फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Monsoon rain Himalayan states Landslides floods havoc from valley to Northeast jk death toll rises IMD warns

पहाड़ी राज्यों में मानसून का कहर: घाटी से पूर्वोत्तर तक भूस्खलन-बाढ़ ने मचाई तबाही, जम्मू-कश्मीर में 23 की मौत

Mon, 20 Jul 2026 08:34 PM IST
Devesh Tripathi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Devesh Tripathi Updated Mon, 20 Jul 2026 08:34 PM IST
सार

देश के कई राज्यों में मानसून ने फिर जोर पकड़ लिया है, जिससे बाढ़, भूस्खलन और जलभराव की स्थिति गंभीर बनी हुई है। जम्मू-कश्मीर में बारिश से जुड़ी घटनाओं में मृतकों की संख्या 23 तक पहुंच गई, जबकि उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में सड़कें बंद होने तथा स्कूलों और चारधाम यात्रा पर असर पड़ा है। मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

विज्ञापन
Monsoon rain Himalayan states Landslides floods havoc from valley to Northeast jk death toll rises IMD warns
देशभर में भारी बारिश का कहर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ANI

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश, भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ के कारण सोमवार को बारिश से जुड़ी घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 23 हो गई। वहीं, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी मूसलाधार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
विज्ञापन


इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 20 और 21 जुलाई को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 20 जुलाई को उत्तराखंड, बिहार तथा असम-मेघालय में भी भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: सिक्किम: भूस्खलन से निर्माणाधीन सुरंग में फंसे 12 श्रमिक, प्रवेश द्वार मलबे से बंद; गैस रिसाव की आशंका
विज्ञापन
विज्ञापन


किन राज्यों में फिर से सक्रिय हुआ मानसून?  
मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार से पांच दिनों तक उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में मानसून सक्रिय बना रहेगा। आईएमडी ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कमजोर पड़ने और उत्तर भारत में मानसूनी धाराओं के मजबूत होने के कारण मानसून फिर सक्रिय हुआ है।

जम्मू-कश्मीर सबसे प्रभावित राज्य
सबसे अधिक प्रभावित जम्मू-कश्मीर रहा, जहां जम्मू संभाग में बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक महिला और उसके दो बच्चे भी शामिल हैं। पिछले दो दिनों में राज्य में बारिश से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है।

अधिकारियों के अनुसार, पुंछ और राजौरी के बाढ़ प्रभावित इलाकों में सात लोग अब भी लापता हैं। लगातार बारिश के कारण दिन में राहत और बचाव कार्य प्रभावित रहा। हालांकि मौसम में कुछ सुधार होने पर अभियान तेज किया गया, लेकिन देर शाम तक लापता लोगों का कोई पता नहीं चल सका।

किन जिलों में भूस्खलन और बाढ़ का दिखा असर?
पुंछ जिले के लोरान के ऊपरी इलाके में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन से मिट्टी का मकान ढह गया। इस हादसे में एक महिला और उसके दो बच्चों समेत सात लोग मलबे में दबकर मौत का शिकार हो गए। अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-किश्तवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग भी बंद रहा। मार्ग पर चट्टानें गिरने से दो निजी वाहन इसकी चपेट में आए, हालांकि उनमें सवार सभी लोग सुरक्षित बच गए।

पुंछ और राजौरी के सीमावर्ती जिलों में सोमवार तड़के करीब तीन बजे से शुरू हुई बारिश लगातार जारी रही, जिससे प्रभावित इलाकों में राहत और खोज अभियान चलाने में मुश्किलें आईं। उफनते नाले, फिसलन भरी जमीन और कम दृश्यता के कारण बचाव दलों को लापता लोगों की तलाश में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

नगालैंड में सरकारी स्कूल की इमारत भूस्खलन से बुरी तरह क्षतिग्रस्त
नगालैंड में बारिश के बाद भूस्खलन से स्कूल की इमारत का एक बड़ा हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके चलते लिरमेन गांव के नोकलांगसांगबा सरकारी हाई स्कूल के 40 छात्रों के भविष्य पर अनिश्चितता छा गई है। शिक्षक इमलिमेरेन ने बताया कि रविवार को सुबह लगभग 11:30 बजे भूस्खलन शुरू हुआ। इसकी सूचना एक गैर-शिक्षण कर्मचारी ने दी, जिसने चर्च की प्रार्थना समाप्त होने से पहले जमीन को धंसते हुए देखा था। 

सोमवार सुबह तक, प्रभावित हिस्सा लगभग दो से तीन फीट तक धंस चुका था, और स्थिति और भी खराब हो गई थी। उनके अनुसार, स्कूल की इमारत का लगभग 60 से 70 प्रतिशत हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। प्रभावित ढांचे में छह से सात कक्षाएं, रसोई, कार्यालय और स्टाफ रूम शामिल हैं। जमीन धंसने के कारण दीवारों और फर्शों में दरारें आ गई हैं, जबकि गलियारे और नींव के कुछ हिस्से ढह गए हैं। यह घटना पिछले कई दिनों से लगातार भारी वर्षा के बाद नगालैंड भर में व्यापक मानसून संबंधी भूस्खलन और भूमि धंसने की घटनाओं के बीच घटी है।

उत्तराखंड में भी हालात खराब
उत्तराखंड में लगातार बारिश से हुए भूस्खलन के कारण करीब 150 सड़कें बंद हो गईं, जिनमें चार राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने सोमवार को चारधाम यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी। अधिकारियों ने कहा कि मार्ग सुरक्षित होने और हालात सामान्य होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी। बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र में सरयू नदी में एक आठ वर्षीय बच्चा बह गया।

मौसम विभाग ने सोमवार के लिए देहरादून, टिहरी और हरिद्वार जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का 'रेड अलर्ट' जारी किया है। राज्य के अन्य जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है। प्रशासन को चौबीसों घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। भारी बारिश की चेतावनी और विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए राज्य के सभी जिलों में कक्षा एक से 12 तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।

हिमाचल के कई जिलों में स्कूल बंद
हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग के रेड अलर्ट को देखते हुए कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों के सभी शिक्षण संस्थानों को 21 जुलाई को बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। मौसम विभाग ने सोमवार को चंबा, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों तथा मंगलवार को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, सोमवार शाम तक रुक-रुक कर हुई बारिश के कारण 36 सड़कें बंद थीं। इनमें मंडी जिले की 11 और चंबा जिले की 10 सड़कें शामिल हैं। इसके अलावा 43 पेयजल योजनाएं और पांच बिजली ट्रांसफार्मर भी प्रभावित हुए हैं। प्रदेश में 24 जुलाई तक व्यापक मानसूनी गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है।

यूपी के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
उत्तर प्रदेश के लिए भी आईएमडी ने रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई जिलों में "अत्यधिक भारी बारिश" की चेतावनी दी है। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार के लिए रेड अलर्ट जारी रहेगा, जबकि 21 से 25 जुलाई के बीच दक्षिणी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

असम में अगले पांच दिन भारी बारिश का अलर्ट
असम में अगले पांच दिनों में व्यापक बारिश होने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने राज्य के ज्यादातर हिस्सों में मध्यम बारिश का अनुमान लगाया है और कुछ जगहों पर भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। कुछ जगहों पर बिजली कड़कने के साथ आंधी-तूफान की भी संभावना है, इसलिए अधिकारियों ने लोगों खासकर निचले इलाकों में रहने वालों को सावधान रहने की सलाह दी है।

ये भी पढ़ें: क्या खुफिया इनपुट जुटाने में चूकी दिल्ली पुलिस?: संसद मार्च पर गृह मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट, देने होंगे इन सवालों के जवाब

भारी बारिश से गुवाहाटी बेहाल, असम के 12 जिलों में बाढ़
असम में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है। राज्य के 12 जिलों में 1.70 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। वहीं, सोमवार सुबह हुई मूसलधार बारिश से राजधानी गुवाहाटी के कई हिस्से जलमग्न हो गए, जिससे यातायात और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। 


असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार, विश्वनाथ, कछार, चराइदेव, धेमाजी, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, जोरहाट, कार्बी आंगलोंग, लखीमपुर, शिवसागर, तिनसुकिया और उदालगुड़ी जिलों के 30 राजस्व मंडलों के 580 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। कुल 1,70,327 लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि 10,362.9 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। सोमवार सुबह जारी बुलेटिन के अनुसार, बाढ़ से किसी नई मौत की सूचना नहीं है।

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, ब्रह्मपुत्र (नीमातीघाट), बुढ़ीदिहिंग (खोवांग), दिखौ (शिवसागर), दिसांग (नंगलामुराघाट) और धनसिरी (नुमालीगढ़) नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में भी कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में निचले क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है।

सिक्किम में ढही निर्माणाधीन सड़क सुरंग, 12 श्रमिक फंसे
सिक्किम के नामची जिले में सोमवार को एक बड़ा हादसा हो गया। भूस्खलन के कारण निर्माणाधीन समरदुंग सड़क सुरंग का प्रवेश द्वार मलबे से बंद हो गया और उसके भीतर काम कर रहे कम से कम 12 श्रमिक फंस गए। स्थिति उस समय और गंभीर हो गई, जब सुरंग के भीतर प्राकृतिक गैस रिसाव की आशंका सामने आई। गैस की मौजूदगी के कारण राहत और बचाव अभियान में अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है। प्रशासन ने मौके पर कई एजेंसियों की टीमों को तैनात कर युद्धस्तर पर बचाव अभियान शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed