. आंबेडकर स्मारक का मुद्दा न सिर्फ महाराष्ट्र बल्कि देश की दलित राजनीति का अहम हिस्सा रहा है। इसलिए कांग्रेसनीत यूपीए हो या भाजपानीत एनडीए सरकार। सभी ने स्मारक को अहमियत दी है। सबसे पहले कांग्रेस-एनसीपी की सरकार ने साल 2011 में इंदु मिल के पांच एकड़ जमीन पर डॉ. आंबेडकर स्मारक बनाने की घोषणा की थी। 

विज्ञापन


साल 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंदु मिल परिसर में डॉ. आंबेडकर स्मारक का भूमिपूजन किया था। तब से अभी तक स्मारक की नींव नहीं रखी जा सकी है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे स्मारक की संशोधित परिकल्पना के तहत चबूतरे और प्रतिमा का शिलान्यास करने वाले थे। लेकिन इस समारोह का निमंत्रण नहीं मिलने से आंबेडकर आंदोलन से जुड़े लोगों के अलावा विपक्ष ने नाराजगी जताई। वहीं, सत्ताधारी तीनों दलों के बीच में भी तालमेल नहीं बन पाया जिससे कार्यक्रम को टाल दिया गया। इसके बाद स्मारक को लेकर प्रकाश आंबेडकर फिर मुखर हुए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

अटल बिहारी वाजपेयी ने इंटरनेशनल स्कूल ऑफ स्टडीज के लिए दी थी जमीन

प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इंदु मिल परिसर में इंटरनेशनल स्कूल ऑफ स्टडीज सेंटर बनाने की मंजूरी दी थी। इसके लिए वाजपेयी ने एक फाइल पर नोट तैयार किया था। उसमें बाबासाहब के स्मारक का समावेश नहीं था। स्मारक बनाने का खेल राज्य की कांग्रेस सरकार में खेला गया था। इसलिए मुख्यमंत्री ठाकरे को कांग्रेस और एनसीपी के नेताओं का कहना मानने की बजाए मंत्रालय से वाजपेयी की फाइल का नोट मंगाकर पढ़ना चाहिए। इसके बादरिसर्च-सेंटर बनाने का फैसला करें।

स्मारक की निधि कोरोना से निपटने में खर्च करे सरकार 

प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि मेरा स्मारक बनाने को लेकर विरोध है। मैं छह साल से यही बात कह रहा हूं। मैं अपनी भूमिका पर कायम हूं। सरकार स्मारक की निधि का इस्तेमाल कोरोना महामारी से निपटने में इस्तेमाल करे। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब अक्टूबर 2015 में स्मारक के भूमिपूजन के लिए आए थे, तब भी हमनें स्मारक बनाने का विरोध किया था। मैंने तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से पूछा था कि क्या वाजपेयी के नोट के अनुसार यहां पर काम किया जा रहा है।

स्मारक के निर्माण के लिए 1089.95 करोड़ रुपये होंगे खर्च

डॉ. आंबेडकर स्मारक का भूमिपूजन हुए पांच साल पूरे होने वाले हैं, लेकिन स्मारक की नींव नहीं रखी जा सकी है। अलबत्ता स्मारक निर्माण में का खर्च बढ़ गया है। अब इसमें 1089.95 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed