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Mumbai Building Crash: 'मुझे लगा भूकंप आया है, परिवार के सभी सदस्यों को साड़ियों की रस्सी बनाकर बचाया,' पीड़ित ने बताई आपबीती
Tue, 28 Jun 2022 08:48 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 28 Jun 2022 08:48 PM IST
सार
नगर निगम के अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि सोमवार की आधी रात को चार मंजिला इमारत गिरने से कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई है और 13 घायल हो गए हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social Media
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विस्तार
मुंबई के उपनगर कुर्ला की नाइक नगर सोसाइटी की डी इमारत में कैब चलाने वाले सतीश क्षेत्रे जब अपने मेहमानों के साथ कमरे में सो रहे थे, तभी अचानक भूकंप जैसा आ गया। उन्होंने देखा कि उनके पड़ोस की दीवार टूट गई है। यह देखते ही उनके दिमाग में सबसे अपने परिवार के सदस्यों और मेहमानों को बचाने का ख्याल आया।
इस दौरान पूर्व और पश्चिम की ओर की आम सीढ़ियां भी ढह गईं। इमारत पर तीसरी मंजिल के निवासी क्षेत्रे ने तब स्थानीय लोगों की मदद से साड़ी का उपयोग करके एक रस्सी तैयार की और अपने परिवार के सदस्यों और कुछ मेहमानों सहित सभी दस लोगों को बचा लिया।
हादसे में 14 लोगों की मौत
नगर निगम के अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि सोमवार की आधी रात को चार मंजिला इमारत गिरने से कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई है और 13 घायल हो गए हैं।
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इस हादसे में नाइक नगर कॉप हाउसिंग सोसाइटी की डी बिल्डिंग के पूर्वी हिस्से में सभी चार मंजिलें क्षतिग्रस्त हो गईं। वहीं पश्चिम की तरफ ग्राउंड और पहली मंजिल प्रभावित हुईं जबकि उसकी तीनों मंजिलें बरकरार रहीं।
'मुझे लगा हम नहीं बचेंगे'
क्षेत्रे ने पीटीआई से कहा, एक पल के लिए मुझे लगा कि हम नहीं बचेंगे लेकिन भगवान की कृपा से हम जीवित हैं। उस रात की भयावहता को याद करते हुए वह बताते हैं कि भूकंप जैसा था। उन्होंने बताया कि पूरी इमारत (डी विंग) हिल गई और तुरंत पूर्वी भाग एक तेज शोर के साथ ढह गया।
क्षेत्रे ने बताया कि सोमवार की रात करीब 11.40 बजे हुई घटना के समय वह अपने परिवार के सदस्यों और पांच मेहमानों सिहत कम से कम दस लोग कमरे के अंदर मौजूद थे। उनमें से कुछ पहले से ही बिस्तर पर सो रहे थे जबकि अन्य लोग जाग रहे थे।
वह बताते हैं, एक पल के लिए मैं स्तब्ध हो गया। लेकिन कुछ क्षणों के बाद मैंने खुद को और अपने परिवार के सदस्यों को बचाने के लिए कुछ साहस जुटाया। क्षेत्रे ने बताया कि डी बिल्डिंग की आम सीढ़ियां गिर गई थीं।
साड़ियों से रस्सी बनाकर बचाई जानें
उन्होंने आगे बताया, मैंने साड़ियों से रस्सी बनाई और स्थानीय लोगों की मदद से अपने कमरे के अंदर से सभी दस लोगों को सुरक्षित बचाया। चौथी मंजिल पर फंसे लोगों को भी इसी तरह बचाया।
ऐप-आधारित कैब चलाने वाले 27 वर्षीय क्षेत्रे ने कहा कि नाइक नगर सोसायटी भवन की जर्जर स्थिति के कारण उन्हें मंगलवार को दूसरे किराए के आवास में शिफ्ट होना था।
दो दिन पहले ही इमारत पर रहने आया था एक परिवार
क्षेत्रे ने बताया कि प्रभावित इमारत की प्रत्येक मंजिल में पूर्व और पश्चिम की ओर दो-दो फ्लैट हैं। सोसायटी के अधिकांश निवासी किराएदार हैं लेकिन कुछ कमरे खाली हैं। क्षेत्रे ने बताया कि तीन सदस्यों का एक परिवार दो दिन पहले ही प्रभावित इमारत में रहने आया था लेकिन मुसीबत में फंस गया।
कुर्ला निवासी देवराज बड़िया को प्रभावित इमारत के बाहर सड़क पर अपने छोटे भाई रमेश के ठिकाने की खबर बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। लेकिन जब रमेश को मलबे से बाहर निकाला गया तो देवराज की बेचैनी भरी प्रतीक्षा निराशा में बदल गई।
देवराज ने बताया कि रमेश दो दिन पहले ही प्रभावित इमारत में शिफ्ट हो गया था क्योंकि जिस इमारत में हम रह रहे थे उसकी हालत खराब थी। मेरा भाई घर जर्जर इमारत के चलते ट्रांसफर हुआ था।
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इस दौरान पूर्व और पश्चिम की ओर की आम सीढ़ियां भी ढह गईं। इमारत पर तीसरी मंजिल के निवासी क्षेत्रे ने तब स्थानीय लोगों की मदद से साड़ी का उपयोग करके एक रस्सी तैयार की और अपने परिवार के सदस्यों और कुछ मेहमानों सहित सभी दस लोगों को बचा लिया।
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हादसे में 14 लोगों की मौत
नगर निगम के अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि सोमवार की आधी रात को चार मंजिला इमारत गिरने से कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई है और 13 घायल हो गए हैं।
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इस हादसे में नाइक नगर कॉप हाउसिंग सोसाइटी की डी बिल्डिंग के पूर्वी हिस्से में सभी चार मंजिलें क्षतिग्रस्त हो गईं। वहीं पश्चिम की तरफ ग्राउंड और पहली मंजिल प्रभावित हुईं जबकि उसकी तीनों मंजिलें बरकरार रहीं।
'मुझे लगा हम नहीं बचेंगे'
क्षेत्रे ने पीटीआई से कहा, एक पल के लिए मुझे लगा कि हम नहीं बचेंगे लेकिन भगवान की कृपा से हम जीवित हैं। उस रात की भयावहता को याद करते हुए वह बताते हैं कि भूकंप जैसा था। उन्होंने बताया कि पूरी इमारत (डी विंग) हिल गई और तुरंत पूर्वी भाग एक तेज शोर के साथ ढह गया।
क्षेत्रे ने बताया कि सोमवार की रात करीब 11.40 बजे हुई घटना के समय वह अपने परिवार के सदस्यों और पांच मेहमानों सिहत कम से कम दस लोग कमरे के अंदर मौजूद थे। उनमें से कुछ पहले से ही बिस्तर पर सो रहे थे जबकि अन्य लोग जाग रहे थे।
वह बताते हैं, एक पल के लिए मैं स्तब्ध हो गया। लेकिन कुछ क्षणों के बाद मैंने खुद को और अपने परिवार के सदस्यों को बचाने के लिए कुछ साहस जुटाया। क्षेत्रे ने बताया कि डी बिल्डिंग की आम सीढ़ियां गिर गई थीं।
साड़ियों से रस्सी बनाकर बचाई जानें
उन्होंने आगे बताया, मैंने साड़ियों से रस्सी बनाई और स्थानीय लोगों की मदद से अपने कमरे के अंदर से सभी दस लोगों को सुरक्षित बचाया। चौथी मंजिल पर फंसे लोगों को भी इसी तरह बचाया।
ऐप-आधारित कैब चलाने वाले 27 वर्षीय क्षेत्रे ने कहा कि नाइक नगर सोसायटी भवन की जर्जर स्थिति के कारण उन्हें मंगलवार को दूसरे किराए के आवास में शिफ्ट होना था।
दो दिन पहले ही इमारत पर रहने आया था एक परिवार
क्षेत्रे ने बताया कि प्रभावित इमारत की प्रत्येक मंजिल में पूर्व और पश्चिम की ओर दो-दो फ्लैट हैं। सोसायटी के अधिकांश निवासी किराएदार हैं लेकिन कुछ कमरे खाली हैं। क्षेत्रे ने बताया कि तीन सदस्यों का एक परिवार दो दिन पहले ही प्रभावित इमारत में रहने आया था लेकिन मुसीबत में फंस गया।
कुर्ला निवासी देवराज बड़िया को प्रभावित इमारत के बाहर सड़क पर अपने छोटे भाई रमेश के ठिकाने की खबर बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। लेकिन जब रमेश को मलबे से बाहर निकाला गया तो देवराज की बेचैनी भरी प्रतीक्षा निराशा में बदल गई।
देवराज ने बताया कि रमेश दो दिन पहले ही प्रभावित इमारत में शिफ्ट हो गया था क्योंकि जिस इमारत में हम रह रहे थे उसकी हालत खराब थी। मेरा भाई घर जर्जर इमारत के चलते ट्रांसफर हुआ था।