मुंबई: चूहा पकड़ना आता हो तो जाइए बीएमसी के पास, बेरोजगारों को मिलेगा रोजगार
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मानसून आने के साथ-साथ मुंबई की महानगर पालिका के सामने नई-नई चुनौतियां भी सामने आने लगी हैं। पानी भरने से पूरी मुंबई में चूहों के निकलने से बीएमसी परेशान है। मानसून के मौसम में चूहे हर साल लेप्टोस्पायरोसिस नाम की संक्रामक बीमारी फैलाते हैं। बीएमसी ने चूहों से निपटने के लिए बेरोजगारों युवकों का सहारा लिया है। बीएमसी ने योजना बनाई है कि वह रात में इन चूहों को मारने का मौका बेरोजगार युवकों को देना चाहती है।
In last 6 months, BMC has killed 2,27000 rats, we added a new program, Night rat killing where we give chance to unemployed people to work. In monsoon leptospirosis spreads due waterlogging, to curb it we are speeding up the process: R.A Naringrekar, Insecticide Officer, BMC pic.twitter.com/rwsCRnhDEn
— ANI (@ANI) July 19, 2018विज्ञापन
समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में मुंबई नगर पालिका के पशु संक्रमण निरोध अधिकारी आर ए नरिनगरेकर ने बताया है कि पिछले 6 महीनों में बीएमसी ने 2,27,000 चूहों को मारा है। चूहों की बढ़ती तादाद और संक्रामक बीमारी फैलने के खतरे की आशंका के चलते हमने चूहों को मारने के लिए रात में चूहामार अभियान चलाने का फैसला लिया है। हम चूहा मारने के काम के जरिए बेरोजगार युवकों को रोजगार का मौका भी देना चाहते हैं। पानी भरने के कारण चूहों से लेप्टोस्पायरोसिस नामक बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में चूहों का खात्मा बहुत जरूरी है। इससे निपटन के लिए हमें काम की गति को और तेज करने की जरूरत पड़ेगी।
वैसे बता दें कि मुंबई और ठाणे में लगातार बारिश का दौर भी जारी है। ऐसे में न सिर्फ स्कूल कॉलेजों की छुट्टी कर दी गई है, बल्कि कुछ स्टेशन तो पूरी तरह से बंद कर दिए गए हैं। महाराष्ट्र के मुंबई, वसई, नवी मुंबई, सोपार और ठाणे, दादर, सायन, माटुंगा, ब्रांदा, खार, सांताक्रूज, कांदिवली, बोरीवली और कोलाबा में भारी बारिश के कारण भीषण जलभराव हो गया है।