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Monsoon: बंगाल की खाड़ी और अंडमान-निकोबार की तरफ बढ़ा मानसून, चार दिन की देरी से केरल में देगा दस्तक

Fri, 19 May 2023 05:23 PM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Fri, 19 May 2023 05:23 PM IST
सार

विभाग ने बताया कि दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान और निकोबार के कुछ और हिस्सों में अगले तीन-चार दिनों तक मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून अब चार जुलाई को केरल में प्रवेश करेगा।

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Monsoon advances towards Bay of Bengal and Andaman-Nicobar will knock in Kerala after delay of four days
मानसून के आने की संभावना। - फोटो : istock

विस्तार

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दक्षिण-पश्चिमी मानसून बंगाल की खाड़ी, निकोबार द्वीप समूह और दक्षिण अंडमान सागर के कुछ हिस्सों की ओर बढ़ गया है। मौसम विभाग का कहना है कि केरल में एक जून को मानसून का दस्तक प्रस्तावित था। लेकिन अब इसमें थोड़ी देरी हो सकती है। 

विभाग ने बताया कि दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान और निकोबार के कुछ और हिस्सों में अगले तीन-चार दिनों तक मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून अब चार जुलाई को केरल में प्रवेश करेगा। भारत एक कृषि प्रधान देश है। इसके लिए मानसून बेहद आवश्यक है। भारत की जीडीपी में 15 प्रतिशत योगदान कृषि क्षेत्र का है। मानसून खेतों में पानी और फसलों को हरा-भरा करने के साथ-साथ जलाशयों और भूजल स्तर को भी रिचार्ज करने में मदद करता है। 

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जानिए, पिछले साल कब-कब आया था मानसून

  1. 29 मई 2021
  2. 3 जून 2020 
  3. 1 जून 2019 
  4. 29 मई 2018

एसएएससीओएफ ने मानसून को लेकर जताई यह संभावना
साउथ एशियन सीजनल क्लाइमेट आउटलुक फोरम (एसएएससीओएफ) के अनुसार मानसून के दौरान भारत की लगभग 18.6 प्रतिशत आबादी को सामान्य से कम बारिश का सामना करना पड़ सकता है। बीते सालों के डेटा का विश्लेषण करके और वर्तमान जलवायु स्थितियों की निगरानी लके बाद एसएएससीओएफ ने यह संभावना व्यक्त की है। 

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उत्तर भारत में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना
साउथ एशियन सीजनल क्लाइमेट आउटलुक फोरम (एसएएससीओएफ) ने अपने विश्लेषण के आधार पर संभावना जताई थी कि उत्तर भारत में सामान्य से कम बारिश होने की 52 प्रतिशत संभावना है। वहीं, देश के मध्य भागों में सामान्य से कम वर्षा की 40 प्रतिशत संभावना है। एसएएससीओएफ ने यह भी कहा था कि भारत में कुल 12.7 प्रतिशत लोगों को सामान्य से अधिक बारिश का सामना करना पड़ सकता है।

दक्षिणी और पूर्वी भागों में सामान्य से ज्यादा बारिश की संभावना
एसएएससीओएफ ने भारत के दक्षिणी और पूर्वी भागों में मानसून के दौरान की वर्षा को लेकर भी संभावना जताई है। एसएएससीओएफ ने कहा है कि देश के इन भागों में सामान्य से अधिक बारिश होने का 50 प्रतिशत अनुमान है।

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