मोदी के न्योते के बाद भारत पहुंचा मोशे, नरीमन हाउस पहुंच माता-पिता को किया याद
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भारत पहुंचे बेबी मोशे ने मुंबई के नरीमन हाउस का दौरा किया। इस दौरान मोशे के साथ उनके दादा-दादी भी मौजूत थे। बता दें कि साल 2008 के 26/11 आतंकी हमले में मोशे के माता-पिता इस जगह पर ही मारे गए थे।
नरीमन हाउस में मोशे के स्वागत के लिए बड़ी तैयारियां की गई है। मोशे के दादाजी का कहना है कि वह भारत आकर बेहद खुश हैं और वह अब भारत में ज्यादा सुरक्षित है।
Mumbai: Moshe Holtzberg visits Nariman House, where his parents lost their lives in the 26/11 attack. His grandparents also present. pic.twitter.com/ja1dsPtB2p
— ANI (@ANI) January 16, 2018
बता दें कि इस हमले के दौरान सैंड्रा मेथुअल्स नाम की महिला ने मोशे को बहादुरी से बचाया था और इसी वजह से इजरायल सरकार ने नियमों को दरकिनार करके सैंड्रा को वहां की नागरिकता दी थी।
मोशे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए भारत आया है, हालांकि अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि उसकी ये मुलाकात कब होगी।
मोशे के मां-बाप समेत 6 लोगों की हुई थी मौत
साल 2008 में मुंबई में 10 पाकिस्तानी आतंकवादियों के हमले के दौरान चबाड हाउस के नाम से चर्चित नरीमन हाउस में निदेशक रब्बी गेव्रिएल और रिवका होल्ट्जबर्ग व छह अन्य लोगों की मौत हो गई थी। दक्षिण मुंबई के कोलाबा इलाके में पांच मंजिला ऐतिहासिक भवन में दंपती चबाड-लुबाविच मुहिम के लिए एक सांस्कृतिक केंद्र चलाता था।
वर्तमान में नरीमन हाउस का नेतृत्व कर रहे रब्बी इस्राइल कोजोलोवास्की ने बताया कि यहूदी संगठन चबाड-लुबाविच द्वारा स्थापित किए जा रहे स्मारक की औपचारिक घोषणा इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के दौरे के दौरान एक कार्यक्रम में की जाएगी। उन्होंने कहा कि ‘लिविंग मेमोरियल’ की स्थापना खुद की, अपने समुदाय और दुनिया की बेहतरी के लिए सभी पंथ के लोगों को जागरूक और प्रेरित करने के लिए की जा रही है।