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चपरासियों के हवाले हैं कॉयर बोर्ड के शोरूम, एक तिहाई पर लगने वाला है ताला

Wed, 07 Oct 2020 01:55 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Jeet Kumar Updated Wed, 07 Oct 2020 01:55 AM IST
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More than one third of the showrooms of the Coir Board under the Ministry of Small, Micro and Medium Industries are being closed
सांकेतिक तस्वीर

विदेशों में भले ही भारतीय हैंडीक्राफ्ट की बड़ी मांग हो भारत में हथकरघा उद्योग के बल पर चलने वाले कॉयर बोर्ड की हालत खराब है। केंद्रीय लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले कॉयर बोर्ड के एक तिहाई से अधिक शोरूम बंद किए जा रहे हैं। इसके लिए कोरोना-जनित मंदी नहीं बल्कि कॉयर बोर्ड का कुप्रबंधन जिम्मेदार है।

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हालत यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनाव क्षेत्र वाराणसी और उनके गृह प्रदेश गुजरात की राजधानी अहमदाबाद स्थित कॉयर बोर्ड के शोरूम में न तो कोई सेल्समैन है और ना ही मैनेजर। ये दो ही नहीं इनके जैसे कई शोरूम काफी समय से चतुर्थ श्रेणी  कर्मचारियों यानी चपरासियों के हवाले हैं। सबसे बड़े समुद्र तट वाले प्रदेश गुजरात में औद्योगिक विकास के लिए बोर्ड का कोई कर्मचारी ही नहीं है।
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पिछले 17 वर्षों से कॉयर बोर्ड में कोई स्थाई मार्केटिंग डायरेक्टर नहीं है। यही वजह है कि शोरूम की बिक्री 22 करोड़ से घटकर आठ करोड़ रह गई है। इसीलिए बोर्ड अपने 29 में से 10 शोरूम बंद कर रहा है। इनमें दिल्ली के नेहरू प्लेस, देहरादून, जयपुर, कानपुर, इलाहाबाद, इंदौर, अगरतला, गंगटोक, पालघाट और मदुरई स्थित शोरूम शामिल हैं।
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नहीं मिल रहा सामान
घाटे में तो वाराणसी और अहमदाबाद के शोरूम भी हैं लेकिन प्रधानमंत्री के चुनाव क्षेत्र और गृह प्रदेश में होने की वजह से वह बंद होने से बच गए हैं। जो बच भी गए हैं उन शोरूम में सामान ही नहीं है क्योंकि बोर्ड द्वारा स्वीकृत विक्रेताओं से सामान खरीदने पर सभी शोरूम पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और बोर्ड स्वयं खरीद कर उन्हें सामान दे नहीं रहा है।

सांसदों ने लिखे पत्र
पूर्व केंद्रीय मंत्री शिव प्रताप शुक्ल, कौशांबी से सांसद विनोद सोनकर और राज्यसभा सदस्य डॉ अशोक वाजपेयी सहित लगभग आधा दर्जन सांसदों ने केंद्रीय लघु, सूक्ष्म एवं मझोले उद्योग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर कॉयर बोर्ड की दशा सुधारने का आग्रह किया है।


उनका कहना है कॉयर बोर्ड लाखों लोगों को रोजगार प्रदान करता है जिनमें अधिकतर महिलाएं हैं। ऐसे में सरकार को मार्केटिंग डायरेक्टर के लिए किसी उचित व्यक्ति का चयन कर बिक्री बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए ना कि शोरूम बंद करने पर।

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