मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर प्रोजेक्ट्स रेलमंत्री वैष्णव के टॉप एजेंडे में
रेलमंत्री वैष्णव ने कार्यभार संभालने के बाद कहा था कि रेलवे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का अहम हिस्सा है। रेलवे के जरिये लोगों के जीवन को बदलना है ताकि आम आदमी, किसान, गरीबों को इसका लाभ मिले...
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रेल मंत्रालय की कमान संभालते ही रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्रालय में बदलाव करना शुरू कर दिया है। एक तरफ जहां रेलमंत्री ने एमआर सेल (मंत्री कार्यालय) दो शिफ्ट में काम करने का आदेश दिया है। वहीं दूसरी ओर रेलवे के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की समीक्षा करने और उसे गति देने के निर्देश भी दे दिए हैं।
शपथ ग्रहण के बाद से ही नए रेलमंत्री एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। कार्यभार संभालने के बाद से ही उन्होंने मंत्रालयों के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की समीक्षा करना शुरू कर दिया है। रेलमंत्री रोज सुबह नौ बजे अपने मंत्रालय पहुंच रहे हैं। वे सुबह से शाम तक सभी रेल प्रोजेक्टस की वर्तमान स्थिति को समझ रहे और उसके प्रमुख अफसरों से मुलाकात भी कर रहे हैं। इन बैठकों में रेलमंत्री का मुख्य फोकस हाई स्पीड ट्रेन, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड कॉरिडोर, रेलवे सिग्नलिंग सिस्टम और स्टेशन में सुधार को लेकर है। इनमें से अधिकांश प्रोजेक्ट अपने तय समय सीमा से पीछे चल रहे हैं।
रेलवे के साथ आईटी का भी जिम्मा
मोदी सरकार में रेलवे के साथ ही सूचना और आईटी मंत्रालय की जिम्मेदारी अश्विनी वैष्णव ने पास ही है। आईटी मंत्रालय के अफसरों के साथ भी वैष्णव लगातार बैठक कर रहे हैं। कुछ दिनों पहले ही वैष्णव ने राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर के साथ सूचना प्रौद्योगिकी नियम 2021 के कार्यान्वयन और अनुपालन की समीक्षा की। बैठक के बाद उन्होंने कहा था कि नए नियम यूजर्स को सशक्त और संरक्षित करेंगे। साथ ही भारत में एक सुरक्षित और जिम्मेदार सोशल मीडिया का माहौल सुनिश्चित करेंगे।
आईटी मंत्रालय का पदभार संभालते ही मंत्री वैष्णव ने साफ किया था कि भारत में रहने वाले और काम करने वालों को देश के नियमों की पालन करनी होगी। वहीं ट्विटर के नए आईटी नियमों का पालन नहीं करने के सवाल पर उन्होंने कहा था कि जो कोई भी भारत में रहता है और काम करता है उसे यहां के नियमों को मानना ही होगा।
रेलवे के जरिए लोगों का जीवन बदलना ही मकसद
रेलमंत्री वैष्णव ने कार्यभार संभालने के बाद कहा था कि रेलवे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का अहम हिस्सा है। रेलवे के जरिये लोगों के जीवन को बदलना है ताकि आम आदमी, किसान, गरीबों को इसका लाभ मिले। आईआईटी कानपुर से एमटेक और 1994 बैच के पूर्व आईएएस अधिकारी वैष्णव खासतौर से बुनियादी ढांचे में सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) की रूपरेखा बनाने और उस पर अमल के लिए जाने जाते हैं।
वैष्णव ऐसे समय में रेलमंत्री बने हैं, जब निजी ट्रेन चलाने की चुनौती के साथ रेलवे की खाली जमीन के व्यावसायिक विकास की भी चुनौती होगी। साथ ही बुलेट ट्रेन समेत हाई स्पीड रेल कॉरिडोर को भी फास्ट ट्रैक पर लाने की चुनौती होगी। नौकरशाही की बेहतर समझ रखने वाले वैष्णव के बारे में अधिकारियों में यह चर्चा है कि वह प्रशासनिक सुधार के साथ फिर से रेलवे को गति देंगे।