Kolkata: तिरंगे में लिपटकर कोलकाता पहुंचा बलिदानी जवान झंटू शेख का पार्थिव शरीर, गांव में शोक की लहर
तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में बलिदानी सेना के हवलदार झंटू अली शेख का पार्थिव शरीर शुक्रवार देर रात कोलकाता एयरपोर्ट पर लाया गया। इसके बाद कल सुबह उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव ले जाया जाएगा।
विस्तार
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान बलिदानी हुए सेना के हवलदार झंटू अली शेख का पार्थिव शरीर शुक्रवार देर रात कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लाया गया। बलिदानी झंटू पश्चिम बंगाल के नादिया जिले के रहने वाले थे। बता दें कि बीते 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई, जिसमें ज्यादातर लोग पर्यटक थे। इस घटना के बाद देशभर में आक्रोश का माहौल है।
एयरपोर्ट में मंत्री फिरहाद हकीम ने दी श्रद्धांजलि
बलिदानी हुए सेना के हवलदार झंटू अली शेख का पार्थिव शरीर के कोलकाता एयरपोर्ट पर पहुंचने के साथ ही पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री फिरहाद हकीम ने तिरंगे में लिपटे ताबूत पर पुष्प चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। साथ ही हवाई अड्डे पर मौजूद लोगों ने भारत माता के वीर संतान झंटू शेख अमर रहें जैसे नारे लगाकर अपने वीर सपूत को भावभीनी विदाई दी। इसके बाद बलिदानी झंटू अली शेख के पार्थिव शरीर को शवगृह ले जाया गया। जहां शनिवार सुबह उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव ले जाया जाएगा।
ये भी पढ़ें:- Pahalgam Attack: J&K के अस्पतालों में अलर्ट, सीमा के चिकित्सा केंद्रों में अतिरिक्त तैनाती, छुट्टियां रद्द
कॉल का इंतजार कर रहीं थी अली शेख की पत्नी
मुठभेड़ में बलिदानी हुए अली शेख की पत्नी ने अपनी व्यथा बताई। उन्होंने कहा कि वह अभी तक इस सच्चाई को स्वीकार नहीं कर पा रही हैं कि उनके पति अब कभी वापस नहीं आएंगे। उन्होंने कहा कि सुबह उन्होंने मैसेज किया था कि वो काम में व्यस्त हैं और कल बात करेंगे। लेकिन दोपहर में खबर आई कि वो घायल हैं। मैंने सोचा कि जल्दी ठीक हो जाएंगे, लेकिन फिर असली खबर आई।
शेख की पत्नी ने आगे बताया कि वह देश के लिए पूरी तरह समर्पित थे और अपने ऑपरेशन से जुड़ी कोई जानकारी घर पर नहीं बताते थे। बलिदानी सैनिक शेख के परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं। तीन भाइयों में से एक झंटू और उनके बड़े भाई रफीकुर शेख दोनों भारतीय सेना में हैं।
ये भी पढ़ें:- एक और आतंकी का घर मिट्टी में: सुरक्षाबलों ने आतंकी एहसान उल हक का मकान गिराया, 24 घंटे में तीसरी बड़ी कार्रवाई
गांव में शोक की लहर....
आतंकियों के साथ हुए मुठभेड़ में बलिदानी हुए सेना के हवलदार शेख के गांव में शोक की लहर है, लेकिन साथ ही उन्हें अपने बेटे की बहादुरी पर गर्व भी है। गांव में लोगों ने हवलदार शेख को एक शांत और दयालु व्यक्ति बताया, जो हमेशा वर्दी पहनकर देश की सेवा करने का सपना देखा करते थे। गौरतलब है कि सेना अधिकारियों ने बताया कि झंटू शेख 6 पैरा यूनिट के जवान थे और गुरुवार को उधमपुर के डुडू-बसंतगढ़ इलाके में आतंकवादियों की तलाश में चले अभियान के दौरान हुई मुठभेड़ में बलिदानी हो गए।