फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Modi visit usa: know about five key factor of Modi-trump friendship

अमेरिका में गले मिले पीएम मोदी और ट्रंप, दुनिया को मिले ये 5 मैसेज

Tue, 27 Jun 2017 03:07 PM IST
amarujala.com- Written by : हरेन्द्र सिंह मोरल
amarujala.com- Written by : हरेन्द्र सिंह मोरल Updated Tue, 27 Jun 2017 03:07 PM IST
विज्ञापन
Modi visit usa: know about five key factor of Modi-trump friendship
ट्रंप से गले मिले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हाइप्रोफाइल अमेरिका यात्रा में आखिर वो पल भी आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से उनकी मुलाकात हुई। दोनों ने एक साझा प्रेस कान्फ्रेंस को संबोधित किया और उसके बाद विश्व के दो बड़े नेता एक दूसरे के गले मिले। इस दौरान मोदी और ट्रंप के बीच जैसी गर्मजोशी दिखी उसने कुछ लोगों को हैरान भी कर दिया, खासकर उन्हें जो अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के मूड को लेकर हमेशा असमंजस में रहते हैं। जिन्‍हें नहीं लगता की ट्रंप किसी के साथ इतनी आत्मीयता के साथ मेल मिलाप भी कर सकते हैं।

विज्ञापन


लेकिन मोदी से मुलाकात के दौरान ट्रंप का रुख पूरी तरह बदला रहा, वह वो ट्रंप नहीं दिखे जिन्होंने कुछ दिन पहले ही पेरिस पर्यावरण समझौते से यह कहकर अपने कदम पीछे खींच लिए थे कि इससे भारत जैसे देशों को अमेरिका से ज्यादा पैसे ऐंठने का मौका मिलेगा।
विज्ञापन


मोदी से मुलाकात में वह पूरी तरह तरह बदले-बदले नजर आए, हालांकि अभी भी उनके रुख और इरादों को लेकर स्पष्ट तौर पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा, लेकिन इतना तो कहा ही जा सकता है कि मोदी और भारत के प्रति डोनाल्ड ट्रंप कुछ उत्साहित तो हैं, चाहे वो भारत से व्यापार का मामला हो या  सामरिक साझेदारी का या फिर अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर कदम मिलाकर साथ चलने का। मोदी और ट्रंप के बीच की इस कैमिस्ट्री से दुनिया को मिले पांच संदेशों पर डालते हैं एक निगाह। 

विज्ञापन
विज्ञापन

आतंकवाद पर भारत-अमेरिका एक साथ

Modi visit usa: know about five key factor of Modi-trump friendship

मोदी के अमेरिका दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच एक मुद्दे को लेकर आम सहमति रही, वो ‌है कट्टर इस्लामिक आतंकवाद। जिसके खात्मे के लिए दोनों नेताओं ने एक साथ आगे बढ़ने का संकल्प भी लिया। इसका असर भी उस समय देखने को मिला जब अमेरिका ने ट्रंप मोदी मुलाकात से पहले ही हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर सैयद सलाउद्दीन को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित कर दिया। इसी के साथ ही सलाउद्दीन के खिलाफ कमान कसने की तैयारी शुरू हो गई। वहीं दोनों देशों ने आतंकियों के ठिकाने पर एक साथ वार करने की योजना पर भी हामी भरी। इसी कड़ी में दोनों देश जापान के साथ मिलकर सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास करेंगे।

व्यापार बढ़ाने को लेकर दोनों नेता उत्साहित
डोनाल्ड ट्रंप की पहचान मूलरूप से एक उद्योगपति के तौर पर है, जो व्यापार में फायदा पहुंचाने वालों को अच्छी तरह से पहचानता है। ऐसे में साफ है कि ट्रंप की निगाहें मोदी और भारत दोनों पर जमी हुई हैं। ट्रंप को भारत अमेरिका के ‌लिए एक बड़े बाजार के रूप में नजर आ रहा है, ऐसे में साफ है कि आने वाले कुछ सालों तक अमेरिका भारत का अहम सहयोगी रहेगा। ट्रंप बिल्कुल नहीं चाहेंगे कि भारत उनसे छिटककर चीन या अन्य देशों के निकट जाए।

चीन जैसे देशों को कड़ा संदेश

Modi visit usa: know about five key factor of Modi-trump friendship

मोदी के अमेरिका दौरे से पहले ही जिस तरह ट्रंप ने उन्हें और भारत को अपना सच्चा दोस्त बताया उसका संदेश साफ था कि वह भारत को किस नजर‌िए से देखते हैं। खासकर चीन के लिए यह बड़ा संदेश है, जो दक्षिण एशिया में अपनी बादशाहत कायम करने में जुटा है। यही कारण है कि ट्रंप के सच्चे दोस्त वाले ट्वीट पर चीन से ही कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिली। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि भारत को सच्चा दोस्त बताकर अमेरिका चीन पर निशाना साध रहा है।

रिश्तों की कैमिस्ट्री हुई मजबूत
मोदी और ट्रंप के बीच जिस तरह गर्मजोशी से मुलाकात हुई उससे दोनों नेताओं के बीच रिश्तों की नई केमिस्ट्री देखने को भी मिली। प्रेस कान्फ्रेंस के बाद दोनों नेता जिस गर्मजोशी से एक दूसरे के गले मिले उससे इस बात का एहसास जरूर हुआ कि रिश्तों की यह डोर पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा जहां छोड़कर गए थे वहीं से ट्रंप ने उसे अपने हाथों में उठा लिया है। भारत को "सच्चा दोस्त" कहना और मोदी के न्यौते पर तुरंत भारत आने का निमंत्रण स्वीकार करना यही दर्शाता है।

अफगानिस्तान पर भारत के रुख को सराहा
आतंकवाद से जूझ रहे अफगानिस्तान का भारत ने जिस तरह से सहयोग किया है उसे अमेरिका ने भी काफी सराहा है। हालांकि पाकिस्तान हमेशा से इस रिश्ते पर निशाना साधता रहा है, पाक का तो यहां तक कहना है कि अफगानिस्तान का उपयोग भारत उसके देश में आतंक फैलाने के लिए करता है लेकिन अफगानिस्तान हमेशा से इसका कड़ा विरोध करता रहा है। अफगानिस्तान तो अपने देश सहित पूरी दुनिया में आतंकवाद के लिए पाकिस्तान को ही जिम्मेदार ठहराता है। इन दोनों मुद्दों पर ही अमेरिका ने भारत का समर्थन किया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed