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Bhopal Assault Conversion Case: क्या है छात्राओं से दरिंदगी का केस; कब, क्यों-कैसे हुईं शिकार, कौन आरोपी?

Tue, 29 Apr 2025 04:44 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Tue, 29 Apr 2025 04:44 PM IST
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सार
भोपाल में हुआ ताजा दुष्कर्म-धर्म परिवर्तन का मामला क्या है? इससे जुड़ा पूरा खुलासा कब हुआ? आरोपियों ने कैसे साजिश को अंजाम दिया? इसके अलावा इस पूरे मामले की तुलना 1992 के अजमेर कांड से क्यों हो रही है? आइये जानते हैं...
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MP Bhopal Assault Religious Conversion Case compared with 1992 Ajmer Kaand College Student Girls explained
भोपाल धर्मांतरण केस के आरोपी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश के भोपाल में कॉलेज छात्राओं से दुष्कर्म, उनका वीडियो बनाकर उन्हें धमकाने और धर्म परिवर्तन के लिए ब्लैकमेल करने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस केस ने देशभर के लोगों के जेहन में आज से 33 साल पहले हुए अजमेर कांड की यादें ताजा कर दी हैं, जब सैकड़ों स्कूली छात्राएं इसी तरह दरिंदों का शिकार बनी थीं। 




भोपाल का दुष्कर्म-धर्म परिवर्तन का मामला क्या है? इसका खुलासा कब हुआ? आरोपियों ने कैसे साजिश को अंजाम दिया? इस मामले में कौन से चेहरे आरोपी हैं? मामले की तुलना 1992 के अजमेर कांड से क्यों हो रही है? आइये जानते हैं...

कब सामने आया पूरा मामला?
इस पूरे कांड का खुलासा 24 अप्रैल को हुआ, जब भोपाल पुलिस ने पीड़िताओं की शिकायत के आधार पर पहले तीन एफआईआर दर्ज कीं। इसके बाद पुलिस ने जांच आगे बढ़ाते हुए एक और मामला दर्ज किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस ने एक पांचवीं पीड़िता की पहचान भी कर ली है, लेकिन उसने अब तक एफआईआर दर्ज नहीं कराई है।

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कैसे दिया जाता था पूरे कांड को अंजाम, कितने हुए इसके शिकार?
1. एक पीड़िता की मुख्य आरोपी फरहान खान से मुलाकात 2023 में हुई थी, जब वह कॉलेज में पढ़ने आई थी। पीड़िता ने बताया कि जब उच्च शिक्षा के लिए इंदौर गई तो भी आरोपी ने उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। आरोपी शादी करने और धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहा था। पीड़िता के इनकार करने पर फरहान दोस्तों के साथ इंदौर पहुंचा और वहां दोस्तों के साथ मिलकर पीड़िता से फिर दुष्कर्म किया। इसके बाद पीड़िता ने इंदौर में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की। हालांकि, जब उसे मदद नहीं मिली तो वह भोपाल आई और माता पिता के साथ 17 अप्रैल को थाने में शिकायत दर्ज कराई।  

2. फरहान के मोबाइल से मिले वीडियो के आधार पर पुलिस ने दो और लड़कियों की पहचान की। यह पीड़िताएं सगी बहनें हैं। इन लड़कियों ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने 2022 में पहले बीटेक की पढ़ाई कर रही बड़ी बहन को फंसाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद उसे जबरदस्ती नॉनवेज खिलाया और शादी और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने लगा। जब लड़की ने उससे बातचीत बंद कर दी तो आरोपी उसे कॉलेज में ही बदनाम करने लगा। सितंबर 2024 में उसने मामला सुलझाने के लिए पीड़िता को दोस्त अबरार खान के घर बुलाया और वहां उसका उत्पीड़न किया।

3. इसी बीच आरोपी ने पीड़िता की छोटी नाबालिग बहन को जून 2024 में अपने दोस्त से मिलवाया। इस शख्स ने लड़की से छेड़छाड़ के बाद उससे दुष्कर्म किया और आपत्तिजनक वीडियो तक बना लिए। दूसरे आरोपी ने यह वीडियो फैलाने शुरू कर दिए और ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी। जुलाई 2024 में मुख्य आरोपी ने इस मामले को खत्म करने के लिए पीड़िता को अपने दोस्त के घर बुलाया और वहां नशीले पदार्थ देकर उसके साथ दुष्कर्म किया।

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4. पुलिस ने इसी तरह वीडियो के आधार पर एक और पीड़िता की पहचान की, जिसकी डरावनी दास्तां बाकी तीन लड़कियों की तरह की ही थी। एक और खुलासा यह हुआ है कि आरोपी चुपके से बनाए गए पीड़िताओं के अश्लील वीडियो के जरिए उन पर अपनी सहेलियों से दोस्ती करवाने का दबाव भी बनाते थे। ऐसे में पुलिस को अब उन अन्य लड़कियों की भी तलाश है, जो इस गिरोह के चंगुल में फंसी थीं। इस मामले में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) के गठन का भी आदेश दिया गया है।

कहां से होती थी साजिश की शुरुआत?
फरहान के चंगुल में फंसी एक पीड़िता की तरफ से किए गए खुलासे के बाद ही पुलिस को मामले में एक पूरे गिरोह के शामिल होने का शक हुआ। जानकारी मिली है कि फरहान का दोस्त साहिल काफी समय से भोपाल के अशोका गार्डन इलाके में किराए पर रह रहा था। वह यहां रहकर डांस क्लास चलाता था और इस क्लास के बहाने सिर्फ ऐसी हिंदू लड़कियों को प्रवेश देता था, जो गरीब परिवार से हों या मध्यमवर्गीय परिवार से हैं। ऐसी युवतियों को पढ़ाई के साथ साइड इनकम डांस के जरिए कराने का झांसा देकर साहिल उन्हें अपने गिरोह में फंसाता और नजदीकी बनाकर उनको हवस का शिकार बनाकर गिरोह के अन्य मुस्लिम युवकों को सौंप देता था। पुलिस साहिल के मोबाइल की फॉरेंसिक जांच कर डाटा को रिकवर करने की भी तैयारी में हैं।

मामले में कौन-कौन और कितने आरोपी हैं?
इस मामले में अब तक कुल छह आरोपियों की पहचान हो चुकी है। इनमें मुख्य आरोपी फरहान खान, साहिल, शाजी उर्फ शम्शुद्दीन, अबरार, नबील शामिल हैं। एक अन्य आरोपी की पहचान उजागर नहीं हुई है। 

क्यों हो रही मामले की 1992 के अजमेर कांड से तुलना?
  • भोपाल जैसा मामला 1992 में राजस्थान के अजमेर में आया था। इसमें एक गैंग ने 1992 में स्कूल-कॉलेज में पढ़ने वाली करीब 250 लड़कियों की नग्न तस्वीरें हासिल कीं। फिर उन्हें लीक करने की धमकी देकर 100 से अधिक छात्राओं के साथ गैंगरेप किया। 
  • एक अखबार ने जब इसका खुलासा किया तो मामला सामने आया था। इस केस में कुल 18 आरोपी थे। अगस्त 2024 में अजमेर की विशेष अदालत ने छह आरोपियों (नफीस चिश्ती, नसीम उर्फ टार्जन, सलीम चिश्ती, इकबाल भाटी, सोहिल गणी, सैयद जमीर हुसैन) को उम्रकैद की सजा सुनाई। 
  • मामले में कुछ और लोगों को पहले ही निचली अदालत ने सजा दे दी थी। हालांकि, इनमें से कुछ को हाईकोर्ट ने बाद में बरी कर दिया और कुछ को सजा पूरी होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने छोड़ दिया।
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