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मुंबई: उत्तर भारत के कैंसर रोगियों को अब सड़क पर नहीं गुजारनी पड़ेगी रात, नाम मात्र दर पर मिलेगा उत्तर भारतीय संघ का गेस्ट हाउस
Sat, 16 Apr 2022 07:43 PM IST
अभिषेक दीक्षित
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, मुंबई
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, मुंबई
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sat, 16 Apr 2022 07:43 PM IST
सार
बांद्रा पूर्व स्थित उत्तर भारतीय संघ भवन परिसर में उत्तर भारत के कैंसर मरीजों और वहां से आने वाले तीर्थ यात्रियों के लिए बने गेस्ट हाउस बाबू आरएन सिंह अतिथिगृह का लोकार्पण करते हुए विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मुंबई में संघ ने उत्तर भारतीयों को नई पहचान दी है।
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देवेंद्र फडणवीस(फाइल)
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, झारखंड और बिहार सहित अन्य उत्तर भारतीय राज्यों से मुंबई इलाज के लिए आने वाले कैंसर मरीजों को अब सड़क पर रात नहीं गुजारनी पड़ेगी। मुंबई में उत्तर भारतीयों की शीर्ष संस्था उत्तर भारतीय संघ ने कैंसर मरीजों, उनके परिजनों और तीर्थयात्रियों के लिए नाममात्र की दर पर गेस्ट हाउस मुहैया कराने का फैसला किया है। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के हाथों गेस्ट हाउस के उद्घाटन के बाद इसे मरीजों के लिए खोल दिया गया है।
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बांद्रा पूर्व स्थित उत्तर भारतीय संघ भवन परिसर में उत्तर भारत के कैंसर मरीजों और वहां से आने वाले तीर्थ यात्रियों के लिए बने गेस्ट हाउस बाबू आरएन सिंह अतिथिगृह का लोकार्पण करते हुए विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मुंबई में संघ ने उत्तर भारतीयों को नई पहचान दी है। जो तीन-चार पीढ़ियों से मुंबई में रह रहे हैं, वह मुंबईकर हैं।
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फडणवीस ने कहा कि जिस तरह से मराठा योद्धा हरियाणा और बुंदेलखंड में गए और वहां जाकर हरियाणवी और बुंदेलखंडी बन गए। उसी तरह मुंबई में रहने वाले उत्तर भारतीय पूरी तरह से यहां की संस्कृति मे रच बस गए हैं। संघ के अध्यक्ष व महाराष्ट्र के विधान परिषद सदस्य रहे आरएन सिंह ने अपनी कमाई से अर्जित धन को समाजसेवा मे लगाया। लेकिन दुर्भाग्य से इस अतिथिगृह के उद्घाटन से पहले ही उनका निधन हो गया।
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फडणवीस ने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि उनके पिता भी कैंसर से पीड़ित थे तो कई दिनों तक टाटा अस्पताल में रहना पड़ा था। यह अतिथिगृह मरीजों के लिए सहायक होगा।
नो प्रॉफिट-नो लॉस पर चलेगा गेस्ट हाउस: सतोष सिंह
उत्तर भारतीय संघ के अध्यक्ष संतोष सिंह ने बताया कि बाबू आरएन सिंह अतिथि गृह करीब 7 हजार वर्गफुट में बनाया गया है जिसमें 50 बिस्तरों की डॉरमेट्री और पांच एसी कमरे हैं। मंरीजों और उनके परिजनों के लिए कैंटीन भी है। मरीजों और उनके परिजनों के लिए कमरे और भोजन दोनो ही नो प्राफिट नो लॉस के तहत चलाया जाएगा। इससे मरीजों और उत्तर भारत से आने वाले तीर्थ यात्रियों को बेहद किफायती दर पर रहने की सुविधा मिल सकेगी।