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पूरी आबादी नहीं, सिर्फ 30 करोड़ लोगों को मुफ्त वैक्सीन लगाएगी मोदी सरकार
Sat, 02 Jan 2021 09:35 AM IST
कुमार संभव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार संभव
Updated Sat, 02 Jan 2021 09:35 AM IST
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भारत में कोरोना वैक्सीन
- फोटो : iStock
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देश में आज से कोविड टीकाकरण का ड्राई रन शुरू हो रहा है, लेकिन इस बीच खुलासा हुआ है कि मोदी सरकार सिर्फ 30 करोड़ लोगों को ही मुफ्त में वैक्सीन लगाएगी। देश की पूरी आबादी के लिए फिलहाल सरकार के पास कोई प्लान नहीं है। यह जानकारी नीति आयोग के सदस्य और राष्ट्रीय कोविड-19 टास्क फोर्स के प्रमुख डॉ. विनोद पॉल ने एक मीडिया इंटरव्यू में दी। उनका कहना है कि सरकार प्राथमिकता समूह में से 30 करोड़ लोगों के टीकाकरण की लागत वहन करेगी, न कि पूरी आबादी की।
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डॉ. पॉल ने दी यह जानकारी
डॉ. विनोद पॉल ने बताया कि अगले छह से आठ महीनों में पहले चरण के तहत प्राथमिकता के आधार पर फ्रंटलाइन वर्कर्स और गंभीर रूप से बीमार लोगों को टीका लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि कोविड टास्क फोर्स कोरोना वायरस से मौत की दर कम से कम करना चाहती है। इसके तहत हम अत्यधिक गंभीर लोगों को टीकाकरण के लिए चुनेंगे।
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इंटरव्यू में क्या बोले डॉ. विनोद?
एक मीडिया कंपनी को दिए इंटरव्यू में डॉ. विनोद पॉल ने कहा कि देश में 30 करोड़ लोगों को कोविड-19 का टीका लगाया जाएगा। हालांकि, सरकार प्राथमिकता वाले अन्य समूहों के टीकाकरण की तैयारी भी कर रही है। उन्होंने बताया कि कोविड टीकाकरण के लिए 29 हजार वैक्सीनेशन पॉइंट्स बनाए गए हैं, जिनमें 31 टीकाकरण हब भी जोड़े गए हैं। डॉ. पॉल के मुताबिक, सरकार ने 30 करोड़ लोगों का प्राथमिक समूह तैयार कर लिया है, जिनके टीकाकरण का खर्च सरकार उठाएगी। फिलहाल, सरकार का लक्ष्य हर हाल में कोरोना वायरस का संक्रमण रोकना है।
इस वैक्सीन को मिली है इजाजत
गौरतलब है कि देश के ड्रग रेगुलेटर ने एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा बनाई गई वैक्सीन को आपातकाल में उपयोग करने की इजाजत दे दी है। बता दें कि कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित अमेरिका में इस वैक्सीन को मंजूरी मिलने के बाद भारत ने यह फैसला किया।