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बच्चा चोरी की अफवाहों पर मोदी सरकार सख्त, राज्यों को दिए निर्देश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 05 Jul 2018 02:56 PM IST
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नरेंद्र मोदी
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सोशल मीडिया पर आजकल बच्चा चोरी की अफवाह के कारण भीड़ द्वारा पीटकर लोगों के मारे जाने की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसको लेकर मोदी सरकार एकदम सख्त हो गई है और राज्यों को निर्देश दिए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस तरह की अफवाहों और हत्याओं पर लगाम लगाने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बारे में पूछा है। गृह मंत्रालय ने उनसे अफवाहों की शुरुआती पहचान के लिए निगरानी रखने और प्रभावी उपाय करने के निर्देश दिए हैं।
गृह मंत्रालय ने कहा कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को जागरूकता पैदा करने और लोगों में आत्मविश्वास बनाने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने और कार्यक्रम आयोजित करने के लिए जिला प्रशासन को निर्देशित करने के लिए कहा गया है। मंत्रालय ने कहा कि प्रभावित लोगों के बीच आत्मविश्वास पैदा करने के लिए बाल अपहरण या अपहरण की शिकायतों की उचित जांच करने को भी राज्य सरकारों को निर्देश दिया है।
बता दें कि व्हाट्सअप पर बच्चा चोरी की अफवाहें काफी तेजी से फैल रही हैं। इन अफवाहों के चलते होने वाली दुर्भाग्यपूर्ण गतिविधियों का खामियाजा निर्दोष लोगों को भुगतना पड़ रहा है। इसी अफवाह की वजह से पिछले कुछ दिनों में देश के 30 निर्दोष लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा है।
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बच्चा चोरी के शक के मामले की शुरुआत झारखंड से हुई थी जब सात लोगों को भीड़ ने बच्चा चोर समझकर तब तक मारा जब तक वह मर नहीं गए। यह हमला उनपर तब हुआ जब सोशल मीडिया पर बच्चे को अपहरण करने वाले एक गैंग के मोहल्ले में आने की अफवाह फैली हुई थी। इसके बाद बच्चा चोर समझ निर्दोषों के मारे जाने सिलसिला ही चल पड़ा और एक के बाद एक 11 राज्यों से बच्चा चोरी के मामले में निर्दोष लोगों के मारे जाने की घटना सामने आई है।
महाराष्ट्र के धुले जिले से चौंकाने वाली खबर आई जहां ग्रामीणों ने बच्चा चोरी करने वाले गिरोह का सदस्य होने के संदेह में पांच लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी। धुले में साकरी तहसील के राइन पाड़ा गांव में 5 अनजान लोगों को संदिग्ध अवस्था में देख गांव वालों को शक हुआ कि ये बच्चा चोर हो सकते हैं। इसके बाद गांव वालों ने उन्हें पहले ईंट-पत्थर से मारा और फिर कमरे बंद कर बेरहमी से पीटा। कमरे में इतना मारा गया कि इसी जगह पर पांचों ने दम तोड़ दिया।
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गृह मंत्रालय ने कहा कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को जागरूकता पैदा करने और लोगों में आत्मविश्वास बनाने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने और कार्यक्रम आयोजित करने के लिए जिला प्रशासन को निर्देशित करने के लिए कहा गया है। मंत्रालय ने कहा कि प्रभावित लोगों के बीच आत्मविश्वास पैदा करने के लिए बाल अपहरण या अपहरण की शिकायतों की उचित जांच करने को भी राज्य सरकारों को निर्देश दिया है।
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बता दें कि व्हाट्सअप पर बच्चा चोरी की अफवाहें काफी तेजी से फैल रही हैं। इन अफवाहों के चलते होने वाली दुर्भाग्यपूर्ण गतिविधियों का खामियाजा निर्दोष लोगों को भुगतना पड़ रहा है। इसी अफवाह की वजह से पिछले कुछ दिनों में देश के 30 निर्दोष लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा है।
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बच्चा चोरी के शक के मामले की शुरुआत झारखंड से हुई थी जब सात लोगों को भीड़ ने बच्चा चोर समझकर तब तक मारा जब तक वह मर नहीं गए। यह हमला उनपर तब हुआ जब सोशल मीडिया पर बच्चे को अपहरण करने वाले एक गैंग के मोहल्ले में आने की अफवाह फैली हुई थी। इसके बाद बच्चा चोर समझ निर्दोषों के मारे जाने सिलसिला ही चल पड़ा और एक के बाद एक 11 राज्यों से बच्चा चोरी के मामले में निर्दोष लोगों के मारे जाने की घटना सामने आई है।
महाराष्ट्र के धुले जिले से चौंकाने वाली खबर आई जहां ग्रामीणों ने बच्चा चोरी करने वाले गिरोह का सदस्य होने के संदेह में पांच लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी। धुले में साकरी तहसील के राइन पाड़ा गांव में 5 अनजान लोगों को संदिग्ध अवस्था में देख गांव वालों को शक हुआ कि ये बच्चा चोर हो सकते हैं। इसके बाद गांव वालों ने उन्हें पहले ईंट-पत्थर से मारा और फिर कमरे बंद कर बेरहमी से पीटा। कमरे में इतना मारा गया कि इसी जगह पर पांचों ने दम तोड़ दिया।