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मिशन 2019 : भाजपा शासित मुख्यमंत्रियों की बैठक जारी, तीन राज्यों के लिए अलग से बन रही रणनीति

Tue, 28 Aug 2018 10:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Updated Tue, 28 Aug 2018 10:35 AM IST
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modi-shah will take class of bjp ruled cm's

भाजपा ने अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव और इस साल के अंत तक मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कमर कसते हुए आज अपनी तैयारियों एवं संगठनात्मक स्थिति पर अपने शासन वाले राज्यों के मुख्यमंत्रियों एवं शीर्ष नेतृत्व के साथ मंथन शुरू किया। भाजपा मुख्यालय में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने बैठक की शुरूआत की जिसमें भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री हिस्सा ले रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दोपहर बाद इस बैठक में शामिल होंगे।

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पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने अपने ट्वीट में कहा कि दिनभर चलने वाली मुख्यमंत्रियों की परिषद की बैठक का उद्घाटन किया जिसमें पार्टी मुख्यालय में भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री हिस्सा ले रहे हैं।
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मझा जाता है कि इस बैठक में 2019 के चुनाव की रणनीति पर चर्चा होगी। देश के अलग-अलग राज्यों में आगामी लोकसभा चुनाव एवं उससे पहले कुछ राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के प्रचार अभियान को लेकर रूपरेखा का निर्धारण भी किया जा सकता है। सूत्रों ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देने के साथ बैठक की शुरुआत की। 

बैठक में अलग-अलग सत्र में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इनमें 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में प्रचार अभियान की रणनीति, राजग गठबंधन, संगठन स्तर पर कामकाज समेत केंद्रीय योजनाओं को राज्यवार और प्रभावी तरीके से क्रियान्वित कराने की रणनीति पर मंथन किया जा सकता है । इसके बाद शाम को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सभी मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों को अलग-अलग विषयों पर संबोधित कर सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी पार्टी नेताओं से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रचार प्रचार जनता के बीच करने पर जोर देते रहे हैं।


दलित-ओबीसी को साधने की रणनीति 

संसद के मानसून सत्र में सरकार ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देने और एससी-एसटी एक्ट को इसके मूल स्वरूप में लागू करने संबंधी बिल पारित कराने में कामयाब रही है। भाजपा की योजना अब सभी राज्यों में ओबीसी और दलितों के बीच इस फैसले का व्यापक प्रचार-प्रचार करने की है। बैठक में इन दो बिलों का श्रेय लेने की व्यापक रणनीति तैयार की जाएगी। बैठक में इस संबंध में आगे की कार्ययोजना पर भी मुहर लगने की संभावना है। 

लोकसभा से पहले इस साल होने वाला विधानसभा चुनाव राज्य के सियासी मिजाज को तय करेगा। लेकिन राज्य में हुए उपचुनाव के नतीजों को देखें तो पिछले नतीजे को दोहराना बीजेपी के लिए एक बड़ी चुनौती है। 2019 में पीएम मोदी की वापसी की उम्मीदों भरे राज्य में मध्य प्रदेश का नाम भी आता है। शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ जिस तरह से सत्ता विरोधी लहर दिख रही है।

2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी को देश की सत्ता के सिंहासन तक पहुंचाने में राजस्थान की अहम भूमिका रही है। राज्य की कुल 25 लोकसभा सीटें हैं, बीजेपी ने विपक्ष का सफाया करते हुए 25 की 25 सभी सीटें जीतने में कामयाब रही थी। हालांकि बाद में अजमेर और अलवर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बीजेपी को कांग्रेस के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा था। इस तरह से बीजेपी के पास फिलहाल 23 सीटें बची है।

 
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