फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   MUDA case: Lokayukta officials conduct spot inspection of 14 plots allotted to Siddaramaiah’s wife

MUDA Case: लोकायुक्त अधिकारियों ने किया 14 भूखंडों का निरीक्षण; वीरप्पा मोइली ने भाजपा पर साधा निशाना

Fri, 04 Oct 2024 07:11 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैसूर (कर्नाटक)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैसूर (कर्नाटक) Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 04 Oct 2024 07:11 PM IST
सार

MUDA Case: लोकायुक्त अधिकारियों ने शुक्रवार को मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (मुडा) के उन 14 भूखंडों का निरीक्षण किया जिन्हें कथित तौर पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती बी.एम को अवैध तरीके आवंटित किया गया था।

विज्ञापन
MUDA case: Lokayukta officials conduct spot inspection of 14 plots allotted to Siddaramaiah’s wife
मुडा मामले में भूखंडों का निरीक्षण करते लोकायुक्त अधिकारी - फोटो : एएनआई

विस्तार

लोकायुक्त अधिकारियों ने शुक्रवार को मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (मुडा) के उन 14 भूखंडों का निरीक्षण किया जिन्हें कथित तौर पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती बी.एम को अवैध तरीके आवंटित किया गया था। अधिकारियों ने यह निरीक्षण मुडा और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ मिलकर किया। 

विज्ञापन


अधिकारियों ने मुडा के इन भूखंडों का माप लिया। इस प्रक्रिया के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता स्नेहमयी कृष्णा भी मौजूद थे, जिन्हें लोकायुक्त ने बुलाया था। कृष्णा ने पत्रकारों से कहा, मुझे आज 14 स्थलों के निरीक्षण के लिए लोकायुक्त ने बुलाया था। 27 सितंबर को लोकायुक्त पुलिस ने सिद्धारमैया, उनकी पत्नी, उनके साले मल्लिकार्जुन स्वामी, देवराजु (जिनसे मल्लिकार्जुन स्वामी ने जमीन खरीदी और उन्हें उपहार में दी) और अन्य के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की थी। यह प्राथमिकी एक विशेष अदालत के 25 सितंबर के आदेश के बाद दर्ज की गई थी। इससे एक दिन पहल उच्च न्यायालय ने सिद्धारमैया के खिलाफ जांच के लिए राज्यपाल थावरचंद गहलोत की मंजूरी बरकरार रखा था। प्रवर्तन निदेशालय ने भी मुडा मामले में एक ईएसआईआर दर्ज की है, जो पुलिस की एफआईआर के समान है। 
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन


मुडा मामले पर कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री वीरप्पा मोइली ने कहा, भाजपा ने मुडा मामले को राजनीतिक रूप से भुनाने का प्रयास किया है। अगर आप नियमों के अनुसार चलें, तो सभी मामलों में मूल निर्णय सर्वोच्च न्यायालय से आते हैं। सरकार ने जांच के लिए अपनी विशेष शक्तियों का उपयोग किया है। यह ध्यान देने योग्य बात है कि ये सभी लेनदेन तब हुई, जब राज्य में भाजपा की सरकार थी। 
 
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस मामले को तूल दे रही है और इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित करने का प्रयास कर रही है। मोइली ने स्पष्ट कहा कि उनका मानना है कि सभी नियमों का प्रक्रियाओं का पालन किया जाना चाहिए और जांच का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए नहीं किया जाना चाहिए। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed