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MP Politics: कुछ ऐसा होगा मोहन यादव का नया मंत्रिमंडल, विजयवर्गीय-प्रहलाद समेत ये दिग्गज भी बन सकते हैं मंत्री

Mon, 18 Dec 2023 04:23 PM IST
Rahul Sampal राहुल संपाल
Updated Mon, 18 Dec 2023 04:23 PM IST
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सार
सूत्रों का कहना है कि सोमवार को दिल्ली में एक छोटी बैठक और हो सकती है, जिसमें नामों की सूची को अंतिम रूप दिया जा सकता है। साथ ही शपथ ग्रहण की तारीख और समय भी तय किया जा सकता है। इस चुनाव में 33 में से 31 मंत्रियों को टिकट दिया गया था। इसमें से 12 चुनाव हार गए, जबकि 19 मंत्री चुनाव जीतकर फिर विधानसभा पहुंचे हैं...
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MP Politics: Kailash Vijayvargiya and Prahlad patel will also become ministers in Mohan yadav new MP cabinet
MP Politics: Mohan Yadav - फोटो : Amar Ujala/Sonu Kumar

विस्तार

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पहले मंत्रिमंडल विस्तार की कवायद दिल्ली में पूरी हो गई है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में प्रदेश से गए नामों पर विचार मंथन किया गया। सोमवार को एक बार फिर संगठन के साथ एक और बैठक होगी। इसमें भी नामों पर मुहर लगेगी। दूसरी तरफ राज्य के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान भी दिल्ली पहुंच रहे हैं। वे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात करेंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि मंत्रिमंडल गठन पर उनसे भी चर्चा की जा सकती है।

सूत्रों का कहना है कि सोमवार को दिल्ली में एक छोटी बैठक और हो सकती है, जिसमें नामों की सूची को अंतिम रूप दिया जा सकता है। साथ ही शपथ ग्रहण की तारीख और समय भी तय किया जा सकता है। इस चुनाव में 33 में से 31 मंत्रियों को टिकट दिया गया था। इसमें से 12 चुनाव हार गए, जबकि 19 मंत्री चुनाव जीतकर फिर विधानसभा पहुंचे हैं।

दिग्गज नेताओं ने मंत्रिमंडल में रहने के लिए दी सहमति

रविवार रात को पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा के घर देर रात तक बैठक चली। इसमे मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अलावा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा, दोनों उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ला, स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर, केंद्रीय मंत्री सिंधिया, फग्गन सिंह कुलस्ते, विधायक प्रहलाद पटेल और पार्टी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय शामिल थे। रविवार रात की बैठक में पूर्व सीएम चौहान को नहीं बुलाया गया था।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, राज्य के वरिष्ठ नेताओं में कैलाश विजयवर्गीय के साथ प्रहलाद पटेल, राकेश सिंह, रीति पाठक, राव उदय प्रताप सिंह और गोपाल भार्गव को भी जगह देने पर विचार चल रहा है। पहली बार में संभवत 18 से 20 मंत्री शपथ ले सकते हैं। केंद्रीय नेतृत्व ने सीनियर नेता कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल से बात की है। उन्होंने मंत्रिमंडल में रहने के लिए अनुमति प्रदान कर दी है। संभावना है कि पार्टी नए चेहरों को भी कैबिनेट में जगह दे। उम्मीद जताई जा रही है सोमवार को मंत्रिमंडल के नाम फाइनल हो सकते हैं। शपथ ग्रहण समारोह मंगलवार को हो सकता है। क्योंकि राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने भी अपने कार्यक्रमों में बदलाव किया है। वे पहले मंगलवार सुबह 11 बजे राजधानी आने वाले थे, लेकिन अब वे सोमवार की शाम 4 बजे ही भोपाल आ जाएंगे।

सभी संसदीय क्षेत्रों को मिलेगा मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व

सूत्रों ने बताया कि पार्टी आलाकमान ने मंत्रियों के चयन का फॉर्मूला तैयार कर लिया है। पार्टी ने दो लाइन साफ कर दी हैं कि पहला मंत्रिमंडल में सभी संसदीय क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व रहेगा। दूसरा तीन बार मंत्री रह चुके नेताओं को जगह नहीं मिलेगी। मोहन मंत्रिमंडल में कोई कोटा सिस्टम नहीं होगा।

जिन विधायकों को मंत्री बनाया जा सकता है, इनमें कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल, राकेश सिंह और रीति पाठक का नाम सबसे आगे है। इनके अलावा सिंधिया गुट से गोविंद राजपूत, तुलसी सिलावट, प्रदुम सिंह तोमर, मालवा निमाड़ से कैलाश गुट के रमेश मेंदोला, इंदर परमार, निर्मला भूरिया, मंजू दादू, ग्वालियर चंबल से एंदल कसाना, अमरीश शर्मा, बृजेंद्र यादव के नाम शामिल हैं।

जबकि विंध्य इलाके से दिव्यराज सिंह, कुंवर टेकाम, महाकौशल से संपतिया उइके, ओम प्रकाश धुर्वे और भोपाल-नर्मदापुरम संभाग से रामेश्वर शर्मा, विष्णु खत्री, कृष्णा गौर, विश्वास सारंग और विजय शाह को मोहन मंत्रिमंडल में जगह मिलने की संभावना है। बुंदेलखंड से ललिता यादव, प्रदीप लारिया, बृजेंद्र प्रताप सिंह, हरिशंकर खटीक और गोपाल भार्गव को मंत्री बनाया जा सकता है।

प्रदेश में अधिकतम 32 विधायक बन सकते हैं मंत्री

मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री समेत 34 मंत्रियों से ज्यादा बड़ा मंत्रिमंडल नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री और दो डिप्टी सीएम पहले ही शपथ ले चुके हैं। इसलिए मोहन की कैबिनेट में अधिकतम 32 विधायकों को ही मंत्री बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ओबीसी, तो दोनों डिप्टी सीएम सवर्ण और एससी कोटे से आते हैं। इसलिए अन्य जातियों के विधायकों को मंत्रिमंडल में ज्यादा जगह मिलने की उम्मीद है। लोकसभा चुनाव देखते हुए भाजपा अन्य जातियों को लुभाने की कोशिश कर सकती है।

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