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तहरीक-ए-हुर्रियत के अध्यक्ष बने मोहम्मद अशरफ सहराई
भाषा,श्रीनगर
Updated Mon, 20 Aug 2018 01:31 PM IST
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Mohammad Ashraf Saharai
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मोहम्मद अशरफ सहराई को तीन साल के लिए जम्मू-कश्मीर तहरीक-ए-हुर्रियत का अध्यक्ष चुना गया है। पार्टी के एक प्रवक्ता ने आज यह जानकारी दी। इससे पहले पार्टी का नेतृत्व सैयद अली शाह गिलानी करते थे।
इस साल मार्च में गिलानी के संगठन का अध्यक्ष पद छोड़ने के बाद हुए पहले चुनावों में सहराई को भारी बहुमत हासिल हुआ। संगठन के एक प्रवक्ता ने आज बताया, “चुनाव कल तहरीक-ए-हुर्रियत के मुख्यालय में आयोजित हुए थे और सहराई को 433 में से 410 मत हासिल हुए। यह पहली बार है जब सहराई ने चुनाव में हिस्सा लिया।”
प्रवक्ता ने बताया कि खराब सेहत और नजरबंदी का हवाला देकर गिलानी के पद छोड़ने के बाद 19 मार्च को पार्टी की कार्यकारी परिषद ने सहराई को संगठनात्मक चुनावों तक अंतरिम अध्यक्ष बनाया था। हुर्रियत कान्फ्रेंस में 2003 में टूट पड़ने के बाद अलगाववादी पार्टी का गठन होने के बाद से गिलानी 15 सालों तक इस पद पर काबिज रहे।
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हालांकि वह हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के अपने धड़े के प्रमुख पद पर अब भी बने हुए हैं। मार्च में सहराई को संगठन का अंतरिम अध्यक्ष बनाने के फौरन बाद उनका बेटा जुनैद अशरफ आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हो गया था।
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इस साल मार्च में गिलानी के संगठन का अध्यक्ष पद छोड़ने के बाद हुए पहले चुनावों में सहराई को भारी बहुमत हासिल हुआ। संगठन के एक प्रवक्ता ने आज बताया, “चुनाव कल तहरीक-ए-हुर्रियत के मुख्यालय में आयोजित हुए थे और सहराई को 433 में से 410 मत हासिल हुए। यह पहली बार है जब सहराई ने चुनाव में हिस्सा लिया।”
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प्रवक्ता ने बताया कि खराब सेहत और नजरबंदी का हवाला देकर गिलानी के पद छोड़ने के बाद 19 मार्च को पार्टी की कार्यकारी परिषद ने सहराई को संगठनात्मक चुनावों तक अंतरिम अध्यक्ष बनाया था। हुर्रियत कान्फ्रेंस में 2003 में टूट पड़ने के बाद अलगाववादी पार्टी का गठन होने के बाद से गिलानी 15 सालों तक इस पद पर काबिज रहे।
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हालांकि वह हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के अपने धड़े के प्रमुख पद पर अब भी बने हुए हैं। मार्च में सहराई को संगठन का अंतरिम अध्यक्ष बनाने के फौरन बाद उनका बेटा जुनैद अशरफ आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हो गया था।