Cash-For-Query Case: लोकसभा की आचार-समिति की बैठक से पहले मोइत्रा-दुबे में नोकझोंक, TMC सांसद ने लगाया यह आरोप
Cash-For-Query Case: टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने मंगलवार को दावा किया कि लोकसभा की आचार समिति की बैठक कांग्रेस के एक सदस्य को कार्यवाही से दूर रखने और रिपोर्ट को बहुमत से स्वीकार करने के लिए स्थगित की गई है।
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तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की नेता महुआ मोइत्रा ने मंगलवार को दावा किया कि लोकसभा की आचार समिति की बैठक कांग्रेस के एक सदस्य को कार्यवाही से दूर रखने और रिपोर्ट को बहुमत से स्वीकार करने के लिए स्थगित की गई है। इस पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
भाजपा सांसद विनोद कुमार सोनकर की अध्यक्षता वाली लोकसभा की आचार समिति की मंगलवार को बैठक होनी थी, जिसमें मोइत्रा के खिलाफ 'सवाल के बदले नकदी' के आरोपों पर मसौदा रिपोर्ट पर विचार किया जाना था। बैठक अब नौ नवंबर तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
मोइत्रा ने दावा किया कि समिति की कोई मसौदा रिपोर्ट सदस्यों को वितरित नहीं की गई और भाजपा नेता बहुमत से रिपोर्ट को स्वीकार करने के लिए अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सहयोगियों से संपर्क कर रहे हैं। वहीं, दुबे ने तृणमूल सांसद पर निशाना साधते हुए कहा कि यह उनका दोषी विवेक है जो उन्हें संसदीय समिति की कार्यवाही के बारे में चिंतित कर रहा है।
मोइत्रा ने एक्स पर अपने एक पोस्ट में लिखा, 'कोई मसौदा रिपोर्ट वितरित नहीं की गई है, जैसा कि मानदंड है। लेकिन इसे नौ नवंबर को 'अपनाया' जाएगा। कांग्रेस सांसद के नामांकन की तारीख से टकराव के कारण बैठक स्थगित कर दी गई, ताकि वह न आ सकें। भाजपा ने सहयोगियों से बहुमत के जरिए उपस्थिति सुनिश्चित करने का आह्वान किया। मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष के लिए चार्टर्ड फ्लाइट उड़ान भरेगी। अदाणी और मोदी कितने डरे हुए हैं।'
आचार समिति के सदस्य और कांग्रेस के लोकसभा सदस्य उत्तम कुमार रेड्डी आगामी तेलंगाना विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। दुबे ने एक्स पर लिखा, आचार समिति में कौन शामिल होगा, इस बारे में डरने की क्या बात है? या क्या पेपर प्रसारित किया गया था? रिपोर्ट में क्या है? क्या यह डर को दिखाता है या हमें यह कहना चाहिए कि अपराध विवेक मन को चुभता है? धैर्य रखना चाहिए।
विपक्षी सदस्यों द्वारा समिति को असहमति नोट सौंपने की उम्मीद है। कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि पार्टी के सदस्य एन उत्तम कुमार रेड्डी और वी वैद्यलिंगम असहमति नोट सौंपेंगे। बसपा सदस्य कुंवर दानिश अली भी अपना असहमति नोट सौंपने के लिए तैयार हैं। 15 सदस्यीय समिति में भाजपा के सात, कांग्रेस के तीन और बसपा, शिवसेना, वाईएसआरसीपी, माकपा और जदयू के एक-एक सदस्य हैं।