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मोरबी पुल हादसा: आरोपी जयसुख पटेल को मिली सशर्त जमानत, जिले में प्रवेश पर रोक; पासपोर्ट जमा करने का भी निर्देश
Tue, 26 Mar 2024 10:59 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोरबी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोरबी
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Tue, 26 Mar 2024 10:59 PM IST
सार
मोरबी सस्पेंशन पुल हादसे मामले में मुख्य आरोपी ओरेवा ग्रुप के सीएमडी जयसुख पटेल को सशर्त जमानत मिल गई है। कोर्ट ने उन्हें सात दिनों के भीतर पासपोर्ट जमा कराने के भी निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि गुजरात के मोरबी शहर में नदी पर बना मोरबी सस्पेंशन ब्रिज 30 अक्तूबर, 2022 को ढह गया, जिसमें 135 लोगों की मौत हो गई थी।
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अदालत ने दी मुख्य आरोपी को सशर्त जमानत
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
गुजरात में 2022 को हुए मोरबी सस्पेंशन पुल हादसे मामले में मुख्य आरोपी ओरेवा ग्रुप के सीएमडी जयसुख पटेल को आखिरकार जमानत मिल गई है। सुनवाई पूरी होने तक जिले में उनके प्रवेश पर भी रोक लगा दी है, उनकी जमानत के लिए सात कड़ी शर्तें लगाई गई हैं।
कड़े नियम-शर्तों के साथ दी गई आरोपी को जमानत
इस मामले के मुख्य आरोपी जयसुख पटेल को प्रधान सत्र न्यायालय न्यायाधीश पीसी जोशी के आदेश पर मोरबी उप-जेल से रिहा कर दिया गया था, कुछ दिनों बाद सुप्रीम कोर्ट ने उनकी नियमित जमानत याचिका की अनुमति दी और ट्रायल कोर्ट को उनके लिए कड़े नियम और शर्तें तय करने का निर्देश दिया। गौरतलब है कि गुजरात के मोरबी शहर में नदी पर बना मोरबी सस्पेंशन ब्रिज 30 अक्तूबर, 2022 को ढह गया, जिसमें 135 लोगों की मौत हो गई।
नियमित जमानत पर रिहा करने के लिए सात शर्ते लगाईं
विशेष लोक अभियोजक विजय जानी ने कहा कि प्रधान सत्र न्यायाधीश पीसी जोशी की अदालत ने मंगलवार को मामले के मुख्य आरोपी जयसुख पटेल को नियमित जमानत पर रिहा करने के लिए सात शर्तें लगाईं हैं। उन्होंने कहा कि आरोपी को मुकदमे की समाप्ति तक मोरबी जिले से बाहर रहने और केवल मुकदमे की तारीखों पर जिले का दौरा करने का निर्देश दिया गया।
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सात दिनों के भीतर पासपोर्ट जमा करने के निर्देश
उन्होंने बताया कि आरोपी को जमानत बॉन्ड के रूप में एक लाख रुपये जमा करने और सबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं करने या गवाहों को प्रभावित नहीं करने का भी निर्देश दिया गया। अदालत ने पटेल को सात दिनों के भीतर अपना पासपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया और उन्हें ट्रायल कोर्ट में सुनवाई के लिए मौजूद रहने का निर्देश दिया।
आरोपी ने जमानत के लिए शीर्ष अदालत का किया था रुख
सुप्रीम कोर्ट ने 22 मार्च को जयसुख पटेल को सख्त जमानत शर्तों पर रिहा करने का आदेश दिया, जिसका फैसला ट्रायल कोर्ट करेगी। पिछले दिसंबर में गुजरात हाईकोर्ट द्वारा उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज करने के बाद जयसुख पटेल ने शीर्ष अदालत का रुख किया था।
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कड़े नियम-शर्तों के साथ दी गई आरोपी को जमानत
इस मामले के मुख्य आरोपी जयसुख पटेल को प्रधान सत्र न्यायालय न्यायाधीश पीसी जोशी के आदेश पर मोरबी उप-जेल से रिहा कर दिया गया था, कुछ दिनों बाद सुप्रीम कोर्ट ने उनकी नियमित जमानत याचिका की अनुमति दी और ट्रायल कोर्ट को उनके लिए कड़े नियम और शर्तें तय करने का निर्देश दिया। गौरतलब है कि गुजरात के मोरबी शहर में नदी पर बना मोरबी सस्पेंशन ब्रिज 30 अक्तूबर, 2022 को ढह गया, जिसमें 135 लोगों की मौत हो गई।
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नियमित जमानत पर रिहा करने के लिए सात शर्ते लगाईं
विशेष लोक अभियोजक विजय जानी ने कहा कि प्रधान सत्र न्यायाधीश पीसी जोशी की अदालत ने मंगलवार को मामले के मुख्य आरोपी जयसुख पटेल को नियमित जमानत पर रिहा करने के लिए सात शर्तें लगाईं हैं। उन्होंने कहा कि आरोपी को मुकदमे की समाप्ति तक मोरबी जिले से बाहर रहने और केवल मुकदमे की तारीखों पर जिले का दौरा करने का निर्देश दिया गया।
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सात दिनों के भीतर पासपोर्ट जमा करने के निर्देश
उन्होंने बताया कि आरोपी को जमानत बॉन्ड के रूप में एक लाख रुपये जमा करने और सबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं करने या गवाहों को प्रभावित नहीं करने का भी निर्देश दिया गया। अदालत ने पटेल को सात दिनों के भीतर अपना पासपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया और उन्हें ट्रायल कोर्ट में सुनवाई के लिए मौजूद रहने का निर्देश दिया।
आरोपी ने जमानत के लिए शीर्ष अदालत का किया था रुख
सुप्रीम कोर्ट ने 22 मार्च को जयसुख पटेल को सख्त जमानत शर्तों पर रिहा करने का आदेश दिया, जिसका फैसला ट्रायल कोर्ट करेगी। पिछले दिसंबर में गुजरात हाईकोर्ट द्वारा उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज करने के बाद जयसुख पटेल ने शीर्ष अदालत का रुख किया था।