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MP Election 2023: क्या छठवीं बार बुधनी में चलेगा शिवराज का राज, कैसा है मुख्यमंत्री की सीट का सियासी इतिहास?

Fri, 15 Sep 2023 12:24 PM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Fri, 15 Sep 2023 12:24 PM IST
सार

MP Election 2023: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सिहोर जिले की बुधनी सीट से मौजूदा विधायक हैं। 1990 में शिवराज पहली बार बुधनी के विधायक बने थे। नवंबर 2005 में शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री बने। मई 2006 में बुधनी सीट पर उप-चुनाव जीतकर शिवराज दूसरी बार विधायक बने।

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MP Election 2023: Budni Assembly Seat Profile And History
जनता को संबोधित करते मुख्यमंत्री शिवराज सिंह। - फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की तारीखों का कभी भी एलान हो सकता है। इससे पहले ही राज्य में चुनावी पारा चढ़ा हुआ है। सभी दलों ने अभी से चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है। सत्ताधारी भाजपा की ओर से चुनावी मौसम में कई नई योजनाएं शुरू कर दी गईं हैं। वहीं, कांग्रेस भी चुनाव जीतने पर कई तरह के लाभ मतदाताओं को देने का वादा कर रही है। आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल भी मतदाताओं को चुनावी गारंटी दे रहे हैं। 
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इन सबके बीच कुछ सीटें ऐसी हैं जिन पर सभी की नजर रहेगी। इन्हीं सीटों में से एक है सिहोर जिले की बुधनी सीट। इस सीट से राज्य के मौजूदा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान विधायक हैं। शिवराज 2018 में यहां से कुल पांचवीं बार जीते हैं। 
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MP Election 2023: Budni Assembly Seat Profile And History
सीहोर में सीएम शिवराज - फोटो : सोशल मीडिया
चर्चित सीट क्यों?
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इस सीट से मौजूदा विधायक हैं। 2005 में बाबूलाल गौर की जगह शिवराज सिंह चौहान राज्य के मुख्यमंत्री बने थे। उस वक्त शिवराज विदिशा लोकसभा सीट से सांसद थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने बुधनी सीट से उप-चुनाव लड़ा और यहां से विधायक बने। तब से लगातार इस सीट से जीतते आ रहे हैं। 

MP Election 2023: Budni Assembly Seat Profile And History
विधानसभा क्षेत्र बुधनी में सीएम शिवराज - फोटो : सोशल मीडिया
अब तक कैसा रहा है सीट का चुनावी इतिहास?
1956 में आधुनिक मध्य प्रदेश का गठन हुआ। इसके बाद 1957 में राज्य में चुनाव हुए। इस चुनाव में बुधनी सीट पर चुनाव हुए। उस वक्त यहां से कांग्रेस की राजकुमारी सूरजकला ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने निर्दलीय मथुरा प्रसाद को 705 वोट से हराया था। उस वक्त इस सीट पर कुल 58,573 मतदाता थे। पहले चुनाव में कुल 48.03% यानी 28,131 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। राजकुमारी सूरजकला को कुल 9,672 वोट मिले थे। वहीं, उनके निकटतम प्रतिद्वंदी मथुरा प्रसाद को 8,967 वोट से संतोष करना पड़ा था। राजकुमारी सूरजकला इस सीट से जीती अब तक इकलौती महिला विधायक हैं।

1962 में हुए विधानसभा चुनाव में इस सीट से निर्दलीय बंशी धर को जीत मिली। उन्होंने हिंदू महासभा के मथुरा प्रसाद को 3,082 वोट से हराया था। 1957 में यहां से जीतने वाली कांग्रेस की राजकुमारी सूरजकला को तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा था। 

1967 के विधानसभा चुनाव में यहां पहली बार जनसंघ को जीत मिली। इस चुनाव में जनसंघ के एम शिशिर ने कांग्रेस के एस राम को 3,018 वोट से हराया था। 

1972 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर यहां की जनता ने नए चेहरे पर भरोसा जताया। इस बार निर्दलीय सालिगराम वाल्मिकी जीते। उन्होंने कांग्रेस के बंशीधर कालूराम को 2,653 वोट से हराया था। सालिगराम बुधनी सीट से लगातार दो चुनाव जीतने वाले पहले नेता बने। उन्होंने 1977 के विधानसभा चुनाव में जनता पार्टी के टिकट पर यहां से जीत दर्ज की। इस चुनाव में सालिगराम ने कांग्रेस के सैय्यद एजाज अली सरफराज अली उर्फ पुत्तन को 13,145 वोट से हराया था। 

1980 और 1985 में यहां से लगातार दो बार कांग्रेस को जीत मिली। 1980 में केएन प्रधान यहां से जीते तो 1985 में कांग्रेस के ही चौहान सिंह को जीत मिली। 1990 में यहां से शिवराज सिंह चौहान ने भाजपा का खाता खोला। 

शिवराज लोकसभा चले गए तो 1993 और 1998 में इस सीट  पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। 1993 में कांग्रेस के राजकुमार पटेल तो 1998 में कांग्रेस के ही देव कुमार पटेल ने जीत दर्ज की थी। 
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MP Election 2023: Budni Assembly Seat Profile And History
शिवराज सिंह चौहान - फोटो : सोशल मीडिया
1990 में पहली बार बुधनी के विधायक बने थे शिवराज 
1990 के विधानसभा चुनाव में बुधनी सीट के चुनाव में पहली बार शिवराज सिंह चौहान मैदान में थे। इस चुनाव में उन्होंने बुधनी सीट पर भाजपा की जीत का खाता खोला। इसके बाद शिवराज विदिशा लोकसभा सीट से सांसद बन गए। 10वीं, 11वीं, 12वीं, 13वीं और 14वीं लोकसभा में लगातार पांच बार शिवराज विदिशा से सांसद बने। 2004 का लोकसभा चुनाव जीतने के डेढ़ साल बाद शिवराज मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बना दिए गए। 

उस वक्त बुधनी से भाजपा के राजेंद्र सिंह विधायक थे। 2003 के विधानसभा चुनाव में राजेंद्र सिंह ने कांग्रेस के राजकुमार पटेल को 10,436 वोट से हराया था। शिवराज के मुख्यमंत्री बनने के बाद राजेंद्र सिंह ने यह सीट उनके लिए खाली कर दी। 

2006 से लगातार शिवराज के पास है बुधनी सीट
29 नवंबर 2005 को शिवराज सिंह चौहान को भाजपा ने बाबूलाल गौर की जगह मुख्यमंत्री बनाया। मई 2006 में बुधनी सीट पर उप-चुनाव जीतकर शिवराज दूसरी बार विधायक बने। शिवराज को 66,689 वोट मिले। उन्होंने कांग्रेस के राजकुमार पटेल को 36,525 वोट से हराया। पटेल को सिर्फ 30,164 वोट मिले।        

MP Election 2023: Budni Assembly Seat Profile And History
शिवराज सिंह चौहान छतरपुर में गौरव दिवस समारोह को संबोधित करते हुए। - फोटो : अमर उजाला
चुनाव दर चुनाव बढ़ा शिवराज की जीत का अंतर
1990 में शिवराज पहली बार बुधनी के विधायक बने थे। तब उनकी जीत का अंतर 22,810 वोट का था। 2006 के उप-चुनाव में उन्होंने 36,525 वोट से जीत दर्ज की। करीब ढाई साल बाद जब 2008 के विधानसभा चुनाव हुए तब उन्होंने कांग्रेस के महेश सिंह राजपूत को 41,525 वोट से मात दी। पांच साल बाद जीत का ये अंतर 84,805 वोट का हो गया। इस बार उन्होंने कांग्रेस के डॉक्टर महेंद्र सिंह चौहान को हराया। शिवराज के चुनाव-दर-चुनाव बढ़ते जीत के अंतर पर 2018 में ब्रेक लगा। 

MP Election 2023: Budni Assembly Seat Profile And History
शिवराज सिंह चौहान मेट्रो प्रोजेक्ट के भूमिपूजन अवसर पर संबोधित करते हुए। - फोटो : अमर उजाला
2018 में हुआ सबसे रोचक मुकाबला
बीते चुनाव में बुधनी विधानसभा सीट पर शिवराज सिंह चौहान के सामने कांग्रेस ने अरुण यादव को मैदान में उतारा। अरुण यादव मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री होने के साथ ही पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुभाष यादव के बेटे हैं।
 
अरुण यादव के मैदान में आने के बाद बुधनी सीट बेहद चर्चा में आ गई। हालांकि, नतीजे आए तो शिवराज सिंह चौहान एक बार फिर जीतने में सफल रहे। इस बार उनकी जीत का अंतर 2013 के मुकाबले थोड़ा कम हो गया। 2013 में 84 हजार से ज्यादा वोट से जीतने वाले शिवराज को इस बार 58,999 वोट से जीत मिली। इस चुनाव में शिवराज को कुल 1,23,492 वोट मिले। वहीं, अरुण यादव को महज 64,493 वोट से संतोष करना पड़ा। 

MP Election 2023: Budni Assembly Seat Profile And History
बुधनी में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान - फोटो : सोशल मीडिया
कैसा है यहां का भूगोल?
बुधनी सीट सिहोर जिले का हिस्सा है। इस जिले में कुल चार विधानसभा क्षेत्र पड़ते हैं। इनमें बुधनी के साथ सिहोर, इछावर और आष्टा विधानसभा सीटें आती हैं। मुख्यमंत्री का जिला राजधानी भोपाल से महज 35 किलोमीटर दूर है। जिले का कुछ क्षेत्रफल 6,578 वर्ग किलोमीटर है। जिले में आठ तहसील और पांच ब्लॉक हैं। 2011 की जनगणना के मुताबिक जिले की कुल आबादी 13 लाख से ज्यादा है। जिले की करीब 60 फीसदी आबादी साक्षर है।

सिहोर जिले का पुराना नाम सिद्धपुर माना जाता है। कहा जाता है कि शैव, शाक्त, जैन, वैष्णव, बौद्ध और नाथ सन्यासियों ने सीहोर को अपनी गहन साधना का महत्वपूर्ण केंद्र बनाया।  ऐसा माना जाता है कि महर्षि पतंजली ने भी कुछ वक्त यहां बिताया था। राम, लक्ष्मण और सीता भी वनवास के दौरान यहां से गुजरे थे।

 यह जिला कभी भोपाल स्टेट का हिस्सा था। मध्य प्रदेश के गठन के बाद भोपाल राज्य की राजधानी बनी, उस वक्त भोपाल सिहोर जिला का ही हिस्सा हुआ करता था। 1972 में सिहोर को विभाजित करके भोपाल अलग जिले के रूप अस्तित्व में आया।
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