Exclusive: सीएम बनने के सवाल पर अमर उजाला से बोले कैलाश विजयवर्गीय- पार्टी जो जिम्मेदारी देगी उसे निभाऊंगा
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विस्तार
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय मध्यप्रदेश के इंदौर-एक विधानसभा क्षेत्र से चुनावी मैदान में हैं। कैलाश विजयवर्गीय का नाम जब मध्यप्रदेश में बतौर प्रत्याशी सामने आया, तो सियासत में तमाम तरह की चर्चाएं भी होने लगीं। खुद कैलाश विजयवर्गीय भी प्रत्याशी बनाए जाने से अवाक रह गए। अब चर्चाएं हैं कि अगर कैलाश विजयवर्गीय चुनाव जीतते हैं और भाजपा बहुमत से सरकार में आती है, तो मुख्यमंत्री के चेहरे भी हो सकते हैं। वह खुद भी कहते हैं पार्टी जो जिम्मेदारी देगी उसका वह निर्वहन करेंगे। सरकार बनाने पर नेतृत्व परिवर्तन को लेकर उनका कहना है कि बहुमत आने के साथ ही इस पर निर्णय लिया जा सकता है। अपने विधायक बेटे की पांच साल से तैयार की गई सियासी पिच पर टिकट कटने को लेकर भी वह खुलकर बोलते हैं। अमर उजाला डॉट कॉम के आशीष तिवारी ने कैलाश विजयवर्गीय से ऐसे ही तमाम सियासी मुद्दों पर बातचीत की।
सवाल: अब तो चुनाव में बहुत ज्यादा दिन नहीं बचे हैं। कैसी चल रही है आपकी चुनावी तैयारियां?
जवाब: बहुत ही मजबूती के साथ हमारा चुनाव लड़ा जा रहा है। और यह चुनाव मैं खुद नहीं लड़ रहा हूं। यह चुनाव तो हमारे कार्यकर्ता ही लड़ रहे हैं। सब जानते हैं मेरे बारे में। मैं मेयर भी रह चुका हूं यहां का। इसलिए मजबूत तैयारी के साथ मैदान में हूं। बंपर जीत होने वाली है।
सवाल: कैलाश विजयवर्गीय भाजपा का वह चेहरा थे, जो देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर सीटें जितवाने का काम करते थे। अब आप खुद चुनावी मैदान में हैं। लगता नहीं है कि कहीं न कहीं आप इसमें सिमट कर रह गए हैं।
जवाब: नहीं, नहीं...ऐसा बिल्कुल नहीं है कि मैं फंस गया हूं। मैं तो अभी भी अलग-अलग विधानसभाओं में लगातार दौरा कर रहा हूं। मध्यप्रदेश की तकरीबन डेढ़ दर्जन विधानसभाओं में जाकर दूसरे प्रत्याशियों के लिए प्रचार किया है और मुझे लगता है कि चुनाव आते-आते मैं 70 से 80 विधानसभाओं में जाकर प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार तो कर ही आऊंगा। पार्टी ने मुझे जिम्मेदारी दी है। मैं अपनी सीट तो निकालूंगा ही और भाजपा के सिपाहियों को भी जितवाऊंगा।
सवाल: आपके मुख्यमंत्री बनने को लेकर बड़ी चर्चाएं हो रही हैं मध्यप्रदेश में। गाहे-बगाहे आप भी कुछ ऐसा बोल ही देते हैं, जो इसे पुख्ता कर जाता है। क्या कहेंगे आप इस पर?
जवाब: मैं पार्टी का सिपाही हूं। पार्टी ने कहा लड़ो चुनाव, तो चुनाव लड़ रहा हूं। बाकी पार्टी को निर्णय करना है। पार्टी जो जिम्मेदारी देगी उसका निर्वहन करेंगे।
सवाल: तो मतलब मान लिया जाए कि आप मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं। सीधे तौर पर आप भले न कहें, लेकिन आपके समर्थन और आसपास के लोग तो समूचे मध्यप्रदेश में यही प्रचारित कर रहे हैं।
जवाब: देखिए, जो जिम्मेदारी मिलेगी, मैंने कहा उसका निर्वहन करूंगा। हो सकता है चुनाव जीतने के बाद पार्टी मुझे वापस संगठन का ही काम सौंप दे और मैं महासचिव बनकर फिर अपनी पुरानी जिम्मेदारियां का निर्वहन करने लगूं। सब पार्टी नेतृत्व और उसके दिशा निर्देशों पर है। मुझे उनके आदेश का पालन करना है।
सवाल: आपको लगता है कि मध्यप्रदेश में अगर भाजपा की सरकार बनी तो इस बार नेतृत्व परिवर्तन हो सकता है?
जवाब: इस बारे में अभी कोई भी कमेंट नहीं कर सकता हूं। ये निर्णय बहुमत आने के बाद का है।
सवाल: आपके बेटे आकाश विजयवर्गीय ने पांच साल तक सियासी जमीन तैयार की और टिकट आपको मिल गया। क्या लगता है आपको कि चुनाव में आपके बेटे की तैयार की गई सियासी पिच पर अब आप बैटिंग कर रहे हैं।
जवाब: देखिए...मेरे बेटे ने तो मुझे विधानसभा का टिकट मिलने के बाद ही चिट्ठी लिख दी थी कि मेरे नाम पर विचार न किया जाए क्योंकि मेरे पापा को टिकट मिल गया है। तो अब इस मामले में सभी 'किंतु परंतु' खत्म हो जाते हैं। रही मेरे बेटे की ओर से तैयार की गई पांच साल की सियासी पिच पर बैटिंग करने की तो मेरी विधानसभा सीट अलग है और उसने जहां पर तैयारी की वह दूसरी विधानसभा सीट थी। लेकिन यह सच है कि वह जहां पर विधानसभा सीट से विधायक था, वहां पर जीतेगी भाजपा ही।
सवाल: मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने तो बड़े-बड़े चेहरे उतार दिए। सबकी बहुत बड़ी परीक्षा है। कांग्रेस कह रही है कि यहीं से हमारे लिए जीत का रास्ता तैयार हुआ है।
जवाब: कांग्रेस के पास कोई जवाब नहीं बचता है। जब हम लोगों को सियासी मैदान में उतारा गया, तो कांग्रेस के नेता बेहोश हो गए। क्योंकि उनको पता था कि हम लोगों के अनुभव के सामने कांग्रेस का कोई बड़ा प्रत्याशी मिल ही नहीं पा रहा है। अब कांग्रेस के पास हमारी पार्टी की ओर से उतारे गए बड़े चेहरों के खिलाफ कोई भी प्रत्याशी नहीं ढंग का है।
सवाल: लेकिन कांग्रेस तो दवा कर रही है कि वह मध्यप्रदेश में इस बार फिर से बंपर तरीके से सरकार बनाने जा रहे हैं। उनके नेता लगातार कह रहे हैं कि भारतीय जनता पार्टी में गुटबाजी बहुत है।
जवाब: अब कांग्रेस के बारे में हम क्या बोलें। बस इतना पता है कि मध्यप्रदेश की जनता ने तय कर लिया है कि कांग्रेस से राज्य का भला नहीं होने वाला। केंद्र की योजनाओं का जितना लाभ मध्यप्रदेश को मिला है और मध्यप्रदेश की जनता उससे लाभान्वित हुई है। वह इस बार ठान चुकी है कि सरकार किसकी बनानी है। इसलिए अगर कांग्रेस गलतफहमी में जी रही है, तो जीती रहे।
सवाल: क्या लगता है, कितनी सीटें आप लोग जीतने वाले हैं इस विधानसभा के चुनाव में।
जवाब: इस विधानसभा के चुनाव में हमारी पार्टी दो तिहाई बहुमत के साथ मध्यप्रदेश में सरकार बनाने जा रही है। आप इंतजार करिएगा चुनाव परिणाम का। फिर आपसे बात करेंगे कि कैसे समीकरण रहे और कैसे जनता ने जवाब दिया।