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Monsoon: मुंबई में धीमी पड़ी मानसून की गति, अब फिर पकड़ेगा रफ्तार; उत्तर भारत में भी गर्मी से मिलेगी राहत
Wed, 19 Jun 2024 02:25 PM IST
मेघा झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: मेघा झा
Updated Wed, 19 Jun 2024 02:25 PM IST
सार
भीषण गर्मी से राहत के लिए अब लोग मानसून आने का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि दक्षिण-पश्चिम मानसून मुंबई में प्रवेश किया था, लेकिन वह धीमा पड़ गया था। हालांकि मौसम विभाग की माने तो अब यह मानसून वापस से रफ्तार पकड़ रहा है। 21-22 जून तक इसके आगे बढ़ने की पूरी उम्मीद है।
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मानसून प्रतीकात्मक
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल
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विस्तार
पूरा उत्तर भारत गर्मी की मार झेल रहा है। भीषण गर्मी और पानी की किल्लत से लोग बहुत परेशान हैं। हालांकि बीच-बीच में उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बारिश के चलते राहत मिली थी, लेकिन फिर मौसम ने करवट बदल ली। दक्षिण पश्चिम मानसून कुछ समय पहले मुंबई पहुंचा था। लेकिन वह धीमा पड़ गया। 21-22 जून तक इसके आगे बढ़ने की पूरी उम्मीद है।
बुधवार को भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारी ने बताया कि धीमा पड़ गया मानसून 21-22 जून तक वापस गति पकड़ सकता है। इसके आगे बढ़ने की उम्मीद है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान विभाग, मुंबई के प्रमुख सुनील कांबले ने कहा, "मुंबई में दस्तक देने के बाद मानसून की गतिविधि कमजोर थी, लेकिन यह धीरे-धीरे मध्यम हो रही है। यह 21-22 जून तक मजबूत होगा और तटीय महाराष्ट्र में अच्छी बारिश होने की संभावना है। मराठवाड़ा सहित मध्य महाराष्ट्र में इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश होगी।"
बता दें कि बुधवार सुबह मुंबई के कई हिस्सों में बारिश हुई, लेकिन यह भीषण गर्मी से राहत देने के लिए पर्याप्त नहीं थी। उन्होंने बताया कि मानसून अपने सामान्य समय से दो दिन पहले 9 जून को मुंबई पहुंचा। तब से इसमें बहुत कम प्रगति हुई है और यह अभी भी उत्तरी महाराष्ट्र और विदर्भ के कुछ हिस्सों तक नहीं पहुंच सका।
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दरअसल जून और जुलाई को कृषि के लिए सबसे महत्वपूर्ण मानसून महीने माना जाता है क्योंकि खरीफ फसल की अधिकांश बुवाई इसी अवधि के दौरान होती है। 1 जून को मानसून की अवधि शुरू होने के बाद से भारत में 20 प्रतिशत कम बारिश हुई है। 12 से 18 जून के बीच बारिश नहीं हुई। मंगलवार को आईएमडी ने कहा कि जून में सामान्य से कम बारिश होगी।
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बुधवार को भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारी ने बताया कि धीमा पड़ गया मानसून 21-22 जून तक वापस गति पकड़ सकता है। इसके आगे बढ़ने की उम्मीद है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान विभाग, मुंबई के प्रमुख सुनील कांबले ने कहा, "मुंबई में दस्तक देने के बाद मानसून की गतिविधि कमजोर थी, लेकिन यह धीरे-धीरे मध्यम हो रही है। यह 21-22 जून तक मजबूत होगा और तटीय महाराष्ट्र में अच्छी बारिश होने की संभावना है। मराठवाड़ा सहित मध्य महाराष्ट्र में इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश होगी।"
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बता दें कि बुधवार सुबह मुंबई के कई हिस्सों में बारिश हुई, लेकिन यह भीषण गर्मी से राहत देने के लिए पर्याप्त नहीं थी। उन्होंने बताया कि मानसून अपने सामान्य समय से दो दिन पहले 9 जून को मुंबई पहुंचा। तब से इसमें बहुत कम प्रगति हुई है और यह अभी भी उत्तरी महाराष्ट्र और विदर्भ के कुछ हिस्सों तक नहीं पहुंच सका।
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दरअसल जून और जुलाई को कृषि के लिए सबसे महत्वपूर्ण मानसून महीने माना जाता है क्योंकि खरीफ फसल की अधिकांश बुवाई इसी अवधि के दौरान होती है। 1 जून को मानसून की अवधि शुरू होने के बाद से भारत में 20 प्रतिशत कम बारिश हुई है। 12 से 18 जून के बीच बारिश नहीं हुई। मंगलवार को आईएमडी ने कहा कि जून में सामान्य से कम बारिश होगी।